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Kaithal News: बसों की संख्या कम होने से जान जोखिम में डालकर विद्यार्थी कर रहे सफर
Thu, 06 Nov 2025 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 06 Nov 2025 03:53 AM IST
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खिड़की पर लटककर सफर करते छात्र-छात्राएं।
कैथल। चौशाला, वज़ीरनगर और कैलरम गांव के छात्र-छात्राएं को गांव से कैथल के लिए एक बस होने से जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। खासतौर पर सुबह के समय इस रूट पर सवारियों की संख्या अधिक होन से विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने चौशाला, वज़ीरनगर और कैलरम के लिए रोडवेज विभाग से अतिरिक्त बसें चलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार चौशाला गांव से कैथल के लिए एक बस सुबह चलती है, जो वज़ीरनगर और कैलरम गांव होते हुए कैथल तक जाती है। इस एक ही बस रूट के चलते तीनों गांवों की सवारियों को यात्रा के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह सफर बेहद कष्टकारी हो जाता है। बस जब चौशाला से वज़ीरनगर और कैलरम पहुंचती है, तो पहले से ही उसमें सवारियों से खचाखच भरी होती है। ऐसे में कॉलेज जाने वाले छात्रों को मजबूरन बस की खिड़की पर लटककर अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ती है। इन गांवों के लोग और छात्रों का कहना है कि अगर बस की संख्या या रूट को बढ़ाया जाए, तो यात्रा में आरामदायक और सुरक्षित यात्रा संभव हो सकती है। लेकिन, वर्तमान में केवल एक ही बस रूट होने के कारण इन गांवों के लोग और छात्र हर रोज़ इस कठिन यात्रा का सामना करते हैं।
गांववासियों और छात्रों ने हरियाणा रोडवेज और कैथल डिपो से इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर सुबह के समय में बस के रूट या बसों की संख्या बढ़ाई जाए, तो इन गांवों की जनता सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को अच्छे से उपयोग कर पाएगी और उन्हें सफर के दौरान परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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कैथल रोडवेज के जीएम कमलजीत चहल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है, जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को आवाजाही में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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जानकारी के अनुसार चौशाला गांव से कैथल के लिए एक बस सुबह चलती है, जो वज़ीरनगर और कैलरम गांव होते हुए कैथल तक जाती है। इस एक ही बस रूट के चलते तीनों गांवों की सवारियों को यात्रा के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह सफर बेहद कष्टकारी हो जाता है। बस जब चौशाला से वज़ीरनगर और कैलरम पहुंचती है, तो पहले से ही उसमें सवारियों से खचाखच भरी होती है। ऐसे में कॉलेज जाने वाले छात्रों को मजबूरन बस की खिड़की पर लटककर अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ती है। इन गांवों के लोग और छात्रों का कहना है कि अगर बस की संख्या या रूट को बढ़ाया जाए, तो यात्रा में आरामदायक और सुरक्षित यात्रा संभव हो सकती है। लेकिन, वर्तमान में केवल एक ही बस रूट होने के कारण इन गांवों के लोग और छात्र हर रोज़ इस कठिन यात्रा का सामना करते हैं।
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गांववासियों और छात्रों ने हरियाणा रोडवेज और कैथल डिपो से इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर सुबह के समय में बस के रूट या बसों की संख्या बढ़ाई जाए, तो इन गांवों की जनता सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को अच्छे से उपयोग कर पाएगी और उन्हें सफर के दौरान परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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कैथल रोडवेज के जीएम कमलजीत चहल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है, जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को आवाजाही में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।

खिड़की पर लटककर सफर करते छात्र-छात्राएं।