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Kaithal News: पूंडरी में ज्यादा बढ़ रहे एचआईवी संक्रमित मामले
Thu, 09 Jan 2025 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 09 Jan 2025 02:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पिछले एक साल में एचआईवी संक्रमित मामले बढ़े हैं। अब जिले में 2800 से बढ़कर संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हजार से अधिक पर पहुंच गई। इस समय सबसे अधिक पूंडरी खंड में यह मामले बढ़ रहे हैं। वहीं, वर्ष 2017 से लेकर अब तक 242 मौतें भी हो चुकी हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या 18 साल से कम आयु वाले लोगों की है।
जिले में जहां वर्ष 2023 में 2800 मरीज सामने आए थे। वहीं, वर्ष 2024 में मरीजों की संख्या बढ़कर 3083 तक पहुंच गई है। इन मरीजों में 2360 मरीज सक्रिय हैं, जिनकी इस समय दवा अस्पताल से चल रही है। 18 साल से कम आयु के 84 मरीज हैं। यह बीमारी बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर चलाया जा रहा है। इसमें एचआईवी मरीजों को दवा दी जाती है। वहीं विभाग की तरफ से मरीजों को बीमारी से बचाव को लेकर जागरूक किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कैथल, गुहला, कलायत व पूंडरी में भी आईसीटी सेंटर बनाया गया है। एचआईवी का संक्रमित मरीज से दूसरे व्यक्ति के इसकी चपेट में आना, लगातार बढ़ रही नशे करना के सीरिंज का प्रयोग करने के साथ-साथ माता से शिशु के बीच संक्रमण फैलना है। मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग करता है। जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच हो रही है। पुष्टि होने के बाद नागरिक अस्पताल में खोले गए एआरटी सेंटर में मरीजों की काउंसलिंग कर दवाई दी जाती है।
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एचआईवी एड्स की बीमारी से बचाव के लिए जिला नागरिक अस्पताल में ओएसडी केंद्र बनाया गया है। यहां पहुंचकर कोई भी मरीज बीमारी का इलाज करवा सकता है। इससे बचाव के लिए विभाग लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मरीजों को निशुल्क दवाई दी जाती है। इस बीमारी के पीड़ित को 2250 रुपये की राशि भी आर्थिक सहायता के रूप में दी जाती है। वर्ष 2023 के मुकाबले वर्ष 2024 में मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिले में पहले 2800 के करीब मरीज थे, जो अब तीन हजार से पार हो गए हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए विभाग की तरफ से लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। -डॉ. सचिन मांडले, जिला चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
सांस रोगियों की होगी निगरानी, खांसी-जुकाम वाले लगाएंगे मास्क
कैथल। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के देश में दो रोगी मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क है। सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभाग को चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के बचाव के लिए सलाह भी जारी कर दी है। अब अस्पताल में आने वाले हर सांस रोगी की निगरानी होगी। खांसी जुकाम वाले मरीजों को मास्क लगाना होगा। यह वायरस श्वसन प्रक्रिया पर असर डालता है।
स्वास्थ्य विभाग इस वायरल के प्रभाव को देखते हुए अलग वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग को एचएमपीवी के प्रति अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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कैथल। जिले में पिछले एक साल में एचआईवी संक्रमित मामले बढ़े हैं। अब जिले में 2800 से बढ़कर संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हजार से अधिक पर पहुंच गई। इस समय सबसे अधिक पूंडरी खंड में यह मामले बढ़ रहे हैं। वहीं, वर्ष 2017 से लेकर अब तक 242 मौतें भी हो चुकी हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या 18 साल से कम आयु वाले लोगों की है।
जिले में जहां वर्ष 2023 में 2800 मरीज सामने आए थे। वहीं, वर्ष 2024 में मरीजों की संख्या बढ़कर 3083 तक पहुंच गई है। इन मरीजों में 2360 मरीज सक्रिय हैं, जिनकी इस समय दवा अस्पताल से चल रही है। 18 साल से कम आयु के 84 मरीज हैं। यह बीमारी बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर चलाया जा रहा है। इसमें एचआईवी मरीजों को दवा दी जाती है। वहीं विभाग की तरफ से मरीजों को बीमारी से बचाव को लेकर जागरूक किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कैथल, गुहला, कलायत व पूंडरी में भी आईसीटी सेंटर बनाया गया है। एचआईवी का संक्रमित मरीज से दूसरे व्यक्ति के इसकी चपेट में आना, लगातार बढ़ रही नशे करना के सीरिंज का प्रयोग करने के साथ-साथ माता से शिशु के बीच संक्रमण फैलना है। मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग करता है। जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच हो रही है। पुष्टि होने के बाद नागरिक अस्पताल में खोले गए एआरटी सेंटर में मरीजों की काउंसलिंग कर दवाई दी जाती है।
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एचआईवी एड्स की बीमारी से बचाव के लिए जिला नागरिक अस्पताल में ओएसडी केंद्र बनाया गया है। यहां पहुंचकर कोई भी मरीज बीमारी का इलाज करवा सकता है। इससे बचाव के लिए विभाग लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मरीजों को निशुल्क दवाई दी जाती है। इस बीमारी के पीड़ित को 2250 रुपये की राशि भी आर्थिक सहायता के रूप में दी जाती है। वर्ष 2023 के मुकाबले वर्ष 2024 में मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिले में पहले 2800 के करीब मरीज थे, जो अब तीन हजार से पार हो गए हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए विभाग की तरफ से लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। -डॉ. सचिन मांडले, जिला चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
सांस रोगियों की होगी निगरानी, खांसी-जुकाम वाले लगाएंगे मास्क
कैथल। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के देश में दो रोगी मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क है। सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभाग को चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के बचाव के लिए सलाह भी जारी कर दी है। अब अस्पताल में आने वाले हर सांस रोगी की निगरानी होगी। खांसी जुकाम वाले मरीजों को मास्क लगाना होगा। यह वायरस श्वसन प्रक्रिया पर असर डालता है।
स्वास्थ्य विभाग इस वायरल के प्रभाव को देखते हुए अलग वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग को एचएमपीवी के प्रति अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवाद