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Kaithal News: कमेटी कार्यालय पर तीन घंटे तक किसानों ने किया प्रदर्शन
Tue, 21 Apr 2026 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 21 Apr 2026 06:04 AM IST
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कलायत में कमेटी कार्यालय के गेट को ताला लगाते भाकियू नेता
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कलायत। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर 3 घंटे तक कलायत मार्केट कमेटी के दफ्तर के गेटों को ताला लगाकर किसानों ने प्रदर्शन किया। भाकियू जिला प्रधान गुरुनाम सिंह सहारण व प्रदेश महासचिव जिया लाल सिंहमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान मार्कीट कमेटी कार्यालय पर जमा हुए और 11 बजे कार्यालय के गेटों पर ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को किसानों द्वारा अपनी मांगों का ज्ञापन सौपा गया।
गुरनाम सिंह ने कहा कि 2020 में सरकार जो तीन काले कानून लेकर आई थी उन्हें 13 मास तक प्रदर्शन व 750 किसानों की शाहादत के बाद सरकार ने तीनों कानूनों को वापस ले लिया था। भारत सरकार फिर से वे ही किसान विरोधी कानून मंडियों में लागू कर इन्हें खत्म करने की कोशिश में है। बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर ट्राली के नंबर, किसान की फोटो, फसल का पंजीकरण आदि नियमों को थोप कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। मंडी की बजाय सीधे कांटों पर प्रति क्विंटल एक किलो की काट कटवा कर ट्राली को तुलवा कर गेहूं को मंडी में डलवाने को मजबूर किया जा रहा है। ताकि आगे किसान इन मंडियों की बजाय अडानी के साईलो में सीधे डाल सके। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की मांग है कि सरकार ये मंडी कानून तुरंत वापिस ले सरकार और पहले की तरह खरीदे। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों को तुरंत प्रभाव से नहीं माना गया तो आंदोलन बड़ा किया जाऐगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। प्रदर्शन मुख्य तौर पर जिया लाल, गुरनाम सिंह सहारण, सुरेंद्र चौशाला, बलवान सिंह, कृष्ण मोर शिमला, प्रीतम सिंह, बलकार कोलेखां मौजूद रहे। संवाद
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गुरनाम सिंह ने कहा कि 2020 में सरकार जो तीन काले कानून लेकर आई थी उन्हें 13 मास तक प्रदर्शन व 750 किसानों की शाहादत के बाद सरकार ने तीनों कानूनों को वापस ले लिया था। भारत सरकार फिर से वे ही किसान विरोधी कानून मंडियों में लागू कर इन्हें खत्म करने की कोशिश में है। बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर ट्राली के नंबर, किसान की फोटो, फसल का पंजीकरण आदि नियमों को थोप कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। मंडी की बजाय सीधे कांटों पर प्रति क्विंटल एक किलो की काट कटवा कर ट्राली को तुलवा कर गेहूं को मंडी में डलवाने को मजबूर किया जा रहा है। ताकि आगे किसान इन मंडियों की बजाय अडानी के साईलो में सीधे डाल सके। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की मांग है कि सरकार ये मंडी कानून तुरंत वापिस ले सरकार और पहले की तरह खरीदे। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों को तुरंत प्रभाव से नहीं माना गया तो आंदोलन बड़ा किया जाऐगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। प्रदर्शन मुख्य तौर पर जिया लाल, गुरनाम सिंह सहारण, सुरेंद्र चौशाला, बलवान सिंह, कृष्ण मोर शिमला, प्रीतम सिंह, बलकार कोलेखां मौजूद रहे। संवाद
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