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15 करोड़ बांटे फिर भी हाथ खाली
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:03 AM IST
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सुबह ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आठ नवंबर को हुई नोटबंदी के बाद 36 दिनों में जिले में 283 करोड़ रुपया वितरित हो चुका है। जिसमें से 270 करोड़ रुपया नई नकदी आई है। जबकि 15 करोड़ बैंकों के पास उपलब्ध था। इसके बावजूद नकदी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को तीन दिन की छुट्टी के बाद करीब 15 करोड़ रुपया वितरित किया गया। कई बैंकों में लोगों को काफी राहत मिली। लेकिन कई बैंकों में मंगलवार को भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। साथ ही कई एटीएम भी खाली नजर आए।
मंगलवार को तीन दिन की छुट्टी के बाद शहर के बैंकों में सुबह ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंकों के अंदर व बाहर लंबी लाइनों में खड़े लोग नकदी का इंतजार करते रहे। कई एटीएम में नकदी मिली। लेकिन वे जल्द ही खाली हो गए। विजया बैंक में लोगों को 6-6 हजार रुपये बचत खाते व चालू खाताधारकों को 10-10 हजार रुपये वितरित किए गए। इसी तरह सुबह पीएनबी में भी नकदी वितरित की गई। लेकिन कई बैंकों में मंगलवार को भी काफी कम नकदी पहुंची। विजया बैंक के प्रबंधक पाला राम चौधरी ने बताया कि बैंक में तीन दिन बाद कुछ राहत मिली है। जो व्यक्ति सुबह बैंक में नकदी के लिए पहुंचा। उसे नकदी दे दी गई। लेकिन सभी को बराबर मिले, इसके लिए प्रबंध किया गया। साथ ही बैंक में मोबाइल बैंकिंग के लिए भी बूथ लगाकर प्रेरित किया जा रहा है। एटीएम से भी नकदी दी गई।
दूसरी ओर एसबीआई, पीएनबी सहित कई बड़ी ब्रांच में 35 हजार से अधिक खाते हैं। जबकि कई छोटे बैंकों में 10 से 15 हजार तक ही खाते हैं। ऐसे में जिन बैंकों में खाते अधिक हैं, उनमें लोगों को कैश लेने में काफी दिक्कतें आ रही है।
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पीएनबी में कैश लेने के आए शमशेर सिंह, राजबीर सिंह, मनोज कुमार, सतीश कुमार, अनुज ने बताया कि वह सुबह 10 बजे आकर कैश लेने के लिए लाइन में खड़े हुए थे। इसके बाद अब वह दो बजे जाकर उनको 4000 रुपये मिले हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक सप्ताह में 24 हजार रुपये की घोषणा की हुई है। घोषित राशि भी उनको नहीं मिल रही है।
पेट्रोल पंप पर तीन दिन स्वाइप मशीन से बांटे 13 लाख रुपये
नोटबंदी के बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन व कैशलेस लेन-देन करने की अपील का असर धीरे-धीरे लोगों पर होने लगा है। कैश न होने की स्थिति में लोग अब धीरे-धीरे ऑनलाइन लेन-देन करने लगे हैं। करनाल रोड बाईपास के निकट स्थित दाऊ फिंलिंग स्टेशन पर पिछले 3 दिनों से लाइन लग रही है। यहां पर स्वाइप मशीन में एटीएम स्वाइप करने पर प्रत्येक व्यक्ति को 2000 रुपये दिए जा रहे हैं। पिछले 3 दिनों में पंप कर्मचारियों ने लोगों को 13 लाख रुपये से अधिक की नकदी बांटी है।
नोटबंदी से देश में अफरा-तफरी
जन संघर्ष मंच हरियाणा के प्रांतीय अध्यक्ष का. फूल सिंह ने मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को 500-1000 के नोटबंदी से देश में अफरा-तफरी का माहौल है। अस्पतालों में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
