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Kaithal News: बासमती धान के भाव में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर किसान असमंजस में
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ढांड। बासमती धान के भाव में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर किसान असमंजस की स्थिति में हैं, क्योंकि दीपावली के आसपास बासमती धान का रेट 6300 रुपये प्रति क्विंटल था लेकिन उसके बाद अचानक 5200 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। एकदम से 1100 रुपये दाम कम होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया। किसान सुरेश कुमार, दिलबाग सिंह, सतपाल, सुशील कुमार ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बासमती धान की पैदावार में भी काफी गिरावट आई है।
इसके साथ-साथ इसके भाव भी काफी कम मिल रहे हैं, जो हमारे लिए चिंता का विषय है। क्योंकि महंगे दामों पर जमीन को ठेके पर लिया हुआ है और उस पर भारी खर्च करके धान की पैदावार की है लेकिन मंडियों में इसके भाव भी उचित न मिलने से उनके लिए खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। किसानों ने बासमती धान के भावों में कमी होने का मुख्य कारण बाजार हैफेड द्वारा इसकी खरीद ना करना बताया है। क्योंकि गत वर्ष बाजार में प्राइवेट खरीददारों को हैफेड से प्रतिस्पर्धा के चलते ऊंचे दाम देने पड़े थे लेकिन इस वर्ष हैफेड द्वारा बासमती धान न खरीदने से प्राइवेट खरीदार मनमाने दाम दे रहे हैं।
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इसके साथ-साथ इसके भाव भी काफी कम मिल रहे हैं, जो हमारे लिए चिंता का विषय है। क्योंकि महंगे दामों पर जमीन को ठेके पर लिया हुआ है और उस पर भारी खर्च करके धान की पैदावार की है लेकिन मंडियों में इसके भाव भी उचित न मिलने से उनके लिए खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। किसानों ने बासमती धान के भावों में कमी होने का मुख्य कारण बाजार हैफेड द्वारा इसकी खरीद ना करना बताया है। क्योंकि गत वर्ष बाजार में प्राइवेट खरीददारों को हैफेड से प्रतिस्पर्धा के चलते ऊंचे दाम देने पड़े थे लेकिन इस वर्ष हैफेड द्वारा बासमती धान न खरीदने से प्राइवेट खरीदार मनमाने दाम दे रहे हैं।
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