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मीटर रीडिंग लेने के साथ मिल जाएगा बिजली बिल
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कैथल। ग्रामीण व शहरी बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। बिजली निगम अब पूरे जिले में पहली अगस्त से ऑन द स्पॉट बिलिंग करेगा। इसके तहत मीटर रीडिंग लेने के बाद उपभोक्ताओं को तुरंत बिजली का बिल मिल जाएगा। इस व्यवस्था से बिजली बिल ठीक करवाने वाली समस्या के साथ-साथ मीटर की गलत रीडिंग बिल में दर्ज होने वाली समस्या से भी उपभोक्ताओं को निजात मिलेगी।
गौरतलब है कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कैथल ने बिजली बिलों को अब एसबीएम (स्पॉट बिलिंग मशीन) से बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उपभोक्ता के सामने कर्मचारी मीटर से रीडिंग लेकर सामने मशीन में दर्ज करेगा और इसके बाद बना बिजली का बिल उसे जमा करने के लिए थमा दिया जाएगा। इससे मीटर की रीडिंग गलत लेने या घर बैठे ही अपनी मर्जी से रीडिंग लिखने, बिल गलत आने की शिकायतों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। दरअसल, बिजली बिल गलत आने पर उपभोक्ताओं को पहले अपने क्षेत्र के लाइनमैन और फिर विद्युत निगम के कार्यालय में चक्कर काटने पड़ते हैं। इस नई तकनीक से उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए 15 दिन का समय मिल जाएगा।
अभी तक कई उपभोक्ताओं की शिकायत रहती थी कि बिजली बिल देर से आता है या मिलता ही नहीं है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त शुल्क अदा करना पड़ता था। अभी तक हरियाणा एक्स सर्विस लीग के कर्मचारी महीने की एक से तीन तारीख के बीच मीटर रीडिंग नोट करते हैं। फिर से ऑनलाइन मुख्यालय में भेजा जाता है। इसके बाद रीडिंग का एसएमएस आता है और बिल उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। संवाद
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निगम के पास पहुंची 90 रीडिंग मशीनें
हरियाणा एक्स सर्विस लीग के पास करीब 90 रीडिंग मशीनें पहुंची हैं। इन्हें मीटर के साथ अटैच करने के बाद ऑनलाइन रीडिंग नोट हो जाएगी। इसके बाद प्रिंट निकाल कर बिल उपभोक्ताओं को थमा दिया जाएगा।
जिले में हैं साढ़े तीन लाख उपभोक्ता
कैथल जिले में 184 फीडर है। करीब 292 गांव में बिजली की आपूर्ति की जाती है। जिले में एक सर्कल कार्यालय, तीन डिवीजन और सात सब डिवीजन है। करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता है। इनमें सवा दो लाख घरेलू, उद्योग के 80 व 55 हजार किसानों उपभोक्ता हैं। बिलिंग ब्रांच इंचार्ज समप्रीत बिंद्र ने बताया कि एक अगस्त से पूरे जिले में ऑन द स्पॉट बिलिंग देने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके पहले कैथल में कुछ जगह पर ऑन द स्पॉट बिल कार्य शुरू किया गया था।
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गौरतलब है कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कैथल ने बिजली बिलों को अब एसबीएम (स्पॉट बिलिंग मशीन) से बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उपभोक्ता के सामने कर्मचारी मीटर से रीडिंग लेकर सामने मशीन में दर्ज करेगा और इसके बाद बना बिजली का बिल उसे जमा करने के लिए थमा दिया जाएगा। इससे मीटर की रीडिंग गलत लेने या घर बैठे ही अपनी मर्जी से रीडिंग लिखने, बिल गलत आने की शिकायतों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। दरअसल, बिजली बिल गलत आने पर उपभोक्ताओं को पहले अपने क्षेत्र के लाइनमैन और फिर विद्युत निगम के कार्यालय में चक्कर काटने पड़ते हैं। इस नई तकनीक से उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए 15 दिन का समय मिल जाएगा।
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अभी तक कई उपभोक्ताओं की शिकायत रहती थी कि बिजली बिल देर से आता है या मिलता ही नहीं है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त शुल्क अदा करना पड़ता था। अभी तक हरियाणा एक्स सर्विस लीग के कर्मचारी महीने की एक से तीन तारीख के बीच मीटर रीडिंग नोट करते हैं। फिर से ऑनलाइन मुख्यालय में भेजा जाता है। इसके बाद रीडिंग का एसएमएस आता है और बिल उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। संवाद
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निगम के पास पहुंची 90 रीडिंग मशीनें
हरियाणा एक्स सर्विस लीग के पास करीब 90 रीडिंग मशीनें पहुंची हैं। इन्हें मीटर के साथ अटैच करने के बाद ऑनलाइन रीडिंग नोट हो जाएगी। इसके बाद प्रिंट निकाल कर बिल उपभोक्ताओं को थमा दिया जाएगा।
जिले में हैं साढ़े तीन लाख उपभोक्ता
कैथल जिले में 184 फीडर है। करीब 292 गांव में बिजली की आपूर्ति की जाती है। जिले में एक सर्कल कार्यालय, तीन डिवीजन और सात सब डिवीजन है। करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता है। इनमें सवा दो लाख घरेलू, उद्योग के 80 व 55 हजार किसानों उपभोक्ता हैं। बिलिंग ब्रांच इंचार्ज समप्रीत बिंद्र ने बताया कि एक अगस्त से पूरे जिले में ऑन द स्पॉट बिलिंग देने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके पहले कैथल में कुछ जगह पर ऑन द स्पॉट बिल कार्य शुरू किया गया था।