कैशलेस विवाह का दृश्य किया प्रस्तुत
समाजसेवी डा. अश्वनी ने भारत सरकार की नोटबंदी की तैयारियों के खिलाफ एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में वे खुद एक दूल्हे की तरह घास-फूंस से सजे हुए थे। वह ढोल नगाड़ों के साथ बारात निकाल कर अपना रोष प्रकट कर रहे थे। डा. अश्वनी ने बताया कि भारत सरकार ने काले धन के नाम पर पूरे देश की जनता को लाइन मे खड़ा कर दिया है। यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में दूल्हे को घास-फूंस से सजाना पड़ेगा।
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने बताया कि मंगलवार को कई बैंकों में अच्छा कैश वितरित किया गया। मंगलवार को लगभग 15 करोड़ रुपये की नकदी आई थी। जिसे बैंकों के माध्यम से लोगों को दिया गया। नोटबंदी के बाद से अब तक जिले में करीब 283 करोड़ रुपया लोगों को दिया जा चुका है। जिसमें 270 करोड़ रुपया नकदी नई करेंसी आई थी। इस अवधि में 1625 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
तीन दिन बाद भी मांग के अनुरूप नहीं मिल पा रहा कैश
लगातार 3 दिन तक बैंकों में अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक खुले तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्हें जरुरत अनुसार नकदी नहीं मिल पाई। बैंक खुलने से पहले ही लोग कतार में लग गए थे। कोहरे के बावजूद बैंक की ओर ही नजरें जमाए हुए थे। बैंकों के एटीएम भी खाली ही रहे। 9 नवंबर से ही ओबीसी बैंक में करंसी की भारी कमी बनी हुई है जिससे लोगों में भारी रोष है। बैंक प्रबंधक हवा सिंह ने बताया कि जितना कैश बैंक में आ रहा है, उसे लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से वितरित किया जा रहा है।
एटीएम और बैंक दोनों कैशलेस, लोग परेशान
तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को जब बैंक खुले तो लोगों का हजूम बैंकों की ओर उमड़ पड़ा। हर कोई पैसे लेने बैंकों में पहुंचा था, लेकिन बैंकों में मन मुताबिक कैश न मिलने से लोगों को निराशा ही हाथ लगी। स्टेट बैंक को छोड़कर किसी भी बैंक में कैश सही ढंग से नहीं दिया जा रहा। एसबीआई बैंक के एटीएम को छोड़ दे तो किसी भी बैंक का एटीएम भी काम नहीं कर रहा। कुछ बैंकों ने तो अपने बैंकों के एटीएम बिल्कुल बंद कर रखे है। 8 नवंबर के बाद पीएनबी बैंक फतेहपुर का एटीएम केवल एक ही बार चला, इसके अलावा कई बैंक ऐसे भी है, जिनकी एटीएम सेवा अभी तक भी शुरू नहीं हो पाई है। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में तो 6 दिसंबर को टोकन लेने वाले लोगों को कैश मिला। बैंक मैनेजर केएस मैहरा ने बताया कि आज बैंक में 15 लाख कैश आया जिसे नियमानुसार बांटा जा रहा है। पीएनबी फतेहपुर में 9 लाख कैश आया जो कि दोपहर तक वितरित किया गया। मैनेजर लाल चंद सैनी ने बताया कि बैंक में रोजाना कैश आ रहा है, जितना केश आता है उतना ही वितरित कर दिया जाता है। कैनरा बैंक पूंडरी में भी आज आठ लाख रुपए केश आया जो कि वितरित किया गया।
पीएनबी फतेहपुर के मैनेजर लालचंद सैनी ने बताया कि लोग नेट बैंकिंग के प्रति धीरे-धीरे बढ़ तो रहे है। लेकिन अभी तक उनके बैंक के केवल चार से पांच प्रतिशत उपभोक्ता ही नेंट बैंकिंग इस्तेमाल कर रहे है।
