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किसान आंदोलन: टटियाना व संगतपुरा बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा, बिना ट्रैक्टर की होना था दिल्ली रवाना

Thu, 07 Mar 2024 09:27 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, गुहला-चीका (कैथल)
संवाद न्यूज एजेंसी, गुहला-चीका (कैथल) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 07 Mar 2024 09:27 AM IST
सार

हरियाणा-पंजाब सीमा पर टटियाना बॉर्डर पर लगाए गए नाके के 23 वें दिन आईटीबीपी व पुलिसकर्मी ज्यों के त्यों डटे रहे। बॉर्डर पर माहौल शांतिपूर्ण होने की स्थिति में स्थानीय लोगों ने टटियाना बाॅर्डर पर एंबुलेंस व अन्य छोटे वाहनों के निकलने के लिए तो वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की है।

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Farmers movement, Tight security at Tatiana and Sangatpura border, had to leave for Delhi without tractor
Farmer Protest - फोटो : PTI

विस्तार

अंबाला के शंभू व जींद में दाता सिंह वाला बॉर्डर में धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुधवार को बिना ट्रैक्टर व ट्रॉलियों के ही दिल्ली कूच का आह्वान किया था। इसके तहत इस आह्वान पर जिले में टटियाना व संगतपुरा में पूरा दिन कड़ी सुरक्षा रही। किसानों का गुहला से भी बसों के माध्यम से पहुंचने का अनुमान था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। ऐसे में प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली।

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हरियाणा-पंजाब सीमा पर टटियाना बॉर्डर पर लगाए गए नाके के 23 वें दिन आईटीबीपी व पुलिसकर्मी ज्यों के त्यों डटे रहे। पहले की तरह ही बॉर्डर पर पुलिस बल व अर्धसैनिक बलों की टुकडियां तैनात रहीं। पत्थर मार्केट के नाम से भी चीका शहर की पहचान है। व्यापारी ईश्वर चंद, हरजीत सीड़ा सुखपाल सिंह सौरभ गुप्ता ने बताया कि बुधवार को 23वां दिन है और रास्ते बंद हैं। बताया कि जहां पत्थर मार्केट में एक भी ग्राहक दिखाई नहीं देता, उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि व्यापारी वर्ग सरकार को टैक्स देते हैं, जिससे सरकार का खजाना भरा रहता है। इसलिए टटियाना बॉर्डर का रास्ता खोला जाए।
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लोगों की मांग, जल्द खोले जाएं रास्ते
वहीं, बॉर्डर पर माहौल शांतिपूर्ण होने की स्थिति में स्थानीय लोगों ने टटियाना बाॅर्डर पर एंबुलेंस व अन्य छोटे वाहनों के निकलने के लिए तो वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की है। इन लोगों का कहना है कि यदि माहौल अब शांतिपूर्ण है तो वहां पर आमजन को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। लोगों ने एक बार फिर मांग की है कि टटियाना बाॅर्डर पर कम से कम एंबुलेंस आदि व अन्य छोटे वाहनों के निकलने के लिए तो वैकल्पिक रास्ता बनाया जाए।


राहगीर शमशेर सिंह, गुरतेज सिंह, कुलविंद्र कौर, अनीता रानी, परविंद्र कौर, मंगल सिंह, बिट्टू व रामप्रसाद ने बताया कि जब 23 दिनों से हरियाणा-पंजाब सीमा पर लगाए गए नाका को पार करने के लिए कोई भी किसान नहीं आया तो फिर सरकार व प्रशासन को चाहिए कि नाका खोल दिया जाए। कहा कि लोग चीका से घग्गर नदी पर लगे नाका तक जाने के लिए ऑटो लेते हैं, फिर एक किलोमीटर से भी ज्यादा का सफर बॉर्डर पंजाब की तरफ पार करना पड़ता है।

बॉर्डर पर माहौल बेशक शांतिपूर्ण है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की ओर से टटियाना बॉर्डर पर रास्ता खोलने को लेकर कोई योजना नहीं बनाई है। इसके चलते बुधवार को भी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी रही। जैसे ही आला अधिकारियों के कोई निर्देश होंगे तो उसके अनुसार ही योजना बनाई जाएगी। फिलहान बॉर्डर पर रास्ते बंद रखने के ही आदेश हैं। - कुलदीप बैनीवाल, डीएसपी, गुहला।

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