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अब आशियाना बनाना होगा महंगा, कोयले के रेट बढ़ने से ईंटों के रेट में भी बढ़ोत्तरी
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लगातार बढ़ रही महंगाई के चलते अब आशियाना बनाना भी महंगा होने वाला है। सोमवार को पूंडरी ब्लॉक ईंट भट्ठा संचालकों ने बैठक कर ईंटों के दाम में 1300 रुपये प्रति हजार बढ़ाने का फैसला किया है। पूंडरी ब्लॉक ईंट भट्ठा एसोसिएशन की बैठक शिव शक्ति ईंट भट्ठा भाणा पर हुई। इसमें पूंडरी ब्लॉक के शिव शक्ति ईंट भट्ठा भाणा, बजरंग भट्ठा भाणा, बाला जी भट्ठा, बजरंग भट्ठा, मारुति भट्टा पिलनी, शिव शक्ति ब्रीक्स हाबड़ी, बरसाना, विश्वकर्मा भट्ठा हरसोला, दुर्गा भट्ठा हरसोला, लक्ष्मी भट्ठा भाणा, जगदंबा भाणा सहित सभी ईंट भट्ठा संचालकों ने भाग लिया।
इस दौरान सभी भट्ठा संचालकों ने बैठक कर ईंटों के दामों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। भट्ठा संचालकों का कहना है कि दामों को इसलिए बढ़ा रहे हैं कि कोयले, डीजल और मिट्टी के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिस कारण सभी भट्ठा संचालक लगातार घाटे में जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जहां पहले इन्हीं दिनों कोयला लगभग 8 हजार रुपये टन था। वहीं, अब कोयला लगभग 22 हजार रुपये टन हो चुका है। डीजल 1500 लीटर का टैंक 90 हजार रुपये में भरता था वहीं अब वही टैंक एक लाख 40 हजार रुपयों से भी अधिक में भरता है।
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उन्होंने बताया कि मिट्टी 70 हजार में 3 फीट थी वो भी अब 55 हजार की सिर्फ एक फीट मिलती है। उन्होंने बताया कि अब ईंटों के नए रेट अव्वल ईंटें 65 हजार रुपये प्रति हजार, दड़ा 57 हजार रुपये और लाल पेटी 46 हजार रुपये प्रति हजार रहेगा, जबकि इससे पूर्व अव्वल लगभग 5200, दड़ा 4500 व लाल पेटी 3500 रुपये प्रति हजार थी। भट्टा संचालकों बताया कि सरकार ने तूड़े व अन्य सामग्री से ईंटें पकवाना प्रतिबंधित भी करवा दिया। जिस कारण उन्हें कोयले से ही ईंटें पकनी पड़ रही है। पूंडरी ब्लॉक ईंट भट्ठा एसोसिएशन सदस्यों का कहना है कि अब जो नया माल तैयार होगा वो 7500 से 8000 रुपये तक भी जा सकता है।
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इस दौरान सभी भट्ठा संचालकों ने बैठक कर ईंटों के दामों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। भट्ठा संचालकों का कहना है कि दामों को इसलिए बढ़ा रहे हैं कि कोयले, डीजल और मिट्टी के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिस कारण सभी भट्ठा संचालक लगातार घाटे में जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि जहां पहले इन्हीं दिनों कोयला लगभग 8 हजार रुपये टन था। वहीं, अब कोयला लगभग 22 हजार रुपये टन हो चुका है। डीजल 1500 लीटर का टैंक 90 हजार रुपये में भरता था वहीं अब वही टैंक एक लाख 40 हजार रुपयों से भी अधिक में भरता है।
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उन्होंने बताया कि मिट्टी 70 हजार में 3 फीट थी वो भी अब 55 हजार की सिर्फ एक फीट मिलती है। उन्होंने बताया कि अब ईंटों के नए रेट अव्वल ईंटें 65 हजार रुपये प्रति हजार, दड़ा 57 हजार रुपये और लाल पेटी 46 हजार रुपये प्रति हजार रहेगा, जबकि इससे पूर्व अव्वल लगभग 5200, दड़ा 4500 व लाल पेटी 3500 रुपये प्रति हजार थी। भट्टा संचालकों बताया कि सरकार ने तूड़े व अन्य सामग्री से ईंटें पकवाना प्रतिबंधित भी करवा दिया। जिस कारण उन्हें कोयले से ही ईंटें पकनी पड़ रही है। पूंडरी ब्लॉक ईंट भट्ठा एसोसिएशन सदस्यों का कहना है कि अब जो नया माल तैयार होगा वो 7500 से 8000 रुपये तक भी जा सकता है।