{"_id":"582b4b9b4f1c1b61368ff06d","slug":"currency-money-note-bank-deposit-kaithal-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंगलवार को जमा हुए 60 करोड़...बदलवाए जा सके केवल 8 करोड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंगलवार को जमा हुए 60 करोड़...बदलवाए जा सके केवल 8 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:49 PM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : कैथ्ाल
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कैथल। मंगलवार को जिलेभर के बैंकों में करीब 60 करोड़ रुपये की राशि जमा हो सकी। नोटबंदी के बाद रविवार तक करीब 100 करोड़ रुपये जिले के लोगों ने जमा करवाए। लेकिन मंगलवार को करीब 60 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हो पाए। वहीं नकदी की कमी के बीच करीब 8 करोड़ रुपये की राशि के नोट बदले जा सके। शहर में कई एटीएम में नकदी मिलने के कारण लोगों को एटीएम से जरुर कुछ राहत मिली। लेकिन बैंकों में अगले कुछ दिनों तक लाइनें इसी तरह लगी रहने का अनुमान है।
पांच घंटे बाद मिले रुपये:
बैंक से नोट बदलवाने आए बुजुर्ग साधु, मियां सिंह ने बताया कि वह बैंक में सुबह आठ बजे ही रुपये लेने पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से बीमार हैं। अस्पताल में दवा लेने के लिए आए थे। लेकिन वहां भी 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं चल रहे। जिसके बाद यहां नोट बदलवाने के लिए आए थे। पांच घंटे तक लाइन में लगे रहने के बाद नंबर आया तो नोट बदले गए।
बैंक वालों ने नहीं बदले नोट:
शहरवासी जतिन शर्मा ने बताया कि वह बैंक के घर के पास स्थित होने के कारण जींद रोड स्थित बैंक में सुबह सात बजे नोट बदलवाने के लिए पहुंच गया था। लेकिन बैंक वालों ने उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि उनका यहां खाता नहीं है। जिस कारण वहां से नोट नहीं बदले गए।
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जब से भाजपा की सरकार बनी जनता परेशान
सीवन। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता पवन जगत ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार केंद्र व हरियाणा प्रदेश में बनी है तभी से हर वर्ग की जनता काफी परेशान है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे पुुराने 1000 व 500 के पुराने नोटों को बंद करने का तुगलकी फरमान जारी करके जनता के घावों को ओर अधिक हरा करने का कार्य किया है। जनता नई करेंसी व नोट बदलवाने के लिए कई-कई घंटे लाइनों में लगी रहती है। जब उसकी बारी आती है तो अधिकतर जनता को यह जवाब दिया जाता है कि अब नई करेंसी व 100 के नोट समाप्त हो गए हैं। सुबह फिर बैंक आना।
वहीं अपने 1000 व 500 रुपये के नोट को बदलवाने के लिए या जमा करवाने के लिए लोग पिछले कई दिनों से लाइनों में लगे हुए हैं। बैंको में रुपए बदलवाने आए सभी लोगों को अपने अपने पैसे बदलवाने की जल्दी थी। दुकानों पर तो लोगों का काम उधार से चल रहा है, लेकिन छोटे दुकानदार बहुत अधिक परेशान हैं। सब्जी विक्रेता बलजीत ने बताया कि उनकी सब्जी की दुकान पर आ कर लोग 20 रुपये से 50 रुपये तक की सब्जी खरीद करते हैं और 500 रुपये का नोट थमा देते हैं।
राजौंद में एक करोड़ रुपए हुए जमा
राजौंद। मंगलवार को जैसे बैंक खुले लोगों का में 500 व 1000 रुपये के नोट जमा करवाने के लिए हजूम उमड़ पड़ा। बैंक खुलने से पहले ही बैंकों के आगे लगी लंबी-लंबी कतारें लग गई। नोट बदलने व जमा करवाने का सिलसिला शाम 5 बजे तक जारी रहा। राजौंद स्थित एचडीएफसी बैंक प्रबंधक राजबीर राणा ने बताया कि एक करोड़ जमा किए हैं, जबकि 15 लाख रुपये बदलकर दिए है। पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधक आर डी गोयल ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को 55 लाख रुपये जमा किए। जबकि एक लाख रुपये लोगों को बदल कर दिए।
जिला अस्पताल में मरीजों के नोट बदले
डाक विभाग की ओर से जिला अस्पताल में दाखिल मरीजों की सुविधा के लिए नोट बदलने के लिए शिविर लगाया गया। जिसमें कुरुक्षेत्र मंडल के मुख्य पोस्ट मास्टर सुखदेव राज के आदेश पर डाकखाने से पोस्टमास्टर विजय सिंगला, मुकेश कुमार सहित अन्य ने मरीजों के नोट बदले। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में दाखिल मरीज नोट बदलवाने के लिए कहीं आ जा नहीं सकते। जिस कारण इन लोगों को अस्पताल में बेड पर ही नोट बदले गए हैं। ताकि उनके परिजनों को घर से आने-जाने व अन्य जरुरी सामान खरीदने में परेशानी ना हो।
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पांच घंटे बाद मिले रुपये:
बैंक से नोट बदलवाने आए बुजुर्ग साधु, मियां सिंह ने बताया कि वह बैंक में सुबह आठ बजे ही रुपये लेने पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से बीमार हैं। अस्पताल में दवा लेने के लिए आए थे। लेकिन वहां भी 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं चल रहे। जिसके बाद यहां नोट बदलवाने के लिए आए थे। पांच घंटे तक लाइन में लगे रहने के बाद नंबर आया तो नोट बदले गए।
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बैंक वालों ने नहीं बदले नोट:
शहरवासी जतिन शर्मा ने बताया कि वह बैंक के घर के पास स्थित होने के कारण जींद रोड स्थित बैंक में सुबह सात बजे नोट बदलवाने के लिए पहुंच गया था। लेकिन बैंक वालों ने उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि उनका यहां खाता नहीं है। जिस कारण वहां से नोट नहीं बदले गए।
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जब से भाजपा की सरकार बनी जनता परेशान
सीवन। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता पवन जगत ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार केंद्र व हरियाणा प्रदेश में बनी है तभी से हर वर्ग की जनता काफी परेशान है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे पुुराने 1000 व 500 के पुराने नोटों को बंद करने का तुगलकी फरमान जारी करके जनता के घावों को ओर अधिक हरा करने का कार्य किया है। जनता नई करेंसी व नोट बदलवाने के लिए कई-कई घंटे लाइनों में लगी रहती है। जब उसकी बारी आती है तो अधिकतर जनता को यह जवाब दिया जाता है कि अब नई करेंसी व 100 के नोट समाप्त हो गए हैं। सुबह फिर बैंक आना।
वहीं अपने 1000 व 500 रुपये के नोट को बदलवाने के लिए या जमा करवाने के लिए लोग पिछले कई दिनों से लाइनों में लगे हुए हैं। बैंको में रुपए बदलवाने आए सभी लोगों को अपने अपने पैसे बदलवाने की जल्दी थी। दुकानों पर तो लोगों का काम उधार से चल रहा है, लेकिन छोटे दुकानदार बहुत अधिक परेशान हैं। सब्जी विक्रेता बलजीत ने बताया कि उनकी सब्जी की दुकान पर आ कर लोग 20 रुपये से 50 रुपये तक की सब्जी खरीद करते हैं और 500 रुपये का नोट थमा देते हैं।
राजौंद में एक करोड़ रुपए हुए जमा
राजौंद। मंगलवार को जैसे बैंक खुले लोगों का में 500 व 1000 रुपये के नोट जमा करवाने के लिए हजूम उमड़ पड़ा। बैंक खुलने से पहले ही बैंकों के आगे लगी लंबी-लंबी कतारें लग गई। नोट बदलने व जमा करवाने का सिलसिला शाम 5 बजे तक जारी रहा। राजौंद स्थित एचडीएफसी बैंक प्रबंधक राजबीर राणा ने बताया कि एक करोड़ जमा किए हैं, जबकि 15 लाख रुपये बदलकर दिए है। पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधक आर डी गोयल ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को 55 लाख रुपये जमा किए। जबकि एक लाख रुपये लोगों को बदल कर दिए।
जिला अस्पताल में मरीजों के नोट बदले
डाक विभाग की ओर से जिला अस्पताल में दाखिल मरीजों की सुविधा के लिए नोट बदलने के लिए शिविर लगाया गया। जिसमें कुरुक्षेत्र मंडल के मुख्य पोस्ट मास्टर सुखदेव राज के आदेश पर डाकखाने से पोस्टमास्टर विजय सिंगला, मुकेश कुमार सहित अन्य ने मरीजों के नोट बदले। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में दाखिल मरीज नोट बदलवाने के लिए कहीं आ जा नहीं सकते। जिस कारण इन लोगों को अस्पताल में बेड पर ही नोट बदले गए हैं। ताकि उनके परिजनों को घर से आने-जाने व अन्य जरुरी सामान खरीदने में परेशानी ना हो।