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Kaithal News: 13 मई को हुए समझौते को लागू करने की मांग पर कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:05 AM IST
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Employees continue to protest, demanding the implementation of the agreement reached on May 13.
मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नगर परिषद कर्मचारी।
कैथल। नगर परिषद कर्मचारी संघ हरियाणा (सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबद्ध) के आह्वान पर वीरवार को दूसरे दिन भी नगर परिषद कैथल के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए विरोध-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने हाथों में उल्टी झाड़ू लेकर नगर परिषद परिसर में प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान महेंद्र कुमार बिड़लान ने की, जबकि संचालन ब्लॉक सचिव विक्की टांक ने किया। गेट मीटिंग और प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारियों ने भाग लिया।
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गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य मुख्य संगठनकर्ता व सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव शिवचरण और जिला प्रधान गौरव टांक ने कहा कि हरियाणा सरकार सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों के साथ लगातार वादाखिलाफी और भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के बाद 13 मई को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा भवन में विभागीय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर और अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों को जायज मानते हुए 20 जून तक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज तक प्रमुख मांगों पर कोई परिपत्र जारी नहीं किया गया।

शिवचरण ने कहा कि 24 अक्तूबर 2024 को जींद में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मंत्री कृष्ण बेदी ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 26 हजार रुपये और शहरी सफाई कर्मचारियों का वेतन 27 हजार रुपये करने की घोषणा की थी।

इसके अलावा संत कबीर दास जयंती पर 2,100 रुपये वेतन वृद्धि की भी घोषणा की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्ष बाद केवल 2,100 रुपये की बढ़ोतरी का पत्र जारी किया गया, सभी कर्मचारियों को इसका भी लाभ नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि 8 फरवरी 2023 को सरकार ने आंदोलन के दबाव में पेरोल कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी पत्र जारी किया था। इसके बाद 13 मई के समझौते में भी प्रदेश के लगभग 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन सरकार अब अपने वादे से पीछे हट रही है।

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समझौते को लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई को जिला स्तरीय रैली एवं प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।


मुख्य मांगें
सभी प्रकार की ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लिया जाए।
दो वर्ष की नीति बनाकर कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
नियमित होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को प्रतिमाह 5,000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना तथा वर्ष 2006 की एक्स-ग्रेशिया नीति बहाल की जाए।

प्रदर्शन में सुमेश राणा, मुकेश कुमार प्रेमी, विक्की बेदी, वीना, सुरेंद्र कुमार, देशराज चौहान, सन्नी कांगड़ा, सूरज कल्याण, सोनू कल्याण, सुरेश कुमार और सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नगर परिषद कर्मचारी।

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नगर परिषद कर्मचारी।

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