{"_id":"5e18e3b68ebc3e87c0698ae4","slug":"education-student-kaithal-village-kaithal-news-knl18254955","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका विवि के विद्यार्थियों ने किया खानपुर का भ्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमेरिका विवि के विद्यार्थियों ने किया खानपुर का भ्रमण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका विश्वविद्यालय के पत्रकारिता के छात्रों का एक 22 सदस्यीय एक दल इन दिनों कैथल जिले के भ्रमण पर आया हुआ है। इस दल के सदस्यों ने गांव खानपुर का भ्रमण किया। गांव खानपुर पहुंचे 4 सदस्यीय दल में जैकवन लोह, ईमा इड्सवुग, जॉश टावनर व ब्रीडन पिटर्सन शामिल थे। सबसे पहले यह दल गांव खानपुर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले पुस्तकालय एवं कोङ्क्षचग सेंटर का निरीक्षण किया, जहां जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा एवं कोचिंग उपलब्ध करवाई जाती है। यहां अमेरिका से आए छात्रों के दल ने बच्चों एवं ग्रामीणों से बातचीत की और उनके यहां के कल्चर एवं संस्कृति के बारे में जाना। अमेरिका से आए छात्रों के दल के साथ हिंदी से अंग्रेजी व अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद करने के लिए नेहा व नीलम रानी साथ में थे। अमेरिका से आए छात्रों ने ग्रामीण महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों व गांव में बने मकानों की फोटो ली। इसके बाद सभी छात्रों ने ग्रामीण खाने का भी आनंद लिया। भारतीय व गांव में खाना खाकर अमेरिका के छात्र काफी खुश दिखे। बदलाव सोशल सोसायटी से प्रो. अनिल सिरोही, मनोज, देवेंद्र सिरोही, प्रो. सुमन, रीना, सिवानी, एडीओ डॉ. ईश्वर कुमार, सरपंच रामनाथ सैनी, नरेश सैनी, सुभाष, सुरेश उपस्थित थे।
अस्पताल का भी किया दौरा
अमेरिकी विद्यार्थियों के एक दल ने आशा वर्कर्स के काम को स्टडी करते हुए गर्भवती महिला को गांवों से शहरों तक लेकर आने, जिला अस्पताल में उस महिला को दाखिल करवाने, दाखिल करवाने के बाद उसकी देखबाल व उसकी डिलीवरी करवाने तक की पूरी प्रक्रिया का भी अध्ययन किया। यूएसए के विद्यार्थी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद उसके साथ जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने प्रसव की पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल की।
गांव गोहरा खेड़ी से भी विद्यार्थी गांव में रोजी-रोटी का साधन बन रहे मधुमक्खी पालन की जानकारी हासिल कर रहे हैं। अधिकतर मधुमक्खी पालक इस समय अपने मधुमक्खियों के डिब्बे लेकर सरसों उत्पादक एरिया में गए हुए हैं। लेकिन उनके परिवारों से इन विद्यार्थियों ने आवश्यक जानकारी हासिल की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल का भी किया दौरा
अमेरिकी विद्यार्थियों के एक दल ने आशा वर्कर्स के काम को स्टडी करते हुए गर्भवती महिला को गांवों से शहरों तक लेकर आने, जिला अस्पताल में उस महिला को दाखिल करवाने, दाखिल करवाने के बाद उसकी देखबाल व उसकी डिलीवरी करवाने तक की पूरी प्रक्रिया का भी अध्ययन किया। यूएसए के विद्यार्थी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद उसके साथ जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने प्रसव की पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
गांव गोहरा खेड़ी से भी विद्यार्थी गांव में रोजी-रोटी का साधन बन रहे मधुमक्खी पालन की जानकारी हासिल कर रहे हैं। अधिकतर मधुमक्खी पालक इस समय अपने मधुमक्खियों के डिब्बे लेकर सरसों उत्पादक एरिया में गए हुए हैं। लेकिन उनके परिवारों से इन विद्यार्थियों ने आवश्यक जानकारी हासिल की है।
विज्ञापन