फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Hepatitis B, C test kit not available

Kaithal News: हेपेटाइटिस बी, सी जांच की नहीं मिल रही किट

Mon, 01 Apr 2024 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 01 Apr 2024 01:06 AM IST
विज्ञापन
Hepatitis B, C test kit not available
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी के सैंपल देने वाले मरीजों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन अभी तक हेपेटाइटिस बी व सी के सैंपल की जांच जिले में शुरू नहीं हो सकी है।

यह जांच कलायत स्थित माड्यूलर लैब में शुरू किए जाने थे परंतु सैंपल किट न मिलने की स्थिति में सैंपलों की जांच शुरू नहीं हो सकी है। इन सैंपलों की स्थानीय स्तर पर जांच न होने की स्थिति में यहां आने वाले मरीजों को काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ता हैं। दरअसल, सैंपल की जांच दिल्ली व करनाल से होने के चलते रिपोर्ट आने में देरी होती है।
विज्ञापन


इस समय सैंपल की जांच की रिपोर्ट एक से डेढ़ महीने में आ रही है। दूसरा अब सैंपल देने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते एक सप्ताह में करीब 100 सैंपल पहुंच रहे है। जबकि इसके मुकाबले में महज 20 से 25 सैंपलों की जांच ही करनाल से हो पा रही है। इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट भी एक से डेढ़ महीने में आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


2014 से अब तक आ चुके 10 हजार से अधिक मरीज ः पूरे जिले में 2014 से लेकर अब तक 10 हजार से अधिक हेपेटाइटिस बी व सी के मरीज आ चुके हैं। इनमें से एक हजार से ज्यादा मरीजों की दवाई चल रही है। जिले के राजौंद व गुहला-चीका क्षेत्र में काला पीलिया के मरीज ज्यादा है।
ये हैं लक्षण
सिर में दर्द रहना, बुखार होना।

उल्टी आना और भूख कम लगना।

त्वचा में खुजली और थकान महसूस होना।
त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाना।
मल पीला और मूत्र गाढ़ा आना।
निजी लैब के साथ डेढ़ साल पहले खत्म हो चुका है अनुबंध
इस समय फतेहाबाद के बाद हेपेटाइटिस-सी के मरीजों की संख्या में कैथल जिला दूसरे नंबर पर है। जिले में 10 हजार से अधिक मामले में इस बीमारी के आ चुके हैं। हेपेटाइटिस-सी व बी की जांच को लेकर पहले अस्पताल के बाहर स्थित निजी लैब में होती थी, लेकिन डेढ़ साल पहले अनुबंध खत्म हो गया था। इसके बाद बीमारी की जांच कलायत के नागरिक अस्पताल में स्थित आरटीपीसीआर की माड्यूलर लैब में की गई थी, लेकिन सैंपल किट खत्म होने के बाद करनाल व दिल्ली की लैब में सैंपल भेजे जाने लगे। इससे लोगों की परेशानी ज्यादा बढ़ गई, क्योंकि रिपोर्ट मिलने में ज्यादा समय लगने लगा।

ऐसे बरतें सावधानी
जिस घर में काला पीलिया का मरीज है, वहां ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं जो लोग नशा करते हैं वे अपने साथियों के साथ एक ही सीरिंज का प्रयोग करते हैं। उन्हें भी सावधान होना होगा। इसलिए नशे से दूर रहकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। टैटू भी ऐसी दुकान से बनवाएं, जहां हर व्यक्ति के लिए अलग नीडल प्रयोग की जाती हो। दवा के साथ-साथ खाने-पीने का परहेज भी रखना जरूरी है।


कलायत स्थित माड्यूलर लैब में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के सैंपल की जांच शुरू की जानी थी, लेकिन अभी विभाग की ओर से किट नहीं मिली है। इस स्थिति में अभी भी करनाल से सैंपलों की जांच की जा रही है। कम सैंपलों की जांच होने के चलते मरीजों को कुछ इंतजार करना पड़ता है। इस कारण देरी से जांच रिपोर्ट आती है। इसको लेकर आला अधिकारियों से पत्राचार कर व्यवस्था बनाने की गुजारिश की जाएगी। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed