फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   currency crisis, banks, fee, online, kaithal

आखिर किस खाते से जमा करें विद्यार्थियों की ऑन लाइन फीस

Sat, 26 Nov 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Sat, 26 Nov 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
currency crisis, banks, fee, online, kaithal
बैंक में मची है अफरा तफरी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं के लिए निर्धारित फीस को ऑनलाइन जमा करवाना इस बार अध्यापकों के लिए संकट बन गया है। सरकार ने बच्चों से 500 के पुराने नोट लेने को कहा है। लेकिन अध्यापकों के सामने समस्या यह है कि वे किस खाते से ऑनलाइन फीस जमा करवाएं। क्योंकि स्कूलों के खातों का एटीएम नहीं हैं। अध्यापकों के हैं तो वे निजी खाते हैं। निजी खातों से ऑनलाइन फीस भरी तो उन्हें आयकर विभाग का डर सता रहा है। कई अध्यापकों ने विभाग से मार्गदर्शन मांगा है।
विज्ञापन


एटीएम कार्ड से कटवानी पड़ती है ऑन लाइन फीस
बोर्ड के आदेशों के अनुसार कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों की परीक्षा शुल्क फीस 500 रुपये व कक्षा बारहवीं के विद्यार्थी की 700 रुपये ऑन लाइन फीस कटवानी पड़ती है। ऐसे में स्कूल मुखिया खुद को एटीएम से ऑन लाइन पैसे जमा करवाने पड़ते हैं। विद्यार्थियों द्वारा लाए जाने वाले 500 रुपये के नोट फिर से स्कूल मुखिया व प्राध्यापकों के खाते में जाएंगे। ऐसे में स्कूल मुखियाओं व प्राध्यापकों को डर है कि विद्यार्थियों से लिया जाने वाला बोर्ड परीक्षा शुल्क के पैसे उनके खाते में जाने से इनकम टैक्स की चपेट में न आ जाए।
विज्ञापन


स्कूल के खातों पर नहीं है एटीएम
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल सतीश कक्कड़ ने बताया कि स्कूल को कोई बैंक खाता  है। इसके अलावा उस पर एटीएम कार्ड की आवश्यकता ऑन लाइन फीस कटवाने के लिए पड़ती है। एटीएम कार्ड स्कूल के खातों पर नहीं है। यह एक निजी खाते से संभव हो सकता है। जिसके कारण स्कूल मुखियाओं व प्राध्यापकों को विद्यार्थियों द्वारा लाए जाने वाले 500-500 रुपये के नोट अपने खाते में जमा करवाने में परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि बोर्ड ने ऑन लाइन फीस भरने के नियमों में बदलाव करने के आवश्यकता है। स्कूल खाते किस प्रकार से पैसा निकाल कर बोर्ड को भेजा जाए, यह एक समस्या है। इस बारे में आला अधिकारियों से बात की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed