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Kaithal News: बास्केटबॉल में जिले का नाम रोशन कर रहे हिमांशु
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बासकेटबॉल प्रतियोगिता में प्रदर्शन करता हिमांशु।
कैथल। जिले के गांव टटियाना निवासी हिमांशु शर्मा बास्केटबॉल में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने खेल और नौकरी दोनों क्षेत्रों में अपनी मेहनत के दम पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। वर्तमान में वह भारतीय रेलवे में डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने सीनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में 6 बार भाग लेते हुए 12 पदक हासिल किए हैं।
हिमांशु शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा इंदिरा गांधी पब्लिक स्कूल से हुई जबकि उन्होंने आरकेएसडी कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की। उनके पिता कस्तूरी लाल हरियाणा पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में एक बहन सहित उनका छोटा सा परिवार है, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।
हिमांशु ने 10वीं कक्षा में कैथल के सरकारी स्कूल के बास्केटबॉल ग्राउंड से अपने खेल करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्हें कोच दर्शन कुमार और इंदरजीत डीपी का मार्गदर्शन मिला, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। 18 वर्ष की आयु में उन्होंने रेलवे विभाग (नॉर्दर्न रेलवे, नई दिल्ली) ज्वाइन किया और वहीं से अपने खेल करियर को नई दिशा दी। वर्तमान में वह रेलवे टीम दिल्ली के साथ कर्णैल सिंह स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका अभ्यास प्रतिदिन सुबह 2 से 3 घंटे और शाम को करीब 2 घंटे चलता है।
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हिमांशु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित सैफ गेम्स और बेल्जियम में वर्ल्ड रेलवे प्रतियोगिता में भाग लेकर देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्हें दो बार अमेरिका के फीनिक्स, एरिजोना में ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने का अवसर मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।इसके साथ ही जूनियर और यूथ नेशनल में भी उन्होंने 3-3 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। राज्य स्तर पर वह 20 से अधिक चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुके हैं। हिमांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और वरिष्ठ खिलाड़ियों को देते हैं। उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और गुरुओं का मार्गदर्शन ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है। संवाद
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हिमांशु शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा इंदिरा गांधी पब्लिक स्कूल से हुई जबकि उन्होंने आरकेएसडी कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की। उनके पिता कस्तूरी लाल हरियाणा पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में एक बहन सहित उनका छोटा सा परिवार है, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।
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हिमांशु ने 10वीं कक्षा में कैथल के सरकारी स्कूल के बास्केटबॉल ग्राउंड से अपने खेल करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्हें कोच दर्शन कुमार और इंदरजीत डीपी का मार्गदर्शन मिला, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। 18 वर्ष की आयु में उन्होंने रेलवे विभाग (नॉर्दर्न रेलवे, नई दिल्ली) ज्वाइन किया और वहीं से अपने खेल करियर को नई दिशा दी। वर्तमान में वह रेलवे टीम दिल्ली के साथ कर्णैल सिंह स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका अभ्यास प्रतिदिन सुबह 2 से 3 घंटे और शाम को करीब 2 घंटे चलता है।
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हिमांशु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित सैफ गेम्स और बेल्जियम में वर्ल्ड रेलवे प्रतियोगिता में भाग लेकर देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्हें दो बार अमेरिका के फीनिक्स, एरिजोना में ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने का अवसर मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।इसके साथ ही जूनियर और यूथ नेशनल में भी उन्होंने 3-3 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। राज्य स्तर पर वह 20 से अधिक चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुके हैं। हिमांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और वरिष्ठ खिलाड़ियों को देते हैं। उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और गुरुओं का मार्गदर्शन ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है। संवाद