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किसानों की सुध ले सरकार : माजरा
Sun, 20 Apr 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि प्रदेश में आए तूफान व बारिश सहित आगजनी के कारण फसलों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी करवाए। साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
माजरा ने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा कर रही है, लेकिन वास्तव में किसानों का शोषण किया जा रहा है। खेतों में आगजनी, बारिश व तूफान के कारण किसानों का भारी नुकसान हुआ है, वहीं मंडियों में किसानों को उनकी फसल के लिए भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
मंडियों से उठान नहीं हो रहा। महज २५ प्रतिशत तक उठान हुआ है। जब तक गोदामों में गेहूं नहीं पहुंच जाता, तब तक किसानों को भुगतान नहीं होगा। मंडियों में उठान की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान व आढ़ती परेशान हैं। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। माजरा ने कहा कि सरकार केवल किसान हितैषी होने का ढोंग रच रही है।
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किसानों की मंडियों में कोई सुध लेने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान ही नहीं मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सभी वर्ग दुखी हैं। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। हर रोज बड़े-बड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। आमजन को अपने कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है। माजरा ने कहा कि इनेलो की ओर से सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है। जल्द ही संगठन मजबूती के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इनेलो कार्यकर्ता सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच लेकर जाएं। उन्हें बताएं कि किस तरह से सरकार केवल किसान व आमजन हितैषी होने का ढोंग रच रही है। असल में आमजन इस सरकार के कार्यकाल में परेशान है। एचकेआरएन से कर्मचारी हटाए जा रहे हैं। जबकि सरकार चुनाव से पूर्व वाहवाही लूट रही थी कि कच्चे कर्मचारियों की नौकरी को पक्का कर दिया गया है। किसी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा।
आज अनेकों विभाग ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों का अनुबंध नहीं बढ़ा है। उन पर या तो छंटनी की तलवार लटकी हुई है। या फिर वे अपनी नौकरी से हाथ धो बैठे हैं। माजरा ने कहा कि सरकार की पोल खोलने के लिए इनेलो कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर इन जनविरोधी नीतियों की जानकारी दें।
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कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि प्रदेश में आए तूफान व बारिश सहित आगजनी के कारण फसलों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी करवाए। साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
माजरा ने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा कर रही है, लेकिन वास्तव में किसानों का शोषण किया जा रहा है। खेतों में आगजनी, बारिश व तूफान के कारण किसानों का भारी नुकसान हुआ है, वहीं मंडियों में किसानों को उनकी फसल के लिए भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
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मंडियों से उठान नहीं हो रहा। महज २५ प्रतिशत तक उठान हुआ है। जब तक गोदामों में गेहूं नहीं पहुंच जाता, तब तक किसानों को भुगतान नहीं होगा। मंडियों में उठान की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान व आढ़ती परेशान हैं। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। माजरा ने कहा कि सरकार केवल किसान हितैषी होने का ढोंग रच रही है।
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किसानों की मंडियों में कोई सुध लेने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान ही नहीं मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सभी वर्ग दुखी हैं। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। हर रोज बड़े-बड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। आमजन को अपने कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है। माजरा ने कहा कि इनेलो की ओर से सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है। जल्द ही संगठन मजबूती के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इनेलो कार्यकर्ता सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच लेकर जाएं। उन्हें बताएं कि किस तरह से सरकार केवल किसान व आमजन हितैषी होने का ढोंग रच रही है। असल में आमजन इस सरकार के कार्यकाल में परेशान है। एचकेआरएन से कर्मचारी हटाए जा रहे हैं। जबकि सरकार चुनाव से पूर्व वाहवाही लूट रही थी कि कच्चे कर्मचारियों की नौकरी को पक्का कर दिया गया है। किसी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा।
आज अनेकों विभाग ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों का अनुबंध नहीं बढ़ा है। उन पर या तो छंटनी की तलवार लटकी हुई है। या फिर वे अपनी नौकरी से हाथ धो बैठे हैं। माजरा ने कहा कि सरकार की पोल खोलने के लिए इनेलो कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर इन जनविरोधी नीतियों की जानकारी दें।