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Kaithal News: सड़कों पर कचरा, घरों के अंदर बदबू, बीमारियों का बढ़ा खतरा
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करनाल रोड पर पड़ी गदंगी में खड़ा बेसहारा पशु। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गलियों से लेकर मुख्य चौक-चौराहों और बाजारों तक कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। सड़कों पर फैली गंदगी और उससे उठ रही दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। साथ ही बदबू के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने आंदोलन को 30 अगस्त तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और खराब होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से एक दिन विशेष व्यवस्था कर कचरा उठवाया गया था, लेकिन इसके बाद नियमित सफाई शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में विभिन्न स्थानों पर दोबारा कचरे के ढेर लग गए हैं। कई गलियों में झाड़ू भी नहीं लग रही है, जिससे हवा के साथ कूड़ा घरों, दुकानों और अन्य संस्थानों के आसपास फैल रहा है। कूड़े से उठने वाली बदबू अब लोगों के घरों के अंदर तक पहुंचने लगी है।
शहर के जाट स्कूल क्षेत्र, पुराने बस अड्डे के सामने, ढांड रोड, अंबाला रोड, छात्रावास रोड, ट्रैक्टर मार्केट के नजदीक और सरकारी स्कूल के आसपास स्थिति अधिक खराब बनी हुई है। सड़कों और कूड़ेदानों के पास पॉलीथिन, गली-सड़ी सब्जियां, गत्ते, प्लास्टिक की बोतलें और डिस्पोजल सामान बिखरा पड़ा है। बेसहारा पशु भी इन ढेरों में भोजन तलाशते नजर आ रहे हैं। शहर में 400 टन से अधिक कचरा विभिन्न स्थानों पर जमा होने का अनुमान है।
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-- बाजारों में बढ़ी परेशानी
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का सबसे ज्यादा असर बाजारों में दिखाई दे रहा है। दुकानों के बाहर पड़े कचरे और बदबू से दुकानदारों के साथ खरीदारी करने आने वाले लोग भी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि कई दिनों से गंदगी रहने के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं बारिश होने पर स्थिति और खराब होने और बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
-- कर्मचारियों ने रखीं अपनी मांगें
जिला सचिव शिव चरण ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की थी, लेकिन अब उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों की मांग है कि 13 मई को हुए समझौते को लागू किया जाए, जिसमें 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने और डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
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लोगों की जुबानी
कचरे से उठने लगी बदबू
शहर में कई दिनों से नियमित सफाई नहीं हो रही है। गलियों और मुख्य सड़कों पर कचरा जमा होने से बदबू फैल रही है। घरों के आसपास गंदगी के कारण बदबू से बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन को हड़ताल के दौरान वैकल्पिक सफाई व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। — कृष्ण कुमार स्थानीय निवासी
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दुकानों पर बैठना हुआ मुश्किल
बाजारों में दुकानों के सामने कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे ग्राहकों को परेशानी होती है। बदबू के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान जल्द होना चाहिए, ताकि हड़ताल खत्म हो सके और कर्मचारी नियमित शहर में साफ-सफाई करे। — सतनाम सिंह दुकानदार
वर्जन-
जल्द शहर की सफाई करवाई जाएगी। कुछ दिन पहले भी सफाई करवाई गई थी। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - ईओ संदीप सोलंकी
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कैथल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गलियों से लेकर मुख्य चौक-चौराहों और बाजारों तक कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। सड़कों पर फैली गंदगी और उससे उठ रही दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। साथ ही बदबू के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने आंदोलन को 30 अगस्त तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और खराब होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से एक दिन विशेष व्यवस्था कर कचरा उठवाया गया था, लेकिन इसके बाद नियमित सफाई शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में विभिन्न स्थानों पर दोबारा कचरे के ढेर लग गए हैं। कई गलियों में झाड़ू भी नहीं लग रही है, जिससे हवा के साथ कूड़ा घरों, दुकानों और अन्य संस्थानों के आसपास फैल रहा है। कूड़े से उठने वाली बदबू अब लोगों के घरों के अंदर तक पहुंचने लगी है।
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शहर के जाट स्कूल क्षेत्र, पुराने बस अड्डे के सामने, ढांड रोड, अंबाला रोड, छात्रावास रोड, ट्रैक्टर मार्केट के नजदीक और सरकारी स्कूल के आसपास स्थिति अधिक खराब बनी हुई है। सड़कों और कूड़ेदानों के पास पॉलीथिन, गली-सड़ी सब्जियां, गत्ते, प्लास्टिक की बोतलें और डिस्पोजल सामान बिखरा पड़ा है। बेसहारा पशु भी इन ढेरों में भोजन तलाशते नजर आ रहे हैं। शहर में 400 टन से अधिक कचरा विभिन्न स्थानों पर जमा होने का अनुमान है।
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सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का सबसे ज्यादा असर बाजारों में दिखाई दे रहा है। दुकानों के बाहर पड़े कचरे और बदबू से दुकानदारों के साथ खरीदारी करने आने वाले लोग भी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि कई दिनों से गंदगी रहने के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं बारिश होने पर स्थिति और खराब होने और बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
जिला सचिव शिव चरण ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की थी, लेकिन अब उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों की मांग है कि 13 मई को हुए समझौते को लागू किया जाए, जिसमें 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने और डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
लोगों की जुबानी
कचरे से उठने लगी बदबू
शहर में कई दिनों से नियमित सफाई नहीं हो रही है। गलियों और मुख्य सड़कों पर कचरा जमा होने से बदबू फैल रही है। घरों के आसपास गंदगी के कारण बदबू से बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन को हड़ताल के दौरान वैकल्पिक सफाई व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। — कृष्ण कुमार स्थानीय निवासी
दुकानों पर बैठना हुआ मुश्किल
बाजारों में दुकानों के सामने कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे ग्राहकों को परेशानी होती है। बदबू के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान जल्द होना चाहिए, ताकि हड़ताल खत्म हो सके और कर्मचारी नियमित शहर में साफ-सफाई करे। — सतनाम सिंह दुकानदार
वर्जन-
जल्द शहर की सफाई करवाई जाएगी। कुछ दिन पहले भी सफाई करवाई गई थी। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - ईओ संदीप सोलंकी

करनाल रोड पर पड़ी गदंगी में खड़ा बेसहारा पशु। संवाद