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Kaithal News: अस्पताल में चिकित्सक हड़ताल पर, भटके मरीज

Tue, 16 Jul 2024 04:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 16 Jul 2024 04:21 AM IST
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Doctors on strike in hospital, patients lost
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिलेभर में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों ने सोमवार को मांगों के समर्थन में पेन डाउन हड़ताल की। इस कारण अस्पताल में पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और वे भटकते रहे। चिकित्सकों की यह हड़ताल दो घंटे तक लगातार जारी रही। यह हड़ताल सुबह आठ बजे शुरू हो गई थी, जो सुबह 10 बजे तक रही। हड़ताल के दौरान केवल आपातकालीन सेवाएं ही जारी रखी गई थी। ओपीडी में देरी होने के चलते मरीजों के लैब में भी सैंपल नहीं हो पाए क्योंकि ओपीडी आठ की बजाय 10 बजे शुरू हुई थी।

गौरतलब है कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन के आह्वान पर मांगों को लेकर दो घंटे की हड़ताल का आह्वान किया था। मांगों में स्पेशलिस्ट कैडर लागू करने, वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर की सीधी भर्ती पर रोक लगाने, सर्विस रूल में संशोधन व केंद्र स्तर पर एसीपी वेतन वृद्धि लागू करने की मांग प्रमुख है। इनके अलावा एसीपी में देरी, चार्जशीट मामलों में की जा रही देरी से भी डॉक्टरों में रोष है।
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सोमवार को सप्ताह का पहला दिन होने के चलते अस्पताल में भीड़ अधिक थी। इस कारण इलाज न होने से मरीजों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। गौरतलब है कि जिला स्तर पर सामान्य अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों का काफी टोटा है। जबकि यहां पर इलाज करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इस समय जिले में चिकित्सकों के 149 पद हैं, लेकिन इसके मुकाबले में महज 90 के करीब ही चिकित्सक कार्यरत हैं।
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इसके साथ ही जिला नागरिक अस्पताल में 55 स्वीकृत पदों में से मात्र 15 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। इसके मुकाबले में 40 पद रिक्त हैं। 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 11 में एक भी चिकित्सक नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों की कठिनाइयां और अधिक बढ़ जाती हैं।

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. ललित ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको लेकर सीएम ने भी घोषणा की थी, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से भी कई बार मिल चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया रहा है।
चिकित्सक बोले
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन के आह्वान पर मांगों को लेकर चिकित्सकों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की थी। यह हड़ताल सुबह 10 बजे तक जारी रही थी। इसके बाद सभी चिकित्सकों ने अपनी-अपनी ड्यूटी संभालते हुए मरीजों का इलाज किया था। हड़ताल के समय आपातकालीन सेवाएं बंद नहीं हुई थी। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से जारी रही थी। यहां पर मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी गई। - डॉ. सचिन मांडले, जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।

मरीजों को करना पड़ा इंतजार

गांव सिरटा से अपनी पत्नी सोनिया की दवा लेने के लिए पहुंचे राहुल कुमार ने बताया कि वह सोमवार को सुबह आठ बजे ही अस्पताल में पहुंच गया था। यहां पर आकर जानकारी मिली कि चिकित्सकों ने दो घंटे की हड़ताल की है। इसलिए उसे दो घंटे तक का लंबा इंतजार करना पड़ा। सुबह के समय ओपीडी की पर्ची भी नहीं काटी गई। इस कारण हड़ताल के बावजूद देरी से पर्ची कटने के चलते इलाज भी देरी मिला।


एसएमओ की न हो सीधी भर्ती

गांव क्योड़क निवासी रामरती देवी ने बताया कि उसे पत्थरी की बीमारी है। वह इलाज करवाने के लिए सोमवार को अस्पताल में पहुंची थी, लेकिन यहां पर चिकित्सकों ने हड़ताल कर रखी थी। इसलिए यहां पर इलाज नहीं मिला और वह वापस गई। हड़ताल से पहले अस्पताल प्रबंधन को लोगों को जानकारी जरूर देनी चाहिए। सर्विस में चिकित्सकों को जिस वक्त पीजी करने जाना होता है, तो एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि पुरानी पॉलिसी को लागू कर दिया जाए। पहले यह राशि 50 लाख थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसके अलावा एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं होनी चाहिए। जो पद खाली पड़े है उन पर चिकित्सकों की भर्ती की जाए।
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