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Kaithal News: अरनोली सब यार्ड में बारिश से भीगा सरकारी गेहूं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:37 PM IST
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Government wheat soaked by rain at the Arnoli sub-yard.
बारिश से भीगा सरकारी गेहूं
गुहला-चीका। मानसून की पहली तेज बारिश ने एक बार फिर सरकारी अनाज भंडारण व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुहला-चीका मार्केट कमेटी के अधीन आने वाले अरनोली सब यार्ड में खुले आसमान के नीचे रखे करोड़ों रुपये मूल्य के सरकारी गेहूं के स्टैक बारिश में भीग गए।
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किसानों ने आरोप लगाया कि हैफेड अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सरकारी अनाज को नुकसान पहुंचा है, जबकि विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश से पहले गेहूं के अधिकांश स्टैक तिरपाल से ढके हुए थे। आरोप है कि देर रात और सुबह से पहले तिरपाल हटा दिए गए जिसके बाद तेज बारिश का पानी सीधे गेहूं पर गिरता रहा। सुबह जब किसान और स्थानीय लोग सब यार्ड पहुंचे तो कई स्टैक पूरी तरह भीगे हुए मिले। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते गेहूं को सुरक्षित नहीं किया गया तो बड़ी मात्रा में अनाज खराब होने की आशंका है।
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भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के राज्य कोर कमेटी सदस्य तेजिंद्र सिंह पुनिया के नेतृत्व में जस्सा पुनिया, हाकम सिंह, हरपाल सिंह, मियां सिंह, सुखबिंद्र सिंह सहित अन्य किसान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

किसानों ने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में तिरपाल हटाना गंभीर लापरवाही है। कुछ कर्मचारी गेहूं में नमी बढ़ाकर वजन अधिक दिखाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने मांग की कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

किसानों का कहना है कि सरकार किसानों से बड़ी मेहनत से पैदा किया गया अनाज खरीदती है लेकिन उसके सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष नुकसान की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित प्रबंधन किया जाता तो सरकारी संपत्ति को बारिश से बचाया जा सकता था।

किसानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि भीगे हुए गेहूं की संयुक्त टीम से जांच कराकर नुकसान का सही आकलन किया जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में खुले में रखे सरकारी गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां किसानों को अपनी फसल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है। वहीं सरकारी एजेंसियां सरकारी अनाज के संरक्षण में अपेक्षित सतर्कता नहीं बरत रहीं।

गेहूं के स्टैक से समय-समय पर तिरपाल हटाकर हवा लगवाई जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें गेहूं के बारिश में भीगने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसी घटना हुई है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अनूप नैन, जिला प्रबंधक, हैफेड

बारिश से भीगा सरकारी गेहूं

बारिश से भीगा सरकारी गेहूं

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