राजौंद में परेशान हुए लोग, नहीं मिली नकदी
तीन दिन बाद बैंक खुलने पर भी लोगों को कैश नही मिला जिससे लोग पूरा दिन लाइनों में खड़े होकर शाम को खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। तीन दिन बाद जब मंगलवार को बैंक खुले तो बैंक खुलने से पहले घने कोहरे के बीच बैंकों के आगे लाइनें लगाकर लोग बैठ गए। बैंकों में नकदी आई भी लेकिन ओबीसी बैंक व पंजाब नेशनल बैंक में कनेक्टीविटी सरवर डाउन होने से पूरा दिन बैंकों के कंप्यूटर बंद रहे कोई लेन देन नही हुआ। एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक राजबीर राणा ने बताया कि उनके बैंक से उपभोक्ताओं ने अपने खातों से 18 लाख रुपये नकद निकलवाए है। एटीएम भी चला है।
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मंगलवार को तीन दिन की छुट्टी के बाद शहर के बैंकों में सुबह ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंकों के अंदर व बाहर लंबी लाइनों में खड़े लोग नकदी का इंतजार करते रहे। कई एटीएम में नकदी मिली। लेकिन वे जल्द ही खाली हो गए। विजया बैंक में लोगों को 6-6 हजार रुपये बचत खाते व चालू खाताधारकों को 10-10 हजार रुपये वितरित किए गए। इसी तरह सुबह पीएनबी में भी नकदी वितरित की गई। लेकिन कई बैंकों में मंगलवार को भी काफी कम नकदी पहुंची। विजया बैंक के प्रबंधक पाला राम चौधरी ने बताया कि बैंक में तीन दिन बाद कुछ राहत मिली है। जो व्यक्ति सुबह बैंक में नकदी के लिए पहुंचा। उसे नकदी दे दी गई। लेकिन सभी को बराबर मिले, इसके लिए प्रबंध किया गया। साथ ही बैंक में मोबाइल बैंकिंग के लिए भी बूथ लगाकर प्रेरित किया जा रहा है। एटीएम से भी नकदी दी गई।
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दूसरी ओर एसबीआई, पीएनबी सहित कई बड़ी ब्रांच में 35 हजार से अधिक खाते हैं। जबकि कई छोटे बैंकों में 10 से 15 हजार तक ही खाते हैं। ऐसे में जिन बैंकों में खाते अधिक हैं, उनमें लोगों को कैश लेने में काफी दिक्कतें आ रही है।
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पीएनबी में कैश लेने के आए शमशेर सिंह, राजबीर सिंह, मनोज कुमार, सतीश कुमार, अनुज ने बताया कि वह सुबह 10 बजे आकर कैश लेने के लिए लाइन में खड़े हुए थे। इसके बाद अब वह दो बजे जाकर उनको 4000 रुपये मिले हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक सप्ताह में 24 हजार रुपये की घोषणा की हुई है। घोषित राशि भी उनको नहीं मिल रही है।
पेट्रोल पंप पर तीन दिन स्वाइप मशीन से बांटे 13 लाख रुपये
नोटबंदी के बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन व कैशलेस लेन-देन करने की अपील का असर धीरे-धीरे लोगों पर होने लगा है। कैश न होने की स्थिति में लोग अब धीरे-धीरे ऑनलाइन लेन-देन करने लगे हैं। करनाल रोड बाईपास के निकट स्थित दाऊ फिंलिंग स्टेशन पर पिछले 3 दिनों से लाइन लग रही है। यहां पर स्वाइप मशीन में एटीएम स्वाइप करने पर प्रत्येक व्यक्ति को 2000 रुपये दिए जा रहे हैं। पिछले 3 दिनों में पंप कर्मचारियों ने लोगों को 13 लाख रुपये से अधिक की नकदी बांटी है।
नोटबंदी से देश में अफरा-तफरी
