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धान ना बिकने से परेशान होकर किसान बैठा मार्केट कमेटी में भूख हड़ताल पर
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Sat, 15 Oct 2016 12:19 AM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : कैथ्ाल
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ढांड। चार दिनों से अनाज मंडी ढांड में धान ना बिकने से परेशान किसान वेदप्रकाश जाजनपुर ने आढ़ती फर्म के मुनीम रामनिवास के साथ ढांड मार्केट कमेटी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। किसान व मुनीम द्वारा भूख हड़ताल की भनक लगते ही खरीद एजैंसी के अधिकारियों में हडक़ंप मच गया भूख हड़ताल पर बैठे किसान को समझाने में लग गए। उधर, किसान द्वारा भूख हड़ताल पर बैठने के दौरान मंडी में धान लेकर आए किसान भी कमेटी में पहुंच गए और किसान के साथ भूख हड़ताल पर बैठकर सरकार, प्रशासन व अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताना शुरू कर दिया।
किसान वेदप्रकाश जाजनपुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले 4 दिनों से अनाज मंडी में धान बेचने के लिए डेरा डाले बैठे है, लेकिन प्राइवेट खरीददार व सरकारी एजैंसी के अधिकारी धान खरीद करने में आनाकानी कर रहे है और धान में कई प्रकार की कमियां निकाल रहे है। जिस कारण आज मजबूर होकर मुनीम के साथ धान बिकने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। इस दौरान मौके पर पहुंचे किसान सुरेंद्र चंदलाना, सुभाष भटेड़ी, हरीपाल जाजनपुर, मांगे राम, रामपाल, नरेश कुमार,राम सिंह, प्रेम सिंह, नफे सिंह, जिले सिंह, रोशन लाल सहित कई किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि धान खरीद के नाम पर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है और कई-कई दिनों से मंडी में पड़ी धान को खरीदा नहीं जा रहा है।
किसान अधिकारियों व प्राइवेट मिलरों के आगे पीछे चक्कर काट रहे है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीजन में सरकार, अधिकारियों व प्राइवेट खरीददारों ने किसानों का शोषण करने व खून के आंसू रुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
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भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना मिलते ही सरकारी खरीद एजेंसी अधिकारी हेफेड मैनेजर सुरेश कुमार व ढांड मार्कीट कमेटी सचिव सतबीर नैन मौके पर कुछ ही समय में पहुंच गए और किसान को आश्वासन दिया कि उसकी धान की ढेरी की खरीद कर ली जाएगी। जिस पर किसान ने मंडी में आए सभी किसानों की धान को नमी जांचने वाले यंत्र के साथ सरकारी मापदंड के आधार पर खरीदने की मांग की। जिस पर अधिकारियों ने किसानों की मौजूदगी में सबसे पहले भूख हड़ताल पर बैठे किसान वेदप्रकाश जाजनपुर की नमी जांचने वाले यंत्र के साथ जांच की और 20 प्रतिशत की नमी आने पर सरकारी मापदंड के हिसाब से खरीद कर ली और अन्य किसानों की फसलों की जांच करके खरीद कार्य शुरू कर दिया। जिस पर किसान भूख हड़ताल पर उठने पर राजी हुए।
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किसान वेदप्रकाश जाजनपुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले 4 दिनों से अनाज मंडी में धान बेचने के लिए डेरा डाले बैठे है, लेकिन प्राइवेट खरीददार व सरकारी एजैंसी के अधिकारी धान खरीद करने में आनाकानी कर रहे है और धान में कई प्रकार की कमियां निकाल रहे है। जिस कारण आज मजबूर होकर मुनीम के साथ धान बिकने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। इस दौरान मौके पर पहुंचे किसान सुरेंद्र चंदलाना, सुभाष भटेड़ी, हरीपाल जाजनपुर, मांगे राम, रामपाल, नरेश कुमार,राम सिंह, प्रेम सिंह, नफे सिंह, जिले सिंह, रोशन लाल सहित कई किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि धान खरीद के नाम पर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है और कई-कई दिनों से मंडी में पड़ी धान को खरीदा नहीं जा रहा है।
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किसान अधिकारियों व प्राइवेट मिलरों के आगे पीछे चक्कर काट रहे है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीजन में सरकार, अधिकारियों व प्राइवेट खरीददारों ने किसानों का शोषण करने व खून के आंसू रुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
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भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना मिलते ही सरकारी खरीद एजेंसी अधिकारी हेफेड मैनेजर सुरेश कुमार व ढांड मार्कीट कमेटी सचिव सतबीर नैन मौके पर कुछ ही समय में पहुंच गए और किसान को आश्वासन दिया कि उसकी धान की ढेरी की खरीद कर ली जाएगी। जिस पर किसान ने मंडी में आए सभी किसानों की धान को नमी जांचने वाले यंत्र के साथ सरकारी मापदंड के आधार पर खरीदने की मांग की। जिस पर अधिकारियों ने किसानों की मौजूदगी में सबसे पहले भूख हड़ताल पर बैठे किसान वेदप्रकाश जाजनपुर की नमी जांचने वाले यंत्र के साथ जांच की और 20 प्रतिशत की नमी आने पर सरकारी मापदंड के हिसाब से खरीद कर ली और अन्य किसानों की फसलों की जांच करके खरीद कार्य शुरू कर दिया। जिस पर किसान भूख हड़ताल पर उठने पर राजी हुए।