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खाद विक्रेता खाद वितरण में न बरतें ढिलाई
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Fertilizer vendors should not be lax in distribution of fertilizers
- फोटो : Kaithal
अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बराड़ ने विभिन्न खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा उपस्थित सभी प्रमुख खाद विक्रेताओं को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में खाद के वितरण में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। सहकारी समितियों या निजी खाद विक्रेताओं को विभिन्न कंपनियों से प्राप्त खाद का वितरण विभाग के उपनिदेशक द्वारा ही किया जाएगा।
डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर जिला में उर्वरक आपूर्ति करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों व खाद विक्रेताओं के साथ कृषि निदेशालय के अतिरिक्त गन्ना आयुक्त जगदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित वीसी रूम में बैठक का आयोजन हुआ। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद भी मौजूद रहे। बैठक में अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बराड़ ने निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई भी खाद कंपनी या खाद स्टॉकिस्ट, विक्रेता खाद के साथ अन्य वस्तु किसान को देता है या अधिकतम मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत नियमानुसार करवाई जाएगी। प्रत्येक खाद विक्रेता को प्रतिदिन के आधार पर अपना स्टॉक रजिस्टर तथा पीओएस मशीन को अपडेट करना सुनिश्चित करना होगा।
विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी भी समय भौतिक सत्यापन किया जा सकता है। इस संबंध में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार उस फर्म के विरुद्घ एफसीओ 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को इसके साथ-साथ एनपीके व एसएसपी खाद की उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से बताएं। इसके बाद उन्होंने आने वाले समय में नैनो यूरिया का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी।
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बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि चालू रबी सीजन में अभी तक 8585 मीट्रिक टन डीएपी तथा 4210 मीट्रिक टन मिश्रित खादों के आवक जिला कैथल में हो चुकी है, जो कि लगभग पूरा का पूरा किसानों को वितरित किया जा चुका है। जिले में 74 हजार बैग इफ्को डीएपी खाद का रैक एक दो दिन में लगना अपेक्षित है, जो कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को वितरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त लगभग 24 हजार बैग प्राइवेट खाद विक्रेताओं के पास जल्द ही पहुंच जाएगा तथा नवंबर माह में रबी फसलों की बिजाई के लिए 8 हजार मीट्रिक टन खाद की मांग निदेशालय से की हुई है।
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डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर जिला में उर्वरक आपूर्ति करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों व खाद विक्रेताओं के साथ कृषि निदेशालय के अतिरिक्त गन्ना आयुक्त जगदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित वीसी रूम में बैठक का आयोजन हुआ। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद भी मौजूद रहे। बैठक में अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बराड़ ने निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई भी खाद कंपनी या खाद स्टॉकिस्ट, विक्रेता खाद के साथ अन्य वस्तु किसान को देता है या अधिकतम मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत नियमानुसार करवाई जाएगी। प्रत्येक खाद विक्रेता को प्रतिदिन के आधार पर अपना स्टॉक रजिस्टर तथा पीओएस मशीन को अपडेट करना सुनिश्चित करना होगा।
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विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी भी समय भौतिक सत्यापन किया जा सकता है। इस संबंध में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार उस फर्म के विरुद्घ एफसीओ 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को इसके साथ-साथ एनपीके व एसएसपी खाद की उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से बताएं। इसके बाद उन्होंने आने वाले समय में नैनो यूरिया का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी।
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बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि चालू रबी सीजन में अभी तक 8585 मीट्रिक टन डीएपी तथा 4210 मीट्रिक टन मिश्रित खादों के आवक जिला कैथल में हो चुकी है, जो कि लगभग पूरा का पूरा किसानों को वितरित किया जा चुका है। जिले में 74 हजार बैग इफ्को डीएपी खाद का रैक एक दो दिन में लगना अपेक्षित है, जो कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को वितरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त लगभग 24 हजार बैग प्राइवेट खाद विक्रेताओं के पास जल्द ही पहुंच जाएगा तथा नवंबर माह में रबी फसलों की बिजाई के लिए 8 हजार मीट्रिक टन खाद की मांग निदेशालय से की हुई है।