जन संघर्ष मंच हरियाणा के प्रांतीय अध्यक्ष का. फूल सिंह ने मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को 500-1000 के नोटबंदी से देश में अफरा-तफरी का माहौल है। अस्पतालों में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
कैशलेस विवाह का दृश्य किया प्रस्तुत
समाजसेवी डा. अश्वनी ने भारत सरकार की नोटबंदी की तैयारियों के खिलाफ एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में वे खुद एक दूल्हे की तरह घास-फूंस से सजे हुए थे। वह ढोल नगाड़ों के साथ बारात निकाल कर अपना रोष प्रकट कर रहे थे। डा. अश्वनी ने बताया कि भारत सरकार ने काले धन के नाम पर पूरे देश की जनता को लाइन मे खड़ा कर दिया है। यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में दूल्हे को घास-फूंस से सजाना पड़ेगा।
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने बताया कि मंगलवार को कई बैंकों में अच्छा कैश वितरित किया गया। मंगलवार को लगभग 15 करोड़ रुपये की नकदी आई थी। जिसे बैंकों के माध्यम से लोगों को दिया गया। नोटबंदी के बाद से अब तक जिले में करीब 283 करोड़ रुपया लोगों को दिया जा चुका है। जिसमें 270 करोड़ रुपया नकदी नई करेंसी आई थी। इस अवधि में 1625 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
तीन दिन बाद भी मांग के अनुरूप नहीं मिल पा रहा कैश
लगातार 3 दिन तक बैंकों में अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक खुले तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्हें जरुरत अनुसार नकदी नहीं मिल पाई। बैंक खुलने से पहले ही लोग कतार में लग गए थे। कोहरे के बावजूद बैंक की ओर ही नजरें जमाए हुए थे। बैंकों के एटीएम भी खाली ही रहे। 9 नवंबर से ही ओबीसी बैंक में करंसी की भारी कमी बनी हुई है जिससे लोगों में भारी रोष है। बैंक प्रबंधक हवा सिंह ने बताया कि जितना कैश बैंक में आ रहा है, उसे लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से वितरित किया जा रहा है।
एटीएम और बैंक दोनों कैशलेस, लोग परेशान
तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को जब बैंक खुले तो लोगों का हजूम बैंकों की ओर उमड़ पड़ा। हर कोई पैसे लेने बैंकों में पहुंचा था, लेकिन बैंकों में मन मुताबिक कैश न मिलने से लोगों को निराशा ही हाथ लगी। स्टेट बैंक को छोड़कर किसी भी बैंक में कैश सही ढंग से नहीं दिया जा रहा। एसबीआई बैंक के एटीएम को छोड़ दे तो किसी भी बैंक का एटीएम भी काम नहीं कर रहा। कुछ बैंकों ने तो अपने बैंकों के एटीएम बिल्कुल बंद कर रखे है। 8 नवंबर के बाद पीएनबी बैंक फतेहपुर का एटीएम केवल एक ही बार चला, इसके अलावा कई बैंक ऐसे भी है, जिनकी एटीएम सेवा अभी तक भी शुरू नहीं हो पाई है। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में तो 6 दिसंबर को टोकन लेने वाले लोगों को कैश मिला। बैंक मैनेजर केएस मैहरा ने बताया कि आज बैंक में 15 लाख कैश आया जिसे नियमानुसार बांटा जा रहा है। पीएनबी फतेहपुर में 9 लाख कैश आया जो कि दोपहर तक वितरित किया गया। मैनेजर लाल चंद सैनी ने बताया कि बैंक में रोजाना कैश आ रहा है, जितना केश आता है उतना ही वितरित कर दिया जाता है। कैनरा बैंक पूंडरी में भी आज आठ लाख रुपए केश आया जो कि वितरित किया गया।
पीएनबी फतेहपुर के मैनेजर लालचंद सैनी ने बताया कि लोग नेट बैंकिंग के प्रति धीरे-धीरे बढ़ तो रहे है। लेकिन अभी