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तितरम मोड़ से दिल्ली के लिए रवाना हुए किसान
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Farmers left for Delhi from Titram Mor
- फोटो : Kaithal
दिल्ली बॉर्डर पर जाने के लिए भारी संख्या में किसानों का काफिला तितरम मोड़ से वीरवार दोपहर को रवाना हुआ। किसान भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में कैथल से दिल्ली के लिए रवाना हुए। सुबह से ही जिले के विभिन्न स्थानों से आकर किसान तितरम मोड़ पर इकट्ठे होने शुरू हो गए थे। दोपहर तक हजारों की संख्या में किसान अपने वाहनों के साथ तितरम मोड़ पर पहुंच गए। कृषि कानूनों व सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए वहां से दिल्ली की ओर चल पड़े।
प्रदेश अध्यक्ष चढूनी ने कहा कि दिल्ली जाने के लिए कैथल के किसानों में भरे जोश ने ये दिखा दिया है कि किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हठ अपनाए हुए है और किसानों की मांग को नहीं मान रही। किसान भी तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक कृषि कानून समाप्त नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक कर जल्द ही आंदोलन के संबंध में कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष होशियार गिल प्यौदा ने कहा कि किसानों को परेशानी सरकार से नहीं बल्कि कृषि कानूनों से है। अगर सरकार इन कानून को समाप्त कर दे तो किसान अपने आप शांत हो जाएंगे। अगर सरकार नहीं मानती है तो किसान भी अपनी मांगों पर डटे रहेंगे। इस अवसर पर जिले के चारों खंडों से हजारों किसान मौजूद थे।
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प्रदेश अध्यक्ष चढूनी ने कहा कि दिल्ली जाने के लिए कैथल के किसानों में भरे जोश ने ये दिखा दिया है कि किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हठ अपनाए हुए है और किसानों की मांग को नहीं मान रही। किसान भी तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक कृषि कानून समाप्त नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक कर जल्द ही आंदोलन के संबंध में कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष होशियार गिल प्यौदा ने कहा कि किसानों को परेशानी सरकार से नहीं बल्कि कृषि कानूनों से है। अगर सरकार इन कानून को समाप्त कर दे तो किसान अपने आप शांत हो जाएंगे। अगर सरकार नहीं मानती है तो किसान भी अपनी मांगों पर डटे रहेंगे। इस अवसर पर जिले के चारों खंडों से हजारों किसान मौजूद थे।
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