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H3N2 वेरिएंट: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग सतर्क, इन लक्षणों के होते ही डॉक्टर से लें सलाह
Sat, 11 Mar 2023 09:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Updated Sat, 11 Mar 2023 09:22 AM IST
सार
गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है। अभी लगातार मौसम बदल रहा है। इस स्थिति में पिछले 15 दिनों से जिला नागरिक अस्पताल में बुखार, खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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H3N2 वायरस
- फोटो : Self
विस्तार
बदलते मौसम में में स्वास्थ्य विभाग एच3एन2 वेरिएंट पर सतर्क है। इस फ्लूू के बढ़ने की आशंका के संभावित खतरे को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, सैंपलिंग बढ़ाने के लिए भी हिदायतें जारी की गई हैं।
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अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी
गौरतलब है कि अंदेशा जताई जा रही है कि वेरिएंट एच3एन2 तेजी से फैल सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को स्थिति संभालने के दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। दरअसल, इस समय गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है। अभी लगातार मौसम बदल रहा है। इस स्थिति में पिछले 15 दिनों से जिला नागरिक अस्पताल में बुखार, खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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इन लक्षणों का रखें ध्यान
इसके चलते ही फ्लू की आशंका है। सामान्य अस्पताल में इस समय भी प्रतिदिन 100 से 150 मरीजों की ओपीडी बुखार खांसी के बीमारी की हो रही है। नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरडी चावला बताते हैं कि एच3एन2 का संक्रमण इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण फैलता है। लोग बिना डॉक्टर की सलाह एजीथ्रोमाइसिन और अमोक्सिक्लेव एंटीबायोटिक न लें। इस फ्लू में चिकित्सक भी केवल लक्षणों के आधार पर दवा देते हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि एच3एन2 वेरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। यह बीमारी एक प्रकार का फ्लू है, जो बुखार, खांसी और गले में खराश के कारण होता है। ओपीडी में जांच बढ़ाने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे बचने के लिए डॉक्टरों ने ज्यादा से ज्यादा तरल चीजें खाने की सलाह दी है ताकि खुद को हाइड्रेट रखा जा सके। लक्षण मिलने पर डॉक्टर की बताई हुई दवाइयों का सेवन करें।
एच3एन2 वायरस क्या है?
ये इंफ्लूएंजा ए वायरस है, जो बहुत गंभीर है लेकिन ये एच1एन2 यानि स्वाइन फ्लू जितना खतरनाक नहीं है, जो महामारी फैला देता है। ये वायरस एक तरह का इंफ्लूएंजा वायरस है. ये एक श्वसन वायरल इंफेक्शन है जो हर साल बीमारियों का कारण बनता है। इस तरह के इंफ्लूएंजा ए वायरस के सबटाइप को साल 1968 के दौरान इंसानों में पाया गया था।
क्या हैं लक्षण
एच3एन2 वायरस के लक्षणों में खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, बुखार, ठंड लगना, थकान, दस्त और उल्टी शामिल हैं। इंफ्लूएंजा वायरस को 4 हिस्सों ए, बी, सी और डी में बांटा गया है. इन्फ्लूएंजा वायरस ए और बी फ्लू की मौसमी महामारी की वजह से मरीजों को होता है, इसमें अधिकतर मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है।
बचने के लिए बरतें सावधानी
किसी भी तरह के वायरल संक्रमण को रोकने के लिए जो सावधानियां बरती जाती हैं, उनमें टीकाकरण करना शामिल है। अपने हाथों को साबुन या हैंडवॉश से नियमित रूप से साफ करते रहे और सैनिटाइज भी करें। मास्क पहनना भी लाभदायक है। किसी तरह के बीमार व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचें। यदि आपको छींक या खांसी आती है तो ऐसे में रुमाल का इस्तेमाल करें या फिर ऐसा करते वक्त अपने मुंह को कवर करके रखें। संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।