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बस सुविधा न मिलने पर भड़के विद्यार्थी और लोग
ब्यूरो अमर उजाला कैथल
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:15 AM IST
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चार गांवों के लोगों ने बस सेवा की मांग को लेकर बुधवार सुबह गुहला-खरकां मार्ग पर जाम लगा दिया। गांव दुसेरपुर, चाणचक व दाबन खेड़ी के लोग व स्कूली बच्चे गुहला स्थित तहसील परिसर के सामने पहुंचे तथा सड़क पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सड़क पर जाम लग जाने से अपने अपने काम धंधों व कार्यालयों में आने जाने वाले लोगों का परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के करीब आधे घंटे बाद तहसीलदार गुहला विजय मोहन स्याल मौके पर पहुंचे। जाम लगा रहे जरनैल सिंह, बलदेव सिंह, दर्शन, भीरा, लेंबर सिंह, कंता राम, वीर सिंह, महिला चरणजीत कौर, सलीम कौर, परमजीत कौर, जसबीर कौर, गुरमीत, रानी ने तहसीलदार को बताया कि उनके गांव में बस सुविधा नहीं है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को दाबव खेड़ी से लेकर चीका खरकां मुख्यमार्ग तक लगभग नौ किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है लेकिन दुसेरपुर से भी बस वाले नहीं बिठाते, जिसके चलते इन्हें चार किलोमीटर और पैदल चलकर गुहला व अन्य स्कूलों तक पहुंचना पड़ता।
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चरणजीत कौर व परमजीत कौर ने बताया कि गांव में बस सुविधा न होने के चलते दर्जनों लड़कियां स्कूल छोड़ चुकी हैं। सुखदेव सिंह, भीरा राम, अजय, जसबीर कौर, गुरमीत कौर, पंकज ने बताया कि इन गांवों में बस सुविधा शुरू करवाने के लिए वे कई बार विधायक से भी मिल चुके हैं। एक साल पहले तक उनके गांवों में बस आती रही हैं, लेकिन जब से मौजूदा सरकार बनी है तभी से उनके गांव की बसें बंद कर दी गई हैं।
बाद में तहसीलदार विजय मोहन स्याल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे अधिकारियों तक इस समस्या को पहुंचा देेंगे। इसके बाद लोग गुहला में एसडीएम कमलप्रीत कौर, कैथल पहुंचकर डीसी केएम पांडुरंग से मिले। डीसी से मिलने के बाद जीएम रोडवेज से भी मिले। जीएम रोडवेज ने छह नवंबर को बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया।
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सड़क पर जाम लग जाने से अपने अपने काम धंधों व कार्यालयों में आने जाने वाले लोगों का परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के करीब आधे घंटे बाद तहसीलदार गुहला विजय मोहन स्याल मौके पर पहुंचे। जाम लगा रहे जरनैल सिंह, बलदेव सिंह, दर्शन, भीरा, लेंबर सिंह, कंता राम, वीर सिंह, महिला चरणजीत कौर, सलीम कौर, परमजीत कौर, जसबीर कौर, गुरमीत, रानी ने तहसीलदार को बताया कि उनके गांव में बस सुविधा नहीं है।
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स्कूल जाने वाले बच्चों को दाबव खेड़ी से लेकर चीका खरकां मुख्यमार्ग तक लगभग नौ किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है लेकिन दुसेरपुर से भी बस वाले नहीं बिठाते, जिसके चलते इन्हें चार किलोमीटर और पैदल चलकर गुहला व अन्य स्कूलों तक पहुंचना पड़ता।
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चरणजीत कौर व परमजीत कौर ने बताया कि गांव में बस सुविधा न होने के चलते दर्जनों लड़कियां स्कूल छोड़ चुकी हैं। सुखदेव सिंह, भीरा राम, अजय, जसबीर कौर, गुरमीत कौर, पंकज ने बताया कि इन गांवों में बस सुविधा शुरू करवाने के लिए वे कई बार विधायक से भी मिल चुके हैं। एक साल पहले तक उनके गांवों में बस आती रही हैं, लेकिन जब से मौजूदा सरकार बनी है तभी से उनके गांव की बसें बंद कर दी गई हैं।
बाद में तहसीलदार विजय मोहन स्याल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे अधिकारियों तक इस समस्या को पहुंचा देेंगे। इसके बाद लोग गुहला में एसडीएम कमलप्रीत कौर, कैथल पहुंचकर डीसी केएम पांडुरंग से मिले। डीसी से मिलने के बाद जीएम रोडवेज से भी मिले। जीएम रोडवेज ने छह नवंबर को बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया।