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कर्मचारियों को राहत, तीसरे दिन मिली दस-दस हजार की नकदी
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:08 AM IST
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बैंकों में पगार की कतार में खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बैंकों में पगार की कतार में खड़े लोगों को तीसरे दिन राहत मिली। जब कर्मचारियों को दस-दस हजार रुपये की नकदी दी गई। हालांकि बैंकों के बाहर लाइन में कर्मचारियों को घंटो का समय तो बिताना पड़ा। लेकिन उन्हें पूरे रुपये मिले। शहर के एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक और एसबीआई बैंक में पूरा दिन बैंक में कैश रहा जिससे यहां वेतन लेने पहुंचे कर्मचारियों को 10 हजार रुपये मिले। एसबीआई में दूसरे दिन भी अधिक भीड़ यहीं उमड़ी। जिससे दोपहर तक यहां भीड़ काफी कम भी हुई। शनिवार को पेंशन लेने आये बुजुर्गों को पेंशन मिलने पर उनकी टेंशन खत्म हुई।
यूनियन बैंक से वेतन लेने आये पीडब्ल्यूडी विभाग में तैनात कर्मचारी ने बताया कि सैलरी आने के बाद दो दिन तो कैश नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई थी। लेकिन शनिवार को बैंक के द्वारा उन्हें टोकन दिया जिससे यहां पर भीड़ भी कम हुई और उन्हें रुपये भी मिले।
वहीं एसबीआई शिक्षा विभाग में कार्यरत सतीश कुमार, रमेश राणा, दलबीर और पवन कुमार ने बताया कि वे भी दो दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे थे। पहले बैंक में कैश का अभाव था। रुपये नहीं मिले तो काफी परेशानी हुई थी। आज बैंक से रुपये मिल गये है। तो इतना ही काफी है। लेकिन प्रधानमंत्री का फैसला सराहनीय है।
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बैंक में लाइन में खड़े लोगों को सरपंच ने की चाय व बिस्किट वितरित
ढांड। कौल गांव में नोट बंदी करीब एक माह बीत जाने के बाद भी लोगों की भारी भीड़ दिनभर बैंकों में लगी है। सुबह बैंक खुलने से पहले ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। एक तरफ तो हर कोई अपनी जरूरत के अनुसार नोट बदलने के लिए उतावला हो रहा था, वहीं दूसरी ओर गांव धेरडू के सरपंच देवी लाल व भाजपा पूंडरी मंडल उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच सेवा सिंह ने बैंक में लाइन में %E
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यूनियन बैंक से वेतन लेने आये पीडब्ल्यूडी विभाग में तैनात कर्मचारी ने बताया कि सैलरी आने के बाद दो दिन तो कैश नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई थी। लेकिन शनिवार को बैंक के द्वारा उन्हें टोकन दिया जिससे यहां पर भीड़ भी कम हुई और उन्हें रुपये भी मिले।
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वहीं एसबीआई शिक्षा विभाग में कार्यरत सतीश कुमार, रमेश राणा, दलबीर और पवन कुमार ने बताया कि वे भी दो दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे थे। पहले बैंक में कैश का अभाव था। रुपये नहीं मिले तो काफी परेशानी हुई थी। आज बैंक से रुपये मिल गये है। तो इतना ही काफी है। लेकिन प्रधानमंत्री का फैसला सराहनीय है।
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बैंक में लाइन में खड़े लोगों को सरपंच ने की चाय व बिस्किट वितरित
ढांड। कौल गांव में नोट बंदी करीब एक माह बीत जाने के बाद भी लोगों की भारी भीड़ दिनभर बैंकों में लगी है। सुबह बैंक खुलने से पहले ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। एक तरफ तो हर कोई अपनी जरूरत के अनुसार नोट बदलने के लिए उतावला हो रहा था, वहीं दूसरी ओर गांव धेरडू के सरपंच देवी लाल व भाजपा पूंडरी मंडल उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच सेवा सिंह ने बैंक में लाइन में %E