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किसानों को मार्केट में नहीं मिल रही डीएपी खाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:03 AM IST
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Farmers are not getting DAP fertilizer in the market
बाजार में किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसान धान की कटाई के तुरंत बाद कई बार सीधी फानों में गेहूं की बीजाई करते हैं। कई किसान सीधी बीजाई के लिए पहले ही डीएपी खाद के प्रबंध के प्रयास में हैं, लेकिन डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
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किसान मनोज कुमार, संजय, विजय, राकेश व अन्य ने कहा कि किसानों को हर कदम पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब डीएपी खाद की इतनी किल्लत बनी हुई है कि किसानों को एक बैग भी डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है। अनाज मंडी में दुकान हों या कहीं ओर, कहीं से भी उन्हें डीएपी नहीं मिल पा रहा है। उनकी मांग है कि डीएपी उपलब्ध करवाया जाए।
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हैफेड के अधिकारियों ने कहा कि अभी स्टॉक में डीएपी नहीं है। जैसे ही स्टॉक आएगा, उसी अनुसार किसानों को सोसायटी के माध्यम से दे दिया जाएगा। इफ्को खाद के कर्मचारी ने कहा कि एक सप्ताह बाद एक रैक आना है। एक सप्ताह में ही रैक आने की उम्मीद है। कुछ निजी कंपनियों के खाद बाजार में उपलब्ध हैं।
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वहीं कृभको के अधिकारियों ने बताया कि एक 52000 कट्टों का रैक आया था। जिसमें से कुछ दूसरे जिलों में भेजा गया है। शेष को सोसाइटीज में भेज दिया गया है। अभी स्टॉक में नहीं हैं। लेकिन किसान मांग कर रहे हैं।

डीडीए डॅा. कर्मचंद ने कहा कि रबी सीजन के साथ ही रबी फसलों की बिजाई भी शुरू हो चुकी है। विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद मौजूद है। इस सीजन की मुख्य फसल गेहूं है, जिसकी बीजाई 25 अक्तूबर के बाद ही शुरू होगी। सीजन को देखते हुए डीएपी खाद की स्टॉकिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त किसानों को सलाह दी जाती है कि वे वैकल्पिक खाद जैसे एनपीके 12:32:16 तथा एसएसपी का प्रयोग भी सिफारिश अनुसार कर सकते हैं। सरसों की बीजाई के लिए एसएसपी खाद का प्रयोग करना बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि इस खाद में फास्फोरस के साथ सल्फर की मात्रा भी होती है। जो तिलहन फसलों में तेल की मात्रा को बढ़ाता है, जिससे उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसके साथ ही पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। उत्पादन में वृद्धि के साथ किसान को आर्थिक लाभ भी होता है। उन्होंने बताया कि जिला में खाद की उपलब्धता तथा निगरानी के लिए खंड स्तर पर खाद निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई हैं। खाद स्टाकिस्ट या विक्रेताओं द्वारा खाद की बिक्री में कोई अनियमितता बरती गई तो उनके विरुद्ध फर्टिलाइजर कंट्रोल आर्डर 1985 के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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