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Kaithal News: पूंडरी में डीएपी खाद की किल्लत पर भड़के किसान
Fri, 20 Jun 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Jun 2025 01:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी/कैथल। पूंडरी में डीएपी खाद की भारी किल्लत से परेशान किसानों का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। बुवाई का समय बीतता जा रहा है, लेकिन खाद न मिलने से खेतों में काम अधर में लटका है और किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
वीरवार को कई गांवों से आए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश महासचिव भूराराम पबनावा के नेतृत्व में कृषि विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने विभाग को ‘’सफेद हाथी’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि विभाग केवल दिखावे तक सीमित रह गया है—जमीन पर कोई प्रभावी काम नहीं हो रहा।
नाराज किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि अधिकारी केवल एसी कमरों में बैठकर कुर्सियां तोड़ रहे हैं, जबकि किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पूरे क्षेत्र में डीएपी खाद की भारी किल्लत है, परंतु विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों का कहना है कि एसडीओ सतीश नेहरा से बात करना तक मुश्किल है—वे किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए उपलब्ध नहीं रहते।
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किसानों ने सवाल उठाया कि जब खाद की कमी पहले से मालूम थी, तो समुचित व्यवस्था समय रहते क्यों नहीं की गई? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह कृषि विभाग की होगी।
दूसरी ओर इस संबंध में कृषि विभाग के एसडीओ सतीश नेहरा ने भी खाद की कमी को स्वीकार करते हुए बताया कि विभाग द्वारा 13,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद की मांग सरकार को भेजी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संभावित रूप से अगले सप्ताह तक खाद की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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पूंडरी/कैथल। पूंडरी में डीएपी खाद की भारी किल्लत से परेशान किसानों का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। बुवाई का समय बीतता जा रहा है, लेकिन खाद न मिलने से खेतों में काम अधर में लटका है और किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
वीरवार को कई गांवों से आए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश महासचिव भूराराम पबनावा के नेतृत्व में कृषि विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने विभाग को ‘’सफेद हाथी’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि विभाग केवल दिखावे तक सीमित रह गया है—जमीन पर कोई प्रभावी काम नहीं हो रहा।
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नाराज किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि अधिकारी केवल एसी कमरों में बैठकर कुर्सियां तोड़ रहे हैं, जबकि किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पूरे क्षेत्र में डीएपी खाद की भारी किल्लत है, परंतु विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों का कहना है कि एसडीओ सतीश नेहरा से बात करना तक मुश्किल है—वे किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए उपलब्ध नहीं रहते।
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किसानों ने सवाल उठाया कि जब खाद की कमी पहले से मालूम थी, तो समुचित व्यवस्था समय रहते क्यों नहीं की गई? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह कृषि विभाग की होगी।
दूसरी ओर इस संबंध में कृषि विभाग के एसडीओ सतीश नेहरा ने भी खाद की कमी को स्वीकार करते हुए बताया कि विभाग द्वारा 13,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद की मांग सरकार को भेजी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संभावित रूप से अगले सप्ताह तक खाद की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।