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Kaithal News: नई कॉलोनियों में पेयजल की नहीं रहेगी परेशानी
Sun, 14 May 2023 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 14 May 2023 12:50 AM IST
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कैथल। शहर में नई विकसित कॉलोनियों में पेयजल संकट नहीं रहेगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने इनमें सर्वे व टेंडर लगाने की अनुमति मांगी है। स्वीकृति मिलने के बाद पहले विभाग उन कॉलोनियों में सर्वे करेगा, जहां इनको वैधता तो मिल गई है, लेकिन वहां विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए जाने वाले पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उसके बाद लाइन बिछाने से संबंधित कार्य योजना तैयार की जाएगी।
गौरतलब है कि शहर में नई विकसित होने वाली कॉलोनियां अवैध होने के कारण इनमें पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। इन लोगों को नहरी पानी न मिलने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति मिलने में भी काफी समय लग जाता है। ऐसे में विभाग ने निर्णय लिया है कि जैसे ही कॉलोनियां विकसित हों, उसके साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी लोगों के लिए हो जाए। विभाग ने पहली बार ऐसा निर्णय लिया है कि अवैध कालोनियों में पेयजल के लिए सर्वे होगा।
इससे पूर्व कॉलोनियां विकसित होने के बाद वहां पर रहने वाले लोगों की मांग को देखते हुए विभाग द्वारा यह कार्य किया जाता था। मांग के बाद भी आपूर्ति आने तक कई-कई माह का समय विभागीय प्रक्रिया में लग जाता था। तब तक लोगों को परेशानी होती थी। इस
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समस्या से निजात के लिए विभाग ने इस बार प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य करने का निर्णय लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर में इस समय करीब 70 कॉलोनियां नई विकसित हुई हैं। हालांकि अभी तक इन्हें सरकार की ओर से वैध नहीं किया गया है।
इनमें 49 कॉलोनियों का सर्वे डीटीपी कार्यालय द्वारा किया जा चुका है। 20 से अधिक कॉलोनियां नगर परिषद के सर्वे में सामने आई हैं। इन्हें जल्द से जल्द वैध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार कार्यालय की ओर से भी इन कॉलोनियों की वैधता के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कर्ण बहल ने बताया कि उन्होंने विभाग के मुख्यालय से पत्राचार किया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, उसी समय कर्मचारियों को सर्वेक्षण कार्य में लगाया जाएगा। नई विकसित हुई जिन कॉलोनियों में लाइनें बिछाने की जरूरत होगी, उनका डाटा तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा, ताकि विभाग जल्द से जल्द लोगों को पेयजल आपूर्ति कर सके।
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गौरतलब है कि शहर में नई विकसित होने वाली कॉलोनियां अवैध होने के कारण इनमें पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। इन लोगों को नहरी पानी न मिलने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति मिलने में भी काफी समय लग जाता है। ऐसे में विभाग ने निर्णय लिया है कि जैसे ही कॉलोनियां विकसित हों, उसके साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी लोगों के लिए हो जाए। विभाग ने पहली बार ऐसा निर्णय लिया है कि अवैध कालोनियों में पेयजल के लिए सर्वे होगा।
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इससे पूर्व कॉलोनियां विकसित होने के बाद वहां पर रहने वाले लोगों की मांग को देखते हुए विभाग द्वारा यह कार्य किया जाता था। मांग के बाद भी आपूर्ति आने तक कई-कई माह का समय विभागीय प्रक्रिया में लग जाता था। तब तक लोगों को परेशानी होती थी। इस
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समस्या से निजात के लिए विभाग ने इस बार प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य करने का निर्णय लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर में इस समय करीब 70 कॉलोनियां नई विकसित हुई हैं। हालांकि अभी तक इन्हें सरकार की ओर से वैध नहीं किया गया है।
इनमें 49 कॉलोनियों का सर्वे डीटीपी कार्यालय द्वारा किया जा चुका है। 20 से अधिक कॉलोनियां नगर परिषद के सर्वे में सामने आई हैं। इन्हें जल्द से जल्द वैध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार कार्यालय की ओर से भी इन कॉलोनियों की वैधता के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कर्ण बहल ने बताया कि उन्होंने विभाग के मुख्यालय से पत्राचार किया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, उसी समय कर्मचारियों को सर्वेक्षण कार्य में लगाया जाएगा। नई विकसित हुई जिन कॉलोनियों में लाइनें बिछाने की जरूरत होगी, उनका डाटा तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा, ताकि विभाग जल्द से जल्द लोगों को पेयजल आपूर्ति कर सके।