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हवन संसार का सबसे सर्वश्रेष्ठ कर्म : हरिओम
Mon, 30 Jun 2025 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 30 Jun 2025 01:49 AM IST
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गुहला-चीका। ताऊ देवीलाल पार्क चीका में रविवार को सुबह पतंजलि समिति ने साप्ताहिक हवन यज्ञ का आयोजन किया। हवन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र कल्याण और शांति की स्थापना करना रहा। सत्यवीर शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ संपन्न कराया।
इस दौरान पतंजलि के जिला प्रभारी एवं आचार्य हरिओम शोकल मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि हवन कुंड की प्रकट दिव्याग्नि में श्रद्धा भाव से जब हम दूसरों को लाभान्वित करने के विचार से उत्तम पदार्थ, घृत और बलवर्धक औषधि निर्मित सामग्री की आहुतियां देते हैं, तो वहां का सारा वातावरण सुगंधित, रोग रहित, शुद्ध और प्रसन्नतामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि हवन की सबसे अद्भुत महिमा यह है कि यह अपने और पराए जड़ और चेतन के भेद से ऊपर उठकर समान रूप से संसार के प्रत्येक पदार्थ और प्राणी को अपने गुणों से लाभान्वित करता है। यही कारण है कि शास्त्रों में हवन को संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म बताया गया है। सर्वोत्तम कर्म करके ही हम जीवन में सर्वोत्तम बन सकते हैं। प्रधान सुरेंद्र आर्य ने आर्य समाज के प्रचार व प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। इस अवसर पर पतंजलि युवा तहसील प्रभारी डिंपल कुमार भी मौजूद रहे। संवाद
इस दौरान पतंजलि के जिला प्रभारी एवं आचार्य हरिओम शोकल मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि हवन कुंड की प्रकट दिव्याग्नि में श्रद्धा भाव से जब हम दूसरों को लाभान्वित करने के विचार से उत्तम पदार्थ, घृत और बलवर्धक औषधि निर्मित सामग्री की आहुतियां देते हैं, तो वहां का सारा वातावरण सुगंधित, रोग रहित, शुद्ध और प्रसन्नतामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि हवन की सबसे अद्भुत महिमा यह है कि यह अपने और पराए जड़ और चेतन के भेद से ऊपर उठकर समान रूप से संसार के प्रत्येक पदार्थ और प्राणी को अपने गुणों से लाभान्वित करता है। यही कारण है कि शास्त्रों में हवन को संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म बताया गया है। सर्वोत्तम कर्म करके ही हम जीवन में सर्वोत्तम बन सकते हैं। प्रधान सुरेंद्र आर्य ने आर्य समाज के प्रचार व प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। इस अवसर पर पतंजलि युवा तहसील प्रभारी डिंपल कुमार भी मौजूद रहे। संवाद
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