Haryana: राजपूत समाज का एलान; लोकसभा चुनाव में भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे
सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा विवाद पर भड़के राजपूत समाज ने महापंचायत की। हरियाणा सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों से समाज के नेता पहुंचे। महाकुंभ में करणी सेना अध्यक्ष महीपाल मकराणा, जदयू विधायक चेतन आनंद, शेर सिंह राणा व पूर्ण चंद ने शिरकत की।
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विस्तार
महाकुंभ की अध्यक्षता करते हुए कर्नल देवेंद्र राणा, विनोद राणा थंबड़ और शेर सिंह राणा ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि 10 दिसंबर को दिल्ली में राजपूत समाज की संसद आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर से समाज के लोग पहुंचेंगे। वहीं, फरल व कलायत गांव सहित प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि यदि समय रहते सरकार समाज के लोगों की मांग मान लेती तो उनके इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होती।
महापुरुषों का अपमान नहीं करेंगे सहन : पूर्ण सिंह
उत्तर प्रदेश के भाकियू अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि सरकार की सह पर एक समाज की ओर से राजपूत समाज के इतिहास को चुराया गया है। 19 जुलाई को प्रतिमा अनावरण के दौरान समाज के लोगों पर लाठियां चलाईं। फिर भी समाज ने पलटवार नहीं किया, क्योंकि राजपूत समाज लाठी को हथियार नहीं मानता है। इसलिए उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह केवल एक सांसद और एक विधायक के कहने पर हुआ। यदि सरकार ने महापुरुषों का अपमान किया तो इसे कतई सहन नहीं करेंगे। भाजपा को 2024 में वोट की चोट से जवाब देंगे।
राजपूत समाज के नेता शेर सिंह राणा ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर अंकित नाम के आगे गुर्जर शब्द लिखने का मामला नया नहीं है। कैथल से पहले उत्तर प्रदेश और अन्य कई जगहों पर ऐसा किया गया है। इसलिए इस समस्या का समाधान जरूरी है।
जदयू विधायक चेतन आनंद ने कहा कि वह पार्टी में रहकर अपने समाज की बात रखेंगे। भाजपा सरकार में लंबे समय से राजपूत समाज के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। यह सहन नहीं किया जाएगा। परिक्षित सोलंकी ने कहा कि एक राजनीतिक शडयंत्र के तहत दो समाज के लोगों को भड़काया गया। महाकुंभ में करणी सेना अध्यक्ष महीपाल मकराणा, क्षत्रिय सेना गुजरात के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत, क्षत्रिय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह सहित समाज के अन्य नेता मौजूद थे।
दो एसपी, 11 डीएसपी व 1250 से अधिक पुलिसकर्मियों ने संभाली कानून व्यवस्था
कैथल शहर के सेक्टर-19 स्थित मैदान में हुए राजपूत महाकुंभ के दृष्टिगत बुधवार को पूरा कैथल शहर एक तरह से छावनी में तब्दील रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से महाकुंभ स्थल और प्रदर्शन के लिए निर्धारित मार्ग पर आने वाले हर चौक-चौराहे पर पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हुए थे। सब कुछ ठीक से निपट जाने से प्रशासन ने भी चैन की सांस ली।
कार्यक्रम स्थल, लघु सचिवालय के पास, जाट स्कूल के पास, पिहोवा चौक, सर छोटूराम चौक, गांधीनगर के पास ढांड रोड चौक व जाम लगने वाले संभावित स्थानों पर कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया था। सम्राट मिहिर भोज चौक के चारों ओर चौक से करीब आधा किलोमीटर पहले नाके लगाकर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। अंबाला रोड चौकी, कुरुक्षेत्र मार्ग पर किसान भवन, जींद मार्ग पर सेक्टर 19 व सेक्टर 20 के कट के नजदीक नाका लगाया था। सम्राट मिहिर भोज चौक पर सुबह से लेकर शाम तक सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।
जिले की स्थानीय पुलिस सहित 1250 से अधिक कर्मचारियों को सुरक्षा के दृष्टिगत शहर में लगाया गया था। इसमें आठ कंपनियां करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पानीपत से बुलाई गई थी। एक कंपनी में करीब 80 कर्मचारियों को शामिल किया गया था। विभिन्न जिलों से सात डीएसपी व कैथल के चार डीएसपी सहित 11 डीएसपी को सुरक्षा में लगाया गया। कैथल एसपी उपासना सहित जिला करनाल से एसपी शशांक कुमार सावन भी सुरक्षा को लेकर कैथल में रहे।
प्रदर्शन के दौरान जाम की स्थिति रही
जिस समय राजपूत समाज ने शहर में प्रदर्शन किया, उस समय करीब डेढ़ घंटे तक शहर में जाम की स्थिति बनी रही। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने ही विभिन्न स्थानों पर रास्ते को खाली करवाकर वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की। कार्यक्रम स्थल से पिहोवा चौक तक प्रदर्शन के कारण मार्ग अवरुद्ध रहा। पुलिस की ओर से सुरक्षा में प्रयोग विशेष वाहन, एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की भी गाड़ियां लगाई गई थी। एसपी उपासना ने बताया कि राजपूत महाकुंभ व प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल शहर में तैनात किया गया था। माहौल शांतिपूर्ण रहा।
मंच से उठी समाज की राजनीतिक पार्टी बनाने की मांग
राजपूत समाज की तरफ से आयोजित किए गए महाकुंभ में एक तरफ जहां समाज के इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया। वहीं, इस मंच से राजपूत समाज की राजनीतिक पार्टी बनाने की मांग उठी। मंच पर संबोधन के दौरान कुछ वक्ताओं ने समाज की अलग से पार्टी बनाने की मांग कर दी। मुख्य वक्ता बोले कि जब तक सत्ता हाथ में नहीं आएगी तब तक समाज की समस्याओं का कोई समाधान नहीं होने वाला है। अब 12 प्रतिशत आबादी वाले लोगों को अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया हैं।
मंच पर समाज के नेता शेर सिंह राणा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि अलग साल प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए कम से कम हरियाणा में तो विधानसभा चुनावों में तो समाज के 90 में से 24 विधायक होने चाहिए। इस समय जिस सरकार ने उनके इतिहास से छेड़छाड़ की है, उसका इतिहास सत्ता में काबिज होकर खुद की ठीक करना होगा। अब हमें अपना रास्ता स्वयं ही बनाना होगा। उनका विरोध लगातार जारी रहेगा।
टाइम लाइन
11:45 बजे सुबह दीप प्रज्वलन के तहत कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
12:30 बजे दोपहर मुख्य वक्ताओं ने मंच पर स्थान ग्रहण किया।
12:45 बजे कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल देवेंद्र सिंह ने स्वागत किया।
01:00 बजे दोपहर मुख्य वक्ताओं का संबोधन शुरू हुआ।
02:30 बजे कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्यों का संबोधन।
03:15 बजे अपराह्न क्षत्रिय स्वाभिमान यात्रा का प्रारंभ।
04:30 बजे शाम यात्रा का समापन।
झलकियां
- महाराणा प्रताप अमर रहे के नारे लगाते महाकुंभ कार्यक्रम में पहुंचे समाज के युवा।
- कार्यक्रम स्थल पर राजपूत समाज के लोगों को पगड़ी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
- ट्रैक्टरों की लंबी कतारों के साथ क्षत्रिय स्वाभिमान यात्रा की शुरूआत की।
- सचिवालय से लेकर पिहोवा चौक पर लंबा जाम लगा रहा, करीब एक घंटे तक वाहन चालकों को मशक्कत करनी पड़ी।
- वाहनाें पर सवार होकर
कार्यक्रम स्थल पर करीब सात हजार कुर्सियां लगाई गई। इसके तहत करीब 13 हजार लोगों की पंडाल में व्यवस्था रही। कार्यक्रम में एक मुख्य मंच बनाया गया था। मंच के दोनों तरफ आने वाले मुख्य लोगों के लिए भी कुर्सियां लगाई गई थी। क्षत्रिय स्वाभिमान यात्रा के दौरान करीब 500 ट्रैक्टरों व गाड़ियों का काफिला था। इसमें करीब 300 टैक्टर और 200 गाड़ियां शामिल रहीं।
स्वाभिमान यात्रा निकालकर क्षत्रियों ने किया शक्ति प्रदर्शन, सरकार पर लगाया इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप
