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1947 के दंगों की यादों को ताजा कर दिया
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:56 PM IST
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दो दिन पहले ही तो यह फैसला हुआ था कि उपद्रव में शामिल लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ितों को शीघ्र मुआवजे के लिए शहर में रोष मार्च निकाला जाएगा। बंद का फैसला तो एक दिन पहले सोमवार को ही हुआ था। लेकिन मंगलवार को शहर के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करके जो एकता दिखाई, उससे स्पष्ट हो गया कि आम जन मानस में इस उपद्रव को लेकर कितना गुस्सा है।
लोगों में इस कदर रोष था कि छोटी से लेकर बड़ी सभी प्रकार की दुकानें लगभग बंद रहीं। उपद्रवियों पर दर्ज करो देशद्रोह का मामला, 1947 की आई याद, 35 बिरादरी जिंदाबाद, व्यापारियों की जान-माल की सुरक्षा निश्चित करो, दंगा पीड़ितों को इंसाफ दो, खेत खा लिया बाड़ नै, एसपी को ठोको तिहाड़ मैं, समाज की एकता जिंदाबाद जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया।
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रोष मार्च का नेतृत्व कर रहे शिव शंकर पाहवा ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन में उपद्रवियों ने जो अन्य बिरादरी के लोगों को नुकसान पहुंचाया है, उन पर कहर बरपाया है। इन सभी दंगों ने 1947 के घटनाक्रमों की यादों को ताजा कर दिया है। उन्होंने कहा कि समाज सभी बिरादरियों के तालमेल से चलता है, लेकिन जब किसी बिरादरी पर नाजायज अन्याय किया जाता है तो वह किसी जुल्म से कम नहीं है।
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पूर्व विधायक लीलाराम ने कहा कि यह सही है कि समाज सभी बिरादरी से मिलकर बना है। लेकिन जिस तरह का तांडव अधिकारियों के संरक्षण में कैथल में हुआ, वह असहनीय है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए। वे अधिकारियों को उनके मुंह के सामने उनकी खामियां गिनवाने को तैयार हैं। कैथल एवं हरियाणा में ङ्क्षहसा, लूटपाट का जो खुला तांडव किया गया, उनकी पहचान करके सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए व उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।
साथ ही उपद्रवियों की संपत्ति कुर्क करके पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए।
सतीश राजपाल ने कहा कि कैथल में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो कहर आम लोगों पर बरपाया गया है, उन उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उपद्रवियों ने लोगों के प्रतिष्ठानों, उनकी दुकानों को तहस-नहस कर दिया, जबकि उनका जाट आरक्षण आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। ऐेसे में इन दुकानदारों को ही क्यों निशाना बनाया गया।
पंजाबी वेल्फेयर सभा के महासचिव सूष्म कपूर कहा कि अभी तक दोषियों खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हुई है, जिससे 35 बिरादरी के लोगों का गुस्सा चरम पर है। उनकी मांग है कि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में की गई हिंसा, आगजनी, लूटपाट में संलिप्त उपद्रवियों व सहयोगी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा नेता सुरेश गर्ग नौच ने कहा कि जिला कैथल में नियुक्त सभी उच्च अधिकारी जिन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उपद्रवियों का सहयोग किया, उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्यवाही की जाए।
कैलाश भगत ने कहा कि व्यापारियों एवं अन्य पीड़ितों के नुकसान की जल्द भरपाई की जाए। लोगों में इस बात को लेकर रोष है। कैथल के सभी लोगों से अपील है कि आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखें।
पालाराम सैनी ने कहा कि समाज में इस बात को लेकर रोष है कि निर्दोष, अपनी रोजी रोटी चला रहे लोगों को बेवजह निशाना बनाया गया। यह निंदनीय है। इस षड्यंत्र में शामिल नेताओं, अधिकारियों के खिलाफ जितना जल्दी हो सके सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
भाजपा नेता रॉकी मित्तल ने कहा कि कुछ लोगों ने पूरा सिस्टम हाईजेक करके रखा। कैथल भी उन शहरों की श्रेणी में होता, यदि लोग खुद नहीं जागते। इसके बावजूद अधिकारियों के संरक्षण में कैथल में तांडव हुआ है। जिसके कारण लोगों में भारी रोष है। सरकार उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।