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Kaithal News: डिजिटल युग में साहित्य की भूमिका पर मंथन
Fri, 04 Apr 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 04 Apr 2025 01:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग ने दो दिवसीय विस्तार व्याख्यान आयोजित किया। इस अवसर पर इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेस यूनिवर्सिटी हैदराबाद के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जय सिंह मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने ‘डिजिटल युग में साहित्य‘ और ‘साहित्य, रोग और समाज : मेडिकल ह्यूमैनिटीज का परिचय’ विषयों पर व्याख्यान दिए।
उनके संवादों ने डिजिटल युग में साहित्य की भूमिका और मेडिकल ह्यूमैनिटीज के साथ इसके अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। इस आयोजन का समन्वय डॉ. विकास भारद्वाज और डॉ. मंजुला गोयल ने किया। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजबीर पराशर ने अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
गौरतलब है कि मेडिकल ह्यूमैनिटीज़, चिकित्सा में कला और मानविकी के इस्तेमाल को कहते हैष. यह एक अंतःविषय क्षेत्र है. इसमें इतिहास, साहित्य, कला, दर्शन, संगीत, नृविज्ञान, और मीडिया अध्ययन जैसे विषयों का इस्तेमाल किया जाता है।
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प्राचार्य डॉ. एसएस मेहला ने सत्र की अध्यक्षता की और अंग्रेजी विभाग द्वारा इस शैक्षिक पहल की सराहना की। डॉ. विकास भारद्वाज और डॉ. मंजुला गोयल ने व्याख्यानों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “इन सत्रों का उद्देश्य साहित्य, तकनीक और मेडिकल ह्यूमैनिटीज के अंतर्संबंधों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करना है।” इस कार्यक्रम का संचालन एमए इंग्लिश चतुर्थ सेमेस्टर की छात्र समन्वयक कोमल और ज्योति ने किया।
इस अवसर पर डॉ. सीमा गुप्ता, डॉ. गीता गोयल, डॉ. सुरूचि शर्मा, डॉ. जयबीर धारिवाल, डॉ. नरेश गर्ग, प्रो. ऋचा लांग्यान, प्रो. अंजलि कुर्रा, डॉ. एसपी. वर्मा, और अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग ने दो दिवसीय विस्तार व्याख्यान आयोजित किया। इस अवसर पर इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेस यूनिवर्सिटी हैदराबाद के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जय सिंह मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने ‘डिजिटल युग में साहित्य‘ और ‘साहित्य, रोग और समाज : मेडिकल ह्यूमैनिटीज का परिचय’ विषयों पर व्याख्यान दिए।
उनके संवादों ने डिजिटल युग में साहित्य की भूमिका और मेडिकल ह्यूमैनिटीज के साथ इसके अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। इस आयोजन का समन्वय डॉ. विकास भारद्वाज और डॉ. मंजुला गोयल ने किया। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजबीर पराशर ने अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
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गौरतलब है कि मेडिकल ह्यूमैनिटीज़, चिकित्सा में कला और मानविकी के इस्तेमाल को कहते हैष. यह एक अंतःविषय क्षेत्र है. इसमें इतिहास, साहित्य, कला, दर्शन, संगीत, नृविज्ञान, और मीडिया अध्ययन जैसे विषयों का इस्तेमाल किया जाता है।
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प्राचार्य डॉ. एसएस मेहला ने सत्र की अध्यक्षता की और अंग्रेजी विभाग द्वारा इस शैक्षिक पहल की सराहना की। डॉ. विकास भारद्वाज और डॉ. मंजुला गोयल ने व्याख्यानों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “इन सत्रों का उद्देश्य साहित्य, तकनीक और मेडिकल ह्यूमैनिटीज के अंतर्संबंधों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करना है।” इस कार्यक्रम का संचालन एमए इंग्लिश चतुर्थ सेमेस्टर की छात्र समन्वयक कोमल और ज्योति ने किया।
इस अवसर पर डॉ. सीमा गुप्ता, डॉ. गीता गोयल, डॉ. सुरूचि शर्मा, डॉ. जयबीर धारिवाल, डॉ. नरेश गर्ग, प्रो. ऋचा लांग्यान, प्रो. अंजलि कुर्रा, डॉ. एसपी. वर्मा, और अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।