सेक्टर 19 के हुडा मैदान में राजपूत समाज की तरफ से क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित क्षत्रिय महाकुंभ व स्वाभिमान यात्रा से समाज ने विशाल शक्ति प्रदर्शन प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने सरकार पर इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल वीर देवेंद्र सिंह व शेर सिंह राणा ने की। कार्यक्रम में प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत से राजपूत समाज के लोग पहुंचे। मंच पर दीप प्रज्जवल से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। स्वाभिमान यात्रा कार्यक्रम स्थल से शुरू होकर करनाल रोड, पिहोवा चौक, जींद रोड से होते हुए वापस कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। यह भी जानकारी दी गई नए वर्ष में 25 फरवरी को भिवानी में ऐसा महाकुंभ आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले समाज के नेता शेर सिंह राणा ने कहा कि कैथल में 19 जुलाई को हुआ प्रकरण समाज को याद है। आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इतिहास की चोरी कर रही है। इससे हमारे महापुरुषों को भी पीड़ा हो रही है। उन्हें भी लगता होगा कि जन्म कहां लिया और उनका जन्म दिखाया कहां जा रहा है। समाज के प्रयास करने के बाद समाज को उम्मीद थी कि उनके इतिहास को कोई छेड़छाड़ नहीं होगी परंतु उनकी उम्मीदों पर पानी फिरा है। समाज का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे प्रकरण हुए हैं। उनकी केवल एक ही मांग है कि उनके समाज के इतिहास चोरी न हो।
भाकियू यूपी के किसान नेता ठाकुर पूर्ण सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार में बैठे कुछ बड़े नेता अपने आप को ‘शेर’ कहलवाते हैं। वे शेर तो हैं, लेकिन वे सर्कस के शेर हैं। यदि चार क्विंटल दूध में एक नींबू निचौड़ दिया जाए तो वह पूरे दूध को खराब करता है। ऐसे ही समाज में कुछ लोग नींबू बने बैठे हैं परंतु हमें इन नींबू को बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि जैसे सिख समाज को तलवार रखने की आजादी है। वैसे ही क्षत्रिय समाज के लोगों को भी तलवार रखने की आजादी दी जाए। अब कैथल के बाद 2024 की 25 फरवरी को भिवानी में ऐसा महाकुंभ आयोजित किया जाएगा।
बिहार से जदयू के विधायक चेतन आनंद ने कहा कि भाजपा की सरकार आने से पहले तो पृथ्वीराज चौहान और सम्राट मिहिर भोज हमारे थे, लेकिन जैसे ही वोट निकल गए तो यह हमारे नहीं, किसी दूसरे समाज के हो गए। सरकार की यह मंशा गलत है। इस महाकुंभ से पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में राजपूत समाज की एकता का संदेश जाएगा। भगत सिंह ने कहा था कि यदि बात नहीं सुनी जाती तो धमाके की जरूरत होती है। राजपूत समाज के साथ भी यही स्थिति बनी है। चुनावों में जरूरत पड़े तो नोटा पर बटन दबाने में भी देरी न हो।
करणी सेना के अध्यक्ष महीपाल मकराणा ने कहा कि सरकार ने राजपूत समाज के साथ दमनकारी नीति को अपनाया है। राजपूत समाज ने हमेशा ही राष्ट्रहित में कार्य किया है। राष्ट्रवाद का मुखौटा पहने हुई सरकार ने समाज का दमन किया है। 28 अक्तूबर को राजस्थान के अजमेर में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मिहिर भोज प्रतिमा के नामकरण विषय पर न्याय मिले। कार्यक्रम के अंत में कर्नल देवेंद्र राणा ने कहा कि हमें अपनी विरासत को संभालकर रखना होगा। आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने हमारी विरासत से छेड़छाड़ की है। इसलिए राजपूत समाज बाहुल्य गांवों में भाजपा नेताओं की प्रवेश बंद किया जाएगा। इसके साथ ही 2024 के चुनावों में विरोध किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज संघर्ष समिति के अध्यक्ष कर्नल देवेंद्र सिंह, करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराणा, शेर सिंह राणा, राजेंद्र सिंह नरुका, बिहार से विधायक ललित आनंद, भाकियू नेता ठाकुर पूर्ण सिंह, पूर्व विधायक रेखा राणा, यशवीर राणा, विनोद राणा, जयदीप राणा, मुकेश राणा, रणबीर राणा, संदीप राणा, सलिंद्र राणा, प्रमोद राणा, महिपाल राणा, संजीव राणा, सतपाल राणा आदि।
क्या है मामला
इसी साल 20 जुलाई को कैथल में कुरुक्षेत्र बाईपास पर लगाई गई प्रतिमा अनावरण पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखने के बाद से विवाद उपजा था। इसके बाद ही राजपूत समाज के लोगों में सरकार के खिलाफ रोष है। शक्ति प्रदर्शन करने के लिए कैथल में क्षत्रिय महाकुंभ व स्वाभिमान यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।