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जिले को खुले में शौचमुक्त बनाने में योगदान दें जिलावासी
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:19 AM IST
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डीसी ने किया प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के हाल में संपूर्ण स्वच्छता विषय पर जिला ग्रामीण विकास अधिकरण द्वारा 5 दिन तक प्रेरकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीसी रविप्रकाश गुप्ता ने इस शिविर का शुभारंभ किया।
डीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत संपूर्ण कैथल जिला को फरवरी 2017 तक खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए हर नागरिक अपना योगदान दें। हर प्रेरक गांव-गांव में जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता दूत बनकर खुले में शौच न करने तथा व्यक्तिगत शौचालयों का प्रयोग करने का संदेश घर-घर पहुंचाएं। उन्होंने सभी प्रेरकों का आह्वान किया कि वे जिला को खुले में शौच मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम योगदान दें तथा लोगों को स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि खुले में शौच करने से ज्यादा बीमारियां फैलती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती हैं। खुले में शौच तथा गंदगी भी कुपोषण का एक कारण होता है। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि जिला को खुले में शौच मुक्त करने के लिए संपूर्ण समाज को साझे व समग्र प्रयास करने होंगे। सक्रिय सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समुदाय को केंद्रित करके स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया गया है।
प्रशिक्षण टीम के इंचार्ज ज्योति प्रसाद ने कहा कि मनुष्य जीवन भर कुछ न कुछ सीखता रहता है। सीखने की प्रक्रिया जीवनपर्यंत चलती रहती है। सीखने का न तो कोई समय होता है और न ही कोई उम्र होती है। समुदाय को खुले में शौच न करने के प्रति स्वयं जागरूक होना होगा। खुले में शौच लगभग 70 से 80 प्रतिशत बीमारियों का कारण बनता है। इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डा. जितेंद्र सिंह अहलावत, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता श्री राकेश कुमार गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के गुरनाम सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी एवं जिला भर से आए प्रेरक मौजूद रहे।
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डीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत संपूर्ण कैथल जिला को फरवरी 2017 तक खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए हर नागरिक अपना योगदान दें। हर प्रेरक गांव-गांव में जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता दूत बनकर खुले में शौच न करने तथा व्यक्तिगत शौचालयों का प्रयोग करने का संदेश घर-घर पहुंचाएं। उन्होंने सभी प्रेरकों का आह्वान किया कि वे जिला को खुले में शौच मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम योगदान दें तथा लोगों को स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि खुले में शौच करने से ज्यादा बीमारियां फैलती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती हैं। खुले में शौच तथा गंदगी भी कुपोषण का एक कारण होता है। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि जिला को खुले में शौच मुक्त करने के लिए संपूर्ण समाज को साझे व समग्र प्रयास करने होंगे। सक्रिय सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समुदाय को केंद्रित करके स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया गया है।
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प्रशिक्षण टीम के इंचार्ज ज्योति प्रसाद ने कहा कि मनुष्य जीवन भर कुछ न कुछ सीखता रहता है। सीखने की प्रक्रिया जीवनपर्यंत चलती रहती है। सीखने का न तो कोई समय होता है और न ही कोई उम्र होती है। समुदाय को खुले में शौच न करने के प्रति स्वयं जागरूक होना होगा। खुले में शौच लगभग 70 से 80 प्रतिशत बीमारियों का कारण बनता है। इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डा. जितेंद्र सिंह अहलावत, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता श्री राकेश कुमार गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के गुरनाम सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी एवं जिला भर से आए प्रेरक मौजूद रहे।
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