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Kaithal News: ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों को नुकसान
Fri, 21 Feb 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 21 Feb 2025 12:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में वीरवार की सुबह मौसम बदल गया। बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। शाम को तेज बारिश के साथ कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई। साथ ही तेज हवाओं और बारिश से खेतों में पानी भर गया। कई जगहों पर ओलों की मार से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गईं। खेतों में खड़ी फसल भी झुक गईं।
उधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत आगामी दो दिन तक बारिश की बात कही है। गौरतलब है कि गत तीन दिनों से अधिकतम तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ी थी लेकिन वीरवार की सुबह मौसम पलट गया। बारिश के बाद तेज रफ्तार से हवा चलने से ठंड भी बढ़ गई। रात आठ बजे बारिश बंद हुई।
बारिश से शहर के मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। उधर, पिछले तीन दिन से अधिकतम तापमान बढ़ रहा था। वहीं, बारिश के बाद दिनभर तेज हवाएं चली। अब मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक बारिश का पूर्वानुमान बताया है। हालांकि वीरवार को सुबह बारिश होने के बाद दोपहर के समय हल्की धूप भी खिली थी।
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पिछले कई दिन से मौसम में कभी धूप तो कभी बादल छा रहे थे। इससे लगातार मौसम में बदलाव हो रहा था। अब आने वाले दिनों में बारिश व सर्द हवाएं चलने की आंशका है। उधर, सीवन में बारिश से कई खेतों में पानी भर गया था। इससे फसल को नुकसान पहुंचा है।
उधर, मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस समय बारिश होना गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है। यदि गर्मी बढ़ेगी तो फसलों को नुकसान होगा। बारिश होने के बाद फसल के सूखने का भय नहीं रहेगा। बारिश होने के बाद गेहूं की फसल को फायदा होगा। वीरवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान कम हुआ है। अधिकतम तापमान 25.01 और 9.5 सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया है।
चौ. चरण सिंह कृषि विवि के अधीनस्थ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से दिन का तापमान बढ़ रहा था। ऐसे में गेहूं की फसलों को नुकसान का अंदेशा था। उन्होंने किसानों को खेतों में जलभराव से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कलायत में गिरे ओले
कलायत। क्षेत्र में देर शाम भारी ओलावृष्टि व बारिश के कारण मौसम में अचानक बदलाव आ गया। सायं करीब सवा सात बजे मेघ उमड़ पड़े और ओलावृष्टि शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़क पूरी तरह से सफेद हो गई। बारिश से ठंडक भी बढ़ गई।
तेज हवाओं के कारण से कुछ दुकानों के छप्पर भी गिर गए। बारिश और ओलावृष्टि का फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिर जाती है तो भारी नुकसान संभव है। यदि पौधे नहीं गिरे तो नुकसान आंशिक रहेगा। संवाद
खेतों में बिछी गेहूं की फसल
ढांड। तेज हवाओं व बारिश के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं।
किसान बलजीत सिंह, जगदीश, ईश्मा, प्रवीण कुमार, बलवान, तरसेम सिंह ने बताया कि अचानक बदले मौसम से बारिश व हवाओं के चलते गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है। फसल की बर्बादी पर उन्होंने कहा कि यदि गेहूं की कच्ची फसल समय से पहले जमीन पर बिछ जाए तो वह पकने में ज्यादा समय लेती है। साथ ही पैदावार में भी कमी की आशंका हो जाती है।
बारिश से परेशान किसानों कहना था कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा गेहूं की फसल पर खर्च किया हुआ है। अब फसल के जमीन पर बिछ जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। संवाद
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कैथल। जिले में वीरवार की सुबह मौसम बदल गया। बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। शाम को तेज बारिश के साथ कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई। साथ ही तेज हवाओं और बारिश से खेतों में पानी भर गया। कई जगहों पर ओलों की मार से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गईं। खेतों में खड़ी फसल भी झुक गईं।
उधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत आगामी दो दिन तक बारिश की बात कही है। गौरतलब है कि गत तीन दिनों से अधिकतम तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ी थी लेकिन वीरवार की सुबह मौसम पलट गया। बारिश के बाद तेज रफ्तार से हवा चलने से ठंड भी बढ़ गई। रात आठ बजे बारिश बंद हुई।
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बारिश से शहर के मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। उधर, पिछले तीन दिन से अधिकतम तापमान बढ़ रहा था। वहीं, बारिश के बाद दिनभर तेज हवाएं चली। अब मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक बारिश का पूर्वानुमान बताया है। हालांकि वीरवार को सुबह बारिश होने के बाद दोपहर के समय हल्की धूप भी खिली थी।
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पिछले कई दिन से मौसम में कभी धूप तो कभी बादल छा रहे थे। इससे लगातार मौसम में बदलाव हो रहा था। अब आने वाले दिनों में बारिश व सर्द हवाएं चलने की आंशका है। उधर, सीवन में बारिश से कई खेतों में पानी भर गया था। इससे फसल को नुकसान पहुंचा है।
उधर, मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस समय बारिश होना गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है। यदि गर्मी बढ़ेगी तो फसलों को नुकसान होगा। बारिश होने के बाद फसल के सूखने का भय नहीं रहेगा। बारिश होने के बाद गेहूं की फसल को फायदा होगा। वीरवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान कम हुआ है। अधिकतम तापमान 25.01 और 9.5 सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया है।
चौ. चरण सिंह कृषि विवि के अधीनस्थ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से दिन का तापमान बढ़ रहा था। ऐसे में गेहूं की फसलों को नुकसान का अंदेशा था। उन्होंने किसानों को खेतों में जलभराव से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कलायत में गिरे ओले
कलायत। क्षेत्र में देर शाम भारी ओलावृष्टि व बारिश के कारण मौसम में अचानक बदलाव आ गया। सायं करीब सवा सात बजे मेघ उमड़ पड़े और ओलावृष्टि शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़क पूरी तरह से सफेद हो गई। बारिश से ठंडक भी बढ़ गई।
तेज हवाओं के कारण से कुछ दुकानों के छप्पर भी गिर गए। बारिश और ओलावृष्टि का फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिर जाती है तो भारी नुकसान संभव है। यदि पौधे नहीं गिरे तो नुकसान आंशिक रहेगा। संवाद
खेतों में बिछी गेहूं की फसल
ढांड। तेज हवाओं व बारिश के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं।
किसान बलजीत सिंह, जगदीश, ईश्मा, प्रवीण कुमार, बलवान, तरसेम सिंह ने बताया कि अचानक बदले मौसम से बारिश व हवाओं के चलते गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है। फसल की बर्बादी पर उन्होंने कहा कि यदि गेहूं की कच्ची फसल समय से पहले जमीन पर बिछ जाए तो वह पकने में ज्यादा समय लेती है। साथ ही पैदावार में भी कमी की आशंका हो जाती है।
बारिश से परेशान किसानों कहना था कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा गेहूं की फसल पर खर्च किया हुआ है। अब फसल के जमीन पर बिछ जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। संवाद