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साधनों और डॉक्टरों के अभाव में दम तोड़ रही ई-संजीवनी ओपीडी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 May 2021 12:06 AM IST
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E-Sanjeevani OPD succumbing to lack of resources and doctors
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई ई-संजीवनी योजना ओपीडी अब संसाधनों और डॉक्टरों के अभाव में दम तोड़ रही है। दिन में ई-संजीवनी एप पर रोजाना एक दर्जन के आसपास ही लोगों की कॉल ओपीडी के लिए आ रही है। न तो जिलावासी ऑनलाइन ओपीडी में रुचि दिखा रहे हैं और न ही मौजूदा डॉक्टरों के पास समय और संसाधन इतने हैं कि वे अपने ओपीडी कक्ष में बैठकर ही ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से मरीजों को देख सकें।
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डॉक्टरों की कमी ई-संजीवनी के संचालन में बन रही बाधा-गौरतलब है कि इस समय जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के कुल 55 पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल 22 पदों पर ही इस समय डॉक्टर मौजूद हैं। कोरोना काल में वैसे ही डॉक्टरों की कमी अस्पताल को खल रही है। ऐसे हालात में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के अन्य प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टरों को बुलाकर स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास किया जा रहा है। यहां तक की ऑफलाइन ओपीडी भी केवल दोपहर तक ही डॉक्टरों द्वारा की जा रही है।
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अस्पताल में जब तक ऑफलाइन ओपीडी का समय होता है, उसी समय तक मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा दी जा रही है। इस दौरान प्रत्येक डॉक्टर को केवल दो-दो घंटे का समय ही ऑनलाइन परामर्श लेने वाले मरीजों के लिए दिया जाता है। कई बार तो ये डॉक्टर भी इंतजार करके वापस अपने कक्षों और अन्य ड्यूटी में लग जाते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए ऑनलाइन ओपीडी शुरू की गई। इसे शुरू करने का एक कारण ये भी रहा कि अस्पताल में छोटे-मोटे परामर्श के लिए मरीजों को न आना पड़े और घर बैठे ही इलाज को आगे बढ़ा सकें। इसके लिए विभाग ने करीब 10 डॉक्टरों को ऑनलाइन सेवाओं के लिए चुना गया है। मरीजों को सलाह के साथ-साथ दवाइयों की डिटेल भी ऑनलाइन ही बताई जानी है।

सिविल सर्जन डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि ई-संजीवनी के लिए नागरिक अस्पताल में अलग से कक्ष बनाया गया है, जहां डॉक्टर ऑनलाइन ओपीडी करते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोरोना के चलते इस सेवा की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा सका। आने वाले दिनों में ई-संजीवनी को और ज्यादा सेवाओं के साथ मजबूती दी जाएगी।
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