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Kaithal News: पराली जलाने के दुष्प्रभाव बताए, प्रबंधन की सलाह
Fri, 21 Nov 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 21 Nov 2025 01:02 AM IST
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कैथल। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्योदा में विद्यालय स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को पराली प्रबंधन की महत्ता और पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयोजक एवं केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन समय की जरूरत है। खेतों में पराली का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। डॉ. जसबीर सिंह ने कहा कि खेतों से बाहर अवशेष प्रबंधन के लिए हे-रेकर और बेलर जैसी मशीनें भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। शिविर में विद्यालय के अध्यापक सुखविंदर सिंह और राजेश के मार्गदर्शन में कुल 105 विद्यार्थियों ने भाग लिया। संवाद