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महिलाओं के खिलाफ अपराध की रोकथाम के लिए जागरुक किया
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिला में विशेष नारी शक्ति उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के तहत राजकीय कन्या महाविद्यालय चीका के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता ने ग्रामीण महिलाओं के साथ अनुभव साझा किए। महिलाओं के खिलाफ अपराध की रोकथाम विषय पर सीएमजीजीए पांखुरी गुप्ता ने कहा कि महिलाएं मन में केवल इस बात का एहसास करें कि आप अपने घर की चारदीवारी में किन-किन पिंजरों में कैद हैं। उनसे मुक्ति पाने के उपाय आपको स्वयं हौसले के साथ ढूंढने होंगे। उन्होंने कहा कि मर्यादित ढंग से उठाया गया एक भी कदम न केवल आपको उन संर्कीण जंजीरों से मुक्त करवाकर अपनी एक अलग पहचान देगा, बल्कि महिलाओं का ये हौसला उनकी फतेह की बुनियाद भी बन जाएगी। उन्होंने कहा कि अब हम 21 वीं सदी में जीवन बसर कर रहे हैं। जिसमें महिलाओं ने न केवल शहरी क्षेत्र, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र से भी उठकर खेलों, उद्योगों, शिक्षा और यहां तक की राजनीतिक क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बना ली है।
महिला थाना कैथल की प्रभारी डा. नन्हीं देवी ने उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या में उनके समक्ष आने वाले महिला उत्पीड़न व अन्य मामलों के अनुभव साझा किए। संरक्षण अधिकारी सुनीता शर्मा ने बताया कि उनके पास आने वाली महिलाएं तरह-तरह के उत्पीड़न जैसे मामले लेकर आती हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि नारी जब तक अबला बनकर अपना जीवन व्यतीत करेंगी, यह शोषण होता रहेगा। राजकीय कन्या महाविद्याल के प्राचार्य राजेंद्र अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया एवं महाविद्यालय के बारे में बताते हुए कहा कि यह महाविद्यालय महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीडीपीओ अनिता नैन, कन्या महाविद्यालय की डा. पूजा गोयल, प्रियंका नैन, सुपरवाइजर कविता ने भी महिलाओं के साथ अपने विचार साझा किए। सुपरवाइजर नवजीत कौर, दिप्ती, कविता भी मौजूद रहीं।
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महिला थाना कैथल की प्रभारी डा. नन्हीं देवी ने उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या में उनके समक्ष आने वाले महिला उत्पीड़न व अन्य मामलों के अनुभव साझा किए। संरक्षण अधिकारी सुनीता शर्मा ने बताया कि उनके पास आने वाली महिलाएं तरह-तरह के उत्पीड़न जैसे मामले लेकर आती हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि नारी जब तक अबला बनकर अपना जीवन व्यतीत करेंगी, यह शोषण होता रहेगा। राजकीय कन्या महाविद्याल के प्राचार्य राजेंद्र अरोड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया एवं महाविद्यालय के बारे में बताते हुए कहा कि यह महाविद्यालय महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीडीपीओ अनिता नैन, कन्या महाविद्यालय की डा. पूजा गोयल, प्रियंका नैन, सुपरवाइजर कविता ने भी महिलाओं के साथ अपने विचार साझा किए। सुपरवाइजर नवजीत कौर, दिप्ती, कविता भी मौजूद रहीं।
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