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Kaithal News: प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए करें पराली प्रबंधन

Thu, 24 Oct 2024 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 24 Oct 2024 01:47 AM IST
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Do stubble management to get rid of pollution
संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। नशा मुक्ति पखवाड़े के तहत बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूंसला में नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव बताने के साथ पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। समझाया गया कि प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए पराली प्रबंधन करना बेहतर है।

कार्यकारी प्रधानाचार्य डॉ. रेखा रानी ने विद्यार्थियों व आम जन को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि नशा मुक्ति अभियान का मकसद व्यक्ति और समाज को नशे की बुराई से मुक्त करना है। नशा एक ऐसी बुराई है, जो हमारे जीवन को नष्ट कर देती है।
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प्रधानाचार्य ने विद्यालय से विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर नशा मुक्ति रैली के लिए रवाना किया। इस रैली का उद्देश्य ग्राम वासियों व आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना था। खंड प्रभारी बूटा सिंह ने बच्चों को नशा मुक्ति को लेकर संकल्प दिलाया।
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पुलिस प्रशासन कैथल की तरफ से कार्यक्रम में मौजूद सुनील संधू ने विद्यार्थियों को बताया कि वे लोग मंच से बताई गई बातों को घर में अपने बड़ों से साझा करें। कहा कि उनके आस-पड़ोस में अगर कोई व्यक्ति नशे का आदि है, और वह नशे से निजात पाना चाहता है तो वह जिला नागरिक अस्पताल में बिना कोई शुल्क दिए नशे की लत से छुटकारा पा सकता है।

पुलिस प्रशासन से सुनील संधू ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पौधे देकर सम्मानित किया। इसी कार्यक्रम की निरंतरता में विद्यालय में विद्यार्थियों को आज कल लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के बारे में जागृत किया गया।


बूटा सिंह ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से ही सफल पराली प्रबंधन नहीं होता, बल्कि पराली प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा सहायता पर प्रदान किए गए कृषि उपकरणों का उपयोग कर फसल अवशेष को जमीन के अंदर जोतकर ही किया जा सकता। इससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, बल्कि वायु प्रदूषण को भी कम किया जा जा सकता है।

इस अवसर पर कर्मवीर सिंह, गुरमीत सिंह, देवेंद्र सिंह, राजीव शर्मा, जयपाल, बीरबल सिंह, संजय कुमार, चंद्र किरण व सैंकड़ों छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
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