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Kaithal News: ग्योंग की बेटी तमन्ना ने हैंडबॉल में लहराया परचम
Sat, 21 Feb 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:49 AM IST
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ट्राॅफी के साथ तमन्ना।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हैंडबॉल के मैदान में ग्योंग गांव की 17 वर्षीय उभरती खिलाड़ी तमन्ना जिले का नाम रोशन कर रही हैं। कम उम्र में ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्तमान में वह कैथल के इंडोर स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रही हैं और भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना संजोए हुए हैं।
तमन्ना ग्योंग स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेल में संतुलन बनाते हुए वह प्रतिदिन कड़ा अभ्यास करती हैं।
उपलब्धियों की चमक ः तमन्ना ने अंडर-14 हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में विशेष पहचान बनाई है। वह चार बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं, जिनमें दो बार प्रथम और दो बार तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त, दो बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
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उनकी इस सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। तमन्ना का सपना है कि वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करें और देश के लिए पदक जीतें। वह अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे आने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि यदि मन में जुनून और लगन हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
तमन्ना के पिता अनूप अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और आज उसकी मेहनत रंग ला रही है।
तमन्ना बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें खेलों में रुचि थी, लेकिन हैंडबॉल ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। पहली बार कोर्ट में उतरना उनके लिए सपने जैसा अनुभव था।
शुरुआती चुनौतियों के बावजूद कोच और परिवार के सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ा।
वह बताती हैं कि अभ्यास के दौरान फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें दौड़, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और टीम प्रैक्टिस शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्वर्ण पदक जीतना उनके जीवन का यादगार पल रहा। उनका कहना है कि उस दिन लगा कि मेहनत सच में रंग लाती है।
तमन्ना रोजाना सुबह दो घंटे और शाम दो घंटे अभ्यास करती हैं। वह बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। उनकी खेल समझ और फिटनेस उम्र से कहीं बेहतर है। यदि वह इसी तरह निरंतर अभ्यास करती रहीं तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाएंगी। -प्रशांत कोच
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कैथल। हैंडबॉल के मैदान में ग्योंग गांव की 17 वर्षीय उभरती खिलाड़ी तमन्ना जिले का नाम रोशन कर रही हैं। कम उम्र में ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्तमान में वह कैथल के इंडोर स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रही हैं और भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना संजोए हुए हैं।
तमन्ना ग्योंग स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खेल में संतुलन बनाते हुए वह प्रतिदिन कड़ा अभ्यास करती हैं।
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उपलब्धियों की चमक ः तमन्ना ने अंडर-14 हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में विशेष पहचान बनाई है। वह चार बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं, जिनमें दो बार प्रथम और दो बार तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त, दो बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
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उनकी इस सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। तमन्ना का सपना है कि वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करें और देश के लिए पदक जीतें। वह अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे आने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि यदि मन में जुनून और लगन हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
तमन्ना के पिता अनूप अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और आज उसकी मेहनत रंग ला रही है।
तमन्ना बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें खेलों में रुचि थी, लेकिन हैंडबॉल ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। पहली बार कोर्ट में उतरना उनके लिए सपने जैसा अनुभव था।
शुरुआती चुनौतियों के बावजूद कोच और परिवार के सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ा।
वह बताती हैं कि अभ्यास के दौरान फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें दौड़, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और टीम प्रैक्टिस शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्वर्ण पदक जीतना उनके जीवन का यादगार पल रहा। उनका कहना है कि उस दिन लगा कि मेहनत सच में रंग लाती है।
तमन्ना रोजाना सुबह दो घंटे और शाम दो घंटे अभ्यास करती हैं। वह बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। उनकी खेल समझ और फिटनेस उम्र से कहीं बेहतर है। यदि वह इसी तरह निरंतर अभ्यास करती रहीं तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाएंगी। -प्रशांत कोच