{"_id":"651c78f9d4c4547dd108ef85","slug":"he-greatest-quality-of-a-saint-is-kindness-kaithal-news-c-18-1-knl1004-233516-2023-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: साधु का सबसे बड़ा गुण होता है दयालुता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: साधु का सबसे बड़ा गुण होता है दयालुता
Wed, 04 Oct 2023 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 04 Oct 2023 01:56 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भाई उदय सिंह किले पर इस्कॉन प्रचार समिति कैथल व कुरुक्षेत्र की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस मौके पर कथा व्यास सत्यपति दास ने भक्तों से कहा कि साधु का सबसे बड़ा गुण दयालुता होता है।
श्रीमद्भागवत कथा में शहरभर से श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कथा व्यास सत्यपति दास ने अपने प्रवचन से भक्तों को कृष्ण भक्ति से सराबोर कर दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाज से सारा पंडाल हरे कृष्ण महामंत्र के साथ गूंज उठा। उन्होंने बताया कि सच्चा साधु वही है, जो दूसरों के दुख को देखकर दुखी होता है क्योंकि साधु का सबसे बड़ा गुण दयालुता होता है। भगवान के विषय में सुनने से ही मनुष्य को प्रसन्नता मिलती है।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से सभी मनुष्यों के कल्याण का कोई साधन है तो केवल और केवल भगवान श्री कृष्ण की भक्ति करना है। भक्ति से बढ़कर जीव का कोई भी कल्याण नहीं कर सकता। भगवान शंकर ने भी स्वयं अपने मुख से कहा है कि जो मेरे ईष्ट का भक्त है, वह मुझे सबसे प्रिय है। उन्होंने बताया कि भगवत गीता में भगवान कृष्ण स्वयं कह रहें हैं कि मुझसे श्रेष्ठ कुछ भी नहीं है। जिस प्रकार धागे में मोती, मणिया गुंथे हुए होते हैं, ठीक उसी प्रकार सारा ब्रह्मांड मेरे अंदर गुंथा हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की भक्ति किए बिना जीवन में शांति नहीं आ सकती। व्यक्ति प्रसन्न नहीं रह सकता। भगवान शिव स्वयं माता पार्वती से कहते हैं उमा कहूं तोहे अनुभव अपना, सत हरि भजन जगत सब सपना अर्थात भगवान श्री हरि का भजन ही सत्य है। बाकी सब जगत एक सपना है। कथा के पश्चात हरिनाम संकीर्तन में सभी श्रद्धालु भगवान के नाम पर एक साथ झूम उठे।
समिति के प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा में आए हुए मुख्य अतिथि विनोद भल्ला व गोपाल गर्ग ने सत्यपति दास का पुष्पमाला से स्वागत किया। ज्योति प्रज्वलित कर, कथा का शुभारंभ करवाने के बाद श्रवण भी किया व महाराज से आशीर्वाद भी लिया। इस अवसर पर ओम प्रकाश सैनी, मोहनलाल गुप्ता, हुनर चौधरी, सुरेंद्र गोयल,अमित चौधरी, दीपक अग्रवाल, राज गुलाटी, अमित गर्ग, संजय वाही, एडवोकेट संजीव शर्मा, यशपाल धीमान, हरि दर्शन, विजय शर्मा, विनय तनेजा, पवन थरेजा, गुलशन थरेजा व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। भाई उदय सिंह किले पर इस्कॉन प्रचार समिति कैथल व कुरुक्षेत्र की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस मौके पर कथा व्यास सत्यपति दास ने भक्तों से कहा कि साधु का सबसे बड़ा गुण दयालुता होता है।
श्रीमद्भागवत कथा में शहरभर से श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कथा व्यास सत्यपति दास ने अपने प्रवचन से भक्तों को कृष्ण भक्ति से सराबोर कर दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाज से सारा पंडाल हरे कृष्ण महामंत्र के साथ गूंज उठा। उन्होंने बताया कि सच्चा साधु वही है, जो दूसरों के दुख को देखकर दुखी होता है क्योंकि साधु का सबसे बड़ा गुण दयालुता होता है। भगवान के विषय में सुनने से ही मनुष्य को प्रसन्नता मिलती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से सभी मनुष्यों के कल्याण का कोई साधन है तो केवल और केवल भगवान श्री कृष्ण की भक्ति करना है। भक्ति से बढ़कर जीव का कोई भी कल्याण नहीं कर सकता। भगवान शंकर ने भी स्वयं अपने मुख से कहा है कि जो मेरे ईष्ट का भक्त है, वह मुझे सबसे प्रिय है। उन्होंने बताया कि भगवत गीता में भगवान कृष्ण स्वयं कह रहें हैं कि मुझसे श्रेष्ठ कुछ भी नहीं है। जिस प्रकार धागे में मोती, मणिया गुंथे हुए होते हैं, ठीक उसी प्रकार सारा ब्रह्मांड मेरे अंदर गुंथा हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की भक्ति किए बिना जीवन में शांति नहीं आ सकती। व्यक्ति प्रसन्न नहीं रह सकता। भगवान शिव स्वयं माता पार्वती से कहते हैं उमा कहूं तोहे अनुभव अपना, सत हरि भजन जगत सब सपना अर्थात भगवान श्री हरि का भजन ही सत्य है। बाकी सब जगत एक सपना है। कथा के पश्चात हरिनाम संकीर्तन में सभी श्रद्धालु भगवान के नाम पर एक साथ झूम उठे।
समिति के प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा में आए हुए मुख्य अतिथि विनोद भल्ला व गोपाल गर्ग ने सत्यपति दास का पुष्पमाला से स्वागत किया। ज्योति प्रज्वलित कर, कथा का शुभारंभ करवाने के बाद श्रवण भी किया व महाराज से आशीर्वाद भी लिया। इस अवसर पर ओम प्रकाश सैनी, मोहनलाल गुप्ता, हुनर चौधरी, सुरेंद्र गोयल,अमित चौधरी, दीपक अग्रवाल, राज गुलाटी, अमित गर्ग, संजय वाही, एडवोकेट संजीव शर्मा, यशपाल धीमान, हरि दर्शन, विजय शर्मा, विनय तनेजा, पवन थरेजा, गुलशन थरेजा व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।