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Kaithal News: तीन साल से 15 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री
Fri, 16 Jan 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में 15 जनवरी को तीन साल से न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया जा रहा है। वर्ष 2023 और वर्ष 2024 की 15 जनवरी को भी ऐसा ही मौसम रहा था। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जिले में पिछले वर्ष 15 जनवरी 2025 को अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री और 2024 को 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल यह 14 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और वहां से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों को कोल्ड डे की स्थिति में ला दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी है, क्योंकि गिरता तापमान हृदय और श्वास संबंधी रोगों के खतरे को बढ़ाता है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट आई है, जो पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएँ पहुँच रही हैं। मौसम विभाग का कहना है जनवरी के अंत तक ठंड जारी रह सकती है। आने वाले पश्चिमी विक्षोभ से ठंड और बढ़ सकती है और हल्की बारिश भी संभव है।
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कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें यातायात रहा प्रभावित
गिरते पारे और घने कोहरे ने जनजीवन पर असर डाला है। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। भारतीय रेलवे की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।
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फॉग लाइट व लो-बीम हेडलाइट का प्रयोग करें।
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वाहन की गति नियंत्रित रखें। सीमित दृश्यता के कारण तेज चलना घातक है।
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सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक की स्थिति में टक्कर से बच सकें।
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इंडिकेटर व हैजार्ड लाइट का सही प्रयोग करें।
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मुड़ते समय या रुकते समय इंडिकेटर का प्रयोग अवश्य करें।
n रिफ्लेक्टर टेप व संकेतक अनिवार्य रूप से लगाएं। ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक, ट्रॉली, रेहड़ी व अन्य धीमी गति वाले वाहनों के आगे-पीछे रिफ्लेक्टर टेप व संकेतक अवश्य लगे हों।
n वाहन के शीशे व वाइपर साफ रखें।
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कैथल। जिले में 15 जनवरी को तीन साल से न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया जा रहा है। वर्ष 2023 और वर्ष 2024 की 15 जनवरी को भी ऐसा ही मौसम रहा था। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जिले में पिछले वर्ष 15 जनवरी 2025 को अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री और 2024 को 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल यह 14 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और वहां से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों को कोल्ड डे की स्थिति में ला दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी है, क्योंकि गिरता तापमान हृदय और श्वास संबंधी रोगों के खतरे को बढ़ाता है।
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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट आई है, जो पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएँ पहुँच रही हैं। मौसम विभाग का कहना है जनवरी के अंत तक ठंड जारी रह सकती है। आने वाले पश्चिमी विक्षोभ से ठंड और बढ़ सकती है और हल्की बारिश भी संभव है।
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कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें यातायात रहा प्रभावित
गिरते पारे और घने कोहरे ने जनजीवन पर असर डाला है। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। भारतीय रेलवे की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।
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फॉग लाइट व लो-बीम हेडलाइट का प्रयोग करें।
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वाहन की गति नियंत्रित रखें। सीमित दृश्यता के कारण तेज चलना घातक है।
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सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक की स्थिति में टक्कर से बच सकें।
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इंडिकेटर व हैजार्ड लाइट का सही प्रयोग करें।
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मुड़ते समय या रुकते समय इंडिकेटर का प्रयोग अवश्य करें।
n रिफ्लेक्टर टेप व संकेतक अनिवार्य रूप से लगाएं। ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक, ट्रॉली, रेहड़ी व अन्य धीमी गति वाले वाहनों के आगे-पीछे रिफ्लेक्टर टेप व संकेतक अवश्य लगे हों।
n वाहन के शीशे व वाइपर साफ रखें।