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विदेश भेजने के नाम पर एक लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी

Tue, 16 Jul 2019 11:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 11:00 PM IST
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Fraud of one lakh 70 thousand rupees on the name of sending foreign
कैथल। युवक को विदेश भेजने के नाम पर एक लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बिशनगढ़ कॉलोनी कैथल निवासी सुखविंद्र ने सिटी थाना में शिकायत दी कि उसने विदेश जाने के लिए एक कंपनी में काम करने वाली स्मृति नाम की युवती से बातचीत की। उसने युवती को पैसे दे दिए, जिस पर उसने उसे मलेशिया भेज दिया। जिस काम के लिए उसे भेजा था, वो बताए गए काम से उल्टा था। युवती ने उसे जंगलों में भिजवा दिया और वहां उसका पासपोर्ट ले लिया गया। मलेशिया में वहां के लोगों ने उसे जंगलों की सफाई करने में लगा दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि वहां जंगल में बड़े-बड़े सांप निकलते थे। एक दिन सांप ने एक लड़के को डस लिया। इस घटना के बाद उसने अपने घर पर फोन किया कि उसे वापस बुला लें, क्योंकि यहां खतरा है। इस पर उसके परिवार के सदस्यों ने तुरंत स्मृत्ति के पास फोन किया। फोन पर स्मृत्ति ने कहा कि वंहा से निकलना इतना आसान नहीं है। इसके लिए एक लाख 50 हजार रुपये देने होंगे। उसके परिवार ने 75 हजार रुपये और दे दिए, लेकिन एक महीने तक कोई काम नहीं हुआ। बाद में वह मलेशिया के जंगलों से भागकर भारत दूतावास के दफ्तर में पहुंचा, जहां उसकी मदद की गई और वहां डेढ़ महीना रहा। उन्होंने सारी इंकवायरी करके उसे भारत भेजा। जुलाई 2018 में वह अपने घर आ गया। घर आते ही वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ स्मृति के दफ्तर अंबाला गया, जहां उसके बॉस प्रिंस से उनकी मुलाकात हुई। प्रिंस ने कहा कि वे मलेशिया के एक लाख रुपये लेते हैं। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने तो स्मृत्ति को डेढ़ लाख रुपये दिए हैं। टिकट के 9000 रुपये अलग से दिए हैं। मेडिकल भी अपने पास से करवाया है, जिसका खर्च 10000 रुपये आया। बाद में वापस बुलाने के लिए भी 75 हजार रुपये दिए। जब प्रिंस ने स्मृत्ति को पैसे वापस देने की बात कही तो स्मृत्ति ने कहा कि उसने सारा पैसा कंपनी खाते में डाल दिया है। वापस मांगने पर कंपनी ने उसके खाते में 46 हजार रुपये डाल दिए। शिकायकर्ता ने बताया कि अब भी कंपनी के पास उसके एक लाख 70 हजार रुपये बकाया हैं। अब न तो स्मृति उनका फोन उठाती है और न ही प्रिंस। उन्होंने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उनके रुपये वापस दिलाए जाएं।
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जांच अधिकारी एएसआई रामनिवास ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
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