{"_id":"61d5ee3932a7606b794b4260","slug":"hafed-gets-first-order-for-export-of-basmati-rice-from-saudi-arabia-kaithal-news-knl95128581","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैफेड को सऊदी अरब से मिला बासमती चावल के निर्यात का पहला ऑर्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैफेड को सऊदी अरब से मिला बासमती चावल के निर्यात का पहला ऑर्डर
विज्ञापन
Hafed gets first order for export of Basmati rice from Saudi Arabia
- फोटो : Kaithal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। हरियाणा सरकार की खाद्यान्न क्षेत्र की सरकारी एजेंसी हैफेड को बासमती धान के निर्यात के लिए 5000 एमटी का ऑर्डर मिला है। एजेंसी की ओर से पहली बार इस सीजन में बासमती धान की खरीद शुरू की गई है। जिससे आने वाले समय में किसानों को भी लाभ मिल सकता है।
विदित रहे कि उत्तर भारत में उत्पादित परंपरागत बासमती धान की विदेशों में खूब डिमांड है। इस कारण हर साल हरियाणा, पंजाब व कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश से बासमती धान का निर्यात होता है। इस बार भी कैथल सहित हरियाणा में बड़े स्तर पर किसानों ने बासमती धान का उत्पादन किया था, जिसकी कीमतें 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावनाएं थीं, लेकिन ये 3600 से शुरू होकर एक बार तो 4400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंची। इसके बाद इसमें गिरावट आई और विदेशों में डिमांड घट जाने के कारण यह एक बार तो 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। इस बीच हरियाणा सरकार ने फैसला लिया कि हैफेड द्वारा प्राइवेट मार्केट से बासमती धान की खरीद की जाएगी। अभी तक हैफेड मोटे धान की ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करती आई थी। लेकिन बासमती को मार्केट रेट के आधार पर खरीदा गया। इससे बाजार में कुछ दिनों के लिए बासमती धान की कीमतों में स्थिरता भी देखी गई।
हैफेड से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत व एजेंसी के अधिकारियों ने दुबई का दौरा भी किया था। जहां चावल खरीदारों से बातचीत की गई। जहां इस बारे में सौदा हुआ। अब इसके तहत 50 हजार क्विंटल यानि 5000 एमटी बासमती चावल के निर्यात का ऑर्डर मिल गया है।
विज्ञापन
हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश कुमार ने बताया कि हैफेड की ओर से धान के सीजन में बासमती धान की खरीद की गई है। जिस समय हैफेड ने खरीद शुरू की थी। उस समय बासमती की कीमतें कम हो रही थी। हैफेड के खरीद के लिए मंडी में उतरने के बाद एक तरह से कीमतें स्थिर हो गई थी। इस समय विभाग के आदेश के बाद बासमती धान की खरीद बंद कर दी गई है।
हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का प्रयास रहता है कि प्रदेश के किसानों को फसलों की अच्छी कीमत मिले। इसी कारण हैफेड द्वारा प्रयास किया गया था कि चावल का निर्यात किया जाए। इसी के तहत सऊदी अरब से पांच हजार एमटी बासमती चावल के निर्यात का ऑर्डर मिला है। जल्द ही इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। खरीदे गए धान में से बासमती चावल निकालकर उसे सऊदी अरब निर्यात किया जाएगा। आने वाले समय में यह फैसला किसानों के लिए लाभदायक साबित होगा।
विज्ञापन
विदित रहे कि उत्तर भारत में उत्पादित परंपरागत बासमती धान की विदेशों में खूब डिमांड है। इस कारण हर साल हरियाणा, पंजाब व कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश से बासमती धान का निर्यात होता है। इस बार भी कैथल सहित हरियाणा में बड़े स्तर पर किसानों ने बासमती धान का उत्पादन किया था, जिसकी कीमतें 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावनाएं थीं, लेकिन ये 3600 से शुरू होकर एक बार तो 4400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंची। इसके बाद इसमें गिरावट आई और विदेशों में डिमांड घट जाने के कारण यह एक बार तो 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। इस बीच हरियाणा सरकार ने फैसला लिया कि हैफेड द्वारा प्राइवेट मार्केट से बासमती धान की खरीद की जाएगी। अभी तक हैफेड मोटे धान की ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करती आई थी। लेकिन बासमती को मार्केट रेट के आधार पर खरीदा गया। इससे बाजार में कुछ दिनों के लिए बासमती धान की कीमतों में स्थिरता भी देखी गई।
विज्ञापन
हैफेड से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत व एजेंसी के अधिकारियों ने दुबई का दौरा भी किया था। जहां चावल खरीदारों से बातचीत की गई। जहां इस बारे में सौदा हुआ। अब इसके तहत 50 हजार क्विंटल यानि 5000 एमटी बासमती चावल के निर्यात का ऑर्डर मिल गया है।
विज्ञापन
हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश कुमार ने बताया कि हैफेड की ओर से धान के सीजन में बासमती धान की खरीद की गई है। जिस समय हैफेड ने खरीद शुरू की थी। उस समय बासमती की कीमतें कम हो रही थी। हैफेड के खरीद के लिए मंडी में उतरने के बाद एक तरह से कीमतें स्थिर हो गई थी। इस समय विभाग के आदेश के बाद बासमती धान की खरीद बंद कर दी गई है।
हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का प्रयास रहता है कि प्रदेश के किसानों को फसलों की अच्छी कीमत मिले। इसी कारण हैफेड द्वारा प्रयास किया गया था कि चावल का निर्यात किया जाए। इसी के तहत सऊदी अरब से पांच हजार एमटी बासमती चावल के निर्यात का ऑर्डर मिला है। जल्द ही इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। खरीदे गए धान में से बासमती चावल निकालकर उसे सऊदी अरब निर्यात किया जाएगा। आने वाले समय में यह फैसला किसानों के लिए लाभदायक साबित होगा।