{"_id":"6928afda65ad7cc35b0b12ed","slug":"dumada-chandana-road-has-not-been-constructed-for-three-years-kaithal-news-c-245-1-kht1005-141349-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: तीन साल से नहीं बनी दुमाडा-चंदाना सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: तीन साल से नहीं बनी दुमाडा-चंदाना सड़क
Fri, 28 Nov 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:38 AM IST
विज्ञापन
27केएलटी6: जर्जर रास्ता
- फोटो : samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। दुमाडा से चंदाना को जोड़ने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क पिछले तीन वर्षों से जर्जर हालत में है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तीन साल पहले मार्केटिंग बोर्ड ने सड़क निर्माण शुरू करते हुए रोड़ा बिछा दिया था, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ा हुआ है।
गांव दुमाडा निवासी राजेश कुमार, विनोद और सुनील ने बताया कि पहले कच्चे रास्ते से मुश्किलें झेलते हुए काम चल जाता था, लेकिन रोड़ा बिछने के बाद सड़क चलने लायक नहीं रही। नुकीले पत्थरों की वजह से दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके अलावा, बुग्गी में जुड़े पशुओं के पांव भी जख्मी हो जाते हैं, जिससे उनका चलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से उन्होंने विभाग से सड़क
निर्माण की मांग की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ विक्रम ने बताया कि तीन साल पहले सड़क निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन एक किसान द्वारा कोर्ट में स्टे लेने के कारण काम रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार इस समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है और किसान से बातचीत जारी है। कोर्ट में अगली सुनवाई 28 नवंबर को निर्धारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलायत। दुमाडा से चंदाना को जोड़ने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क पिछले तीन वर्षों से जर्जर हालत में है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तीन साल पहले मार्केटिंग बोर्ड ने सड़क निर्माण शुरू करते हुए रोड़ा बिछा दिया था, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ा हुआ है।
गांव दुमाडा निवासी राजेश कुमार, विनोद और सुनील ने बताया कि पहले कच्चे रास्ते से मुश्किलें झेलते हुए काम चल जाता था, लेकिन रोड़ा बिछने के बाद सड़क चलने लायक नहीं रही। नुकीले पत्थरों की वजह से दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके अलावा, बुग्गी में जुड़े पशुओं के पांव भी जख्मी हो जाते हैं, जिससे उनका चलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से उन्होंने विभाग से सड़क
विज्ञापन
निर्माण की मांग की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ विक्रम ने बताया कि तीन साल पहले सड़क निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन एक किसान द्वारा कोर्ट में स्टे लेने के कारण काम रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार इस समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है और किसान से बातचीत जारी है। कोर्ट में अगली सुनवाई 28 नवंबर को निर्धारित है।
विज्ञापन