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Kaithal News: दौलतपुर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का कलायत में ठहराव की मांग
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कलायत। कलायत के रेलवे स्टेशन पर दौलतपुर- साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग की है। दैनिक रेल यात्री संघ के सदस्य रवि शंकर कौशिक, दया शंकर गर्ग, रोहताश धानिया आदी ने कहा कि कलायत एक पौराणिक महत्ता का धार्मिक स्थल है। भगवान कपिल की तपोभूमि रहे कलायत में भगवान कपिल के दर्शनों के लिए लगभग पूरे देश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। कलायत स्टेशन पर सैंकड़ों गांवों से यात्री पहुंचते हैं।
रोहताश धानियां ने कहा कि इस ट्रेन का ठहराव करवाने के लिए संघर्ष समिति के पदाधिकारी हस्ताक्षर अभियान चलाकर रेल मंत्रालय से मांग कर चुके हैं । रेल यात्री रेल के ठहराव को लेकर तत्कालीन सांसद नायब सैनी व मौजूदा सांसद नवीन जिंदल को भी ज्ञापन दे चुके हैं और पूर्व में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कलायत जहां महर्षि कपिल मुनि का पावन स्थल है। वहीं, श्रद्धालु बालाजी जैसे मंदिर में भी जाते रहते है। कहा कि जब उचाना व जुलाना जैसे स्टेशनों पर इंटरसिटी ट्रेन का ठहराव किया हुआ है तो ऐसे में कलायत को क्यों वंचित रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर संघर्ष समिति की ओर से एक बार फिर इस अभियान को चलाया जाएगा ताकि इस ट्रेन का यहां भी ठहराव हो सके। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव कलायत रेलवे स्टेशन पर नहीं किया गया। वर्ष 1970 में जींद से कुरुक्षेत्र व कुरुक्षेत्र से जींद की यात्री गाड़ी शुरू हुई। 2014 में कुरुक्षेत्र-दिल्ली व जयपुर-चंडीगढ़ ट्रेन शुरू हुई। जयपुर-चंडीगढ़ ट्रेन के कलायत स्टेशन पर ठहराव का मुद्दा बतौर सांसद मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संसद में उठा चुके हैं। इससे पहले कलायत रेलवे स्टेशन पर 1890 से लेकर 1957 के बीच तक चार गाडियां ही चलती थी। इसमें जींद से कुरुक्षेत्र, कुरुक्षेत्र से जींद, अंबाला से नरवाना और नरवाना से अंबाला यात्री गाड़ी शामिल रही।
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रोहताश धानियां ने कहा कि इस ट्रेन का ठहराव करवाने के लिए संघर्ष समिति के पदाधिकारी हस्ताक्षर अभियान चलाकर रेल मंत्रालय से मांग कर चुके हैं । रेल यात्री रेल के ठहराव को लेकर तत्कालीन सांसद नायब सैनी व मौजूदा सांसद नवीन जिंदल को भी ज्ञापन दे चुके हैं और पूर्व में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कलायत जहां महर्षि कपिल मुनि का पावन स्थल है। वहीं, श्रद्धालु बालाजी जैसे मंदिर में भी जाते रहते है। कहा कि जब उचाना व जुलाना जैसे स्टेशनों पर इंटरसिटी ट्रेन का ठहराव किया हुआ है तो ऐसे में कलायत को क्यों वंचित रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर संघर्ष समिति की ओर से एक बार फिर इस अभियान को चलाया जाएगा ताकि इस ट्रेन का यहां भी ठहराव हो सके। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव कलायत रेलवे स्टेशन पर नहीं किया गया। वर्ष 1970 में जींद से कुरुक्षेत्र व कुरुक्षेत्र से जींद की यात्री गाड़ी शुरू हुई। 2014 में कुरुक्षेत्र-दिल्ली व जयपुर-चंडीगढ़ ट्रेन शुरू हुई। जयपुर-चंडीगढ़ ट्रेन के कलायत स्टेशन पर ठहराव का मुद्दा बतौर सांसद मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संसद में उठा चुके हैं। इससे पहले कलायत रेलवे स्टेशन पर 1890 से लेकर 1957 के बीच तक चार गाडियां ही चलती थी। इसमें जींद से कुरुक्षेत्र, कुरुक्षेत्र से जींद, अंबाला से नरवाना और नरवाना से अंबाला यात्री गाड़ी शामिल रही।
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