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इंदिरा गांधी महिला कालेज में हो सकता है सांयकालीन सत्र
beauro kaithal
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:37 AM IST
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इंदिरा गांधी महिला कालेज में इस सत्र से सांयकालीन कक्षाएं शुरू हो सकती है।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा कैथल के इंदिरा गांधी महिला कालेज में इस सत्र से सांयकालीन कक्षाएं शुरू हो सकती है। जिसमें जिले की छात्राओं काफी लाभ होगा। इंदिरा गांधी महिला कालेज में बीए, बीकॉम, बीएससी में सीमित सीटें होने के कारण अधिकतर छात्राएं दाखिले से वंचित रह जाती है। सांयकालीन सत्र शुरू होने के बाद जिले के सभी छात्राओं को दाखिला आसानी से महिला कालेज में हो जाएगा। इससे पहले आरकेएसडी कालेज में सांयकालीन की पढ़ाई हो रही है।
इंदिरा गांधी महिला कालेज जिले में लड़कियों का एकमात्र कालेज है। जिसमें गांवों से शहर से लड़कियां पढ़ाई के लिए आती है। अंक प्रतिशत कम होने के कारण कई बार लड़कियां कालेज में दाखिला नहीं ले पाती है। जिसके कारण लड़कियों को शिक्षा के वंचित रहना पड़ता है।
विश्वविद्यालय से सांयकालीन सत्र शुरू करने की मांगी अनुमति - कालेज प्रबंधक समिति के उप प्रधान राम बहादुर खुरानियां ने बताया कि सांयकालीन सत्र शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय से अनुमति मांगी है। अगर विश्वविद्यालय अनुमति दे देता है तो इसी सत्र से सांयकालीन कक्षाएं शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्राओं की भी मांग है कि कालेज में सांयकालीन सत्र शुरू हो। जिसमें जिले में लड़कियों को लाभ मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि लड़कियों के लिए यह एकमात्र कालेज है। जिसमें केवल लड़कियां शिक्षा ग्रहण करती है। उन्होंने बताया कि अधिकतर अभिभावक लड़कियों के कालेज में ही लड़कियों को भेजना पंसद करते है। कम प्रतिशत अंक आने के कारण व सीटें सीमित होनेे कारण बहुत सी बेटियों को दाखिला नहीं मिलता है। जिसके कारण वह शिक्षा से वंचित रह जाती है।
कालेज में इन विषयों की होती पढ़ाई
कालेज में बीए, बीकॉम, बीएससी मेडिकल, बीएससी कंप्यूटर, बीएससी नान मेडिकल, बीकॉम, एम कॉम, एमए अर्थशास्त्र, बीएएमसी, फाइन आर्टस की पढ़ाई होती है।
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इंदिरा गांधी महिला कालेज जिले में लड़कियों का एकमात्र कालेज है। जिसमें गांवों से शहर से लड़कियां पढ़ाई के लिए आती है। अंक प्रतिशत कम होने के कारण कई बार लड़कियां कालेज में दाखिला नहीं ले पाती है। जिसके कारण लड़कियों को शिक्षा के वंचित रहना पड़ता है।
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विश्वविद्यालय से सांयकालीन सत्र शुरू करने की मांगी अनुमति - कालेज प्रबंधक समिति के उप प्रधान राम बहादुर खुरानियां ने बताया कि सांयकालीन सत्र शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय से अनुमति मांगी है। अगर विश्वविद्यालय अनुमति दे देता है तो इसी सत्र से सांयकालीन कक्षाएं शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्राओं की भी मांग है कि कालेज में सांयकालीन सत्र शुरू हो। जिसमें जिले में लड़कियों को लाभ मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि लड़कियों के लिए यह एकमात्र कालेज है। जिसमें केवल लड़कियां शिक्षा ग्रहण करती है। उन्होंने बताया कि अधिकतर अभिभावक लड़कियों के कालेज में ही लड़कियों को भेजना पंसद करते है। कम प्रतिशत अंक आने के कारण व सीटें सीमित होनेे कारण बहुत सी बेटियों को दाखिला नहीं मिलता है। जिसके कारण वह शिक्षा से वंचित रह जाती है।
कालेज में इन विषयों की होती पढ़ाई
कालेज में बीए, बीकॉम, बीएससी मेडिकल, बीएससी कंप्यूटर, बीएससी नान मेडिकल, बीकॉम, एम कॉम, एमए अर्थशास्त्र, बीएएमसी, फाइन आर्टस की पढ़ाई होती है।