फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   English paper given to B.Ed Hindi medium students, expressed displeasure

Kaithal News: बीएड हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को दिया अंग्रेजी का पेपर, जताई नाराजगी

Sat, 07 Jun 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 07 Jun 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
English paper given to B.Ed Hindi medium students, expressed displeasure
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। डाॅ. भीम राव आंबडेकर कॉलेज में बीएड हिंदी मीडियम के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम का पेपर थमा दिया गया। यह देखकर परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने विरोध भी जताया लेकिन अंततः उन्हें उसी पेपर के आधार पर परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। ज्यादातर ने परीक्षा के आधार पर अच्छे अंक न मिलने की बात कही।

परीक्षा देने के लिए पहुंचे भिवानी जिले के निवासी सतपाल ने बताया कि शुक्रवार को उनकी बीएड की परीक्षा कैथल के राजकीय आंबेडकर कॉलेज में थी। बीएड पार्ट वन लर्निंग एंड टीचिंग की परीक्षा थी। उन्होंने फार्म में हिंदी माध्यम भरा था और वे हिंदी माध्यम के ही विद्यार्थी हैं, लेकिन परीक्षा केंद्र में उन्हें अंग्रेजी माध्यम का पेपर थमा दिया गया। प्रश्नपत्र सही से समझ न आने से उन्हें बहुत दिक्कतें हुई।
विज्ञापन


परीक्षा केंद्र पर कई परीक्षार्थियों ने इस पर रोष जताया। इस वजह से केंद्र पर करीब 20 मिनट देरी हो गई लेकिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय भी नहीं दिया गया। दूसरी ओर परीक्षा केंद्र में ड्यूटी देने वाले कर्मियों ने कहा कि वे इस बारे में उन्हें लिखकर दे दो। हम उच्च अधिकारियों को इस बारे में मेल कर देंगे। हमारे कुछ हाथ में नहीं है। आधा अधूरा व आधी समझ के साथ उन्होंने परीक्षा दी। उनकी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मांग है कि उन्हें इस पेपर के ग्रेस मार्क दिए जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस केंद्र में जो सभी पेपर थे वे सभी अंग्रेजी माध्यम में थे। एक अन्य परीक्षार्थी अनिल कुमार निवासी यमुनानगर ने कहा कि उनका पेपर एक एक बजकर 30 मिनट पर शुरू होना था, लेकिन दो बजे शुरू किया गया। जब पेपर देखा तो उनके पास अंग्रेजी माध्यम में पेपर आया जबकि उन्होंने फार्म में हिंदी माध्यम भरा था। उनकी इतनी अच्छी तैयारी थी लेकिन माध्यम अंग्रेजी होने की वजह से उनकी पेपर अच्छा नहीं हो पाया।

उनकी यूनिवर्सिटी से मांग है कि इसमें ग्रेस मार्क दिए जाए। उसमें करीब 50 से 60 छात्र थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार के नाम पत्र लिखा है ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके। एक अन्य छात्र ने कहा कि यूनिवर्सिटी की मेल के जवाब के चक्कर में उनकी 20 मिनट और खराब हो गई। परीक्षार्थियों ने जब आवाज उठाई तो कहा गया कि हमारे कुछ हाथ में नहीं है। आप हमें लिखकर दे सकते हैं। करीब 20 मिनट तो उन्हें बैठकर रखा गया कि वे यूनिवर्सिटी से पता करते हैं कि इसके बाद उन्हें अंग्रेजी माध्यम का पेपर दिया गया। वह पेपर भी उसी समय ले लिया गया। उनके 20 मिनट खराब हुए। इसके एवज में उन्हें अधिक समय भी नहीं दिया गया।

दूसरी ओर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंबेश्वर प्रकाश ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


विद्यार्थियों ने केवल एक ही अंग्रेजी माध्यम में पेपर आने पर रोष जताया था। उनकी मांग थी कि दोनों माध्यम में पेपर आना चाहिए था। विद्यार्थियों ने ग्रेस मार्क देने की मांग की है। उनके आवेदन लेकर इसे संबंधी विभाग को भेज दिया है। -डॉ. मनोज भांबू, प्राचार्य, डाॅ. भीम राव आंबडेकर कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed