{"_id":"66a985246f8081160b009096","slug":"death-took-both-the-kanwariyas-on-the-wrong-path-kaithal-news-c-18-1-knl1004-442344-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: दोनों कांवड़ियों को गलत रास्ते पर खींच ले गई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: दोनों कांवड़ियों को गलत रास्ते पर खींच ले गई मौत
Wed, 31 Jul 2024 05:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 31 Jul 2024 05:58 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल/सहारनपुर। सीवन निवासी 10-12 कांवड़िये ट्रैक्टर-ट्रॉली में रुड़की-पंचकूला हाईवे से लौट रहे थे। लोगों का कहना है कि दोनों कांवड़ियों को मौत गलत रास्ते पर खींच ले गई।
गौरतलब है कि कांवड़ियों के मार्ग पर सरसावा कस्बा नहीं आता है। उन्हें सरसावा के बाईपास से होते हुए शाहजहांपुर पहुंचना था, लेकिन उनके आगे जाने वाले साथियों ने सरसावा के पास से गुजरते हुए अपनी लोकेशन भेजी तो उसमें सरसावा आया। इसे फालो करने के दौरान वे रुड़की पंचकुला मार्ग से नीचे उतर गए। ट्रॉली में लोहे का पाइप बंधा हुआ था, जो सड़क के ऊपर से गुजर रहे बिजली की लाइन से टकरा गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली में करंट दौड़ गया।
ट्रैक्टर-ट्राली सवारों को तो केवल करंट के झटके लगे। जबकि नंगे पैर ट्रॉली को पकड़ कर पैदल चल रहे दोनों कांवड़ियो झुलस गए। कॉलेज
पिलखनी में उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं अन्य कांवड़ियों को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। चूंकि यह मार्ग कांवड़ यात्रा से जुड़ा नहीं है। ऐसे में इसमें विद्युत लाइनों से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। संवाद
विज्ञापन
गौरतलब है कि कांवड़ियों के मार्ग पर सरसावा कस्बा नहीं आता है। उन्हें सरसावा के बाईपास से होते हुए शाहजहांपुर पहुंचना था, लेकिन उनके आगे जाने वाले साथियों ने सरसावा के पास से गुजरते हुए अपनी लोकेशन भेजी तो उसमें सरसावा आया। इसे फालो करने के दौरान वे रुड़की पंचकुला मार्ग से नीचे उतर गए। ट्रॉली में लोहे का पाइप बंधा हुआ था, जो सड़क के ऊपर से गुजर रहे बिजली की लाइन से टकरा गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली में करंट दौड़ गया।
विज्ञापन
ट्रैक्टर-ट्राली सवारों को तो केवल करंट के झटके लगे। जबकि नंगे पैर ट्रॉली को पकड़ कर पैदल चल रहे दोनों कांवड़ियो झुलस गए। कॉलेज
पिलखनी में उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं अन्य कांवड़ियों को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। चूंकि यह मार्ग कांवड़ यात्रा से जुड़ा नहीं है। ऐसे में इसमें विद्युत लाइनों से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। संवाद
विज्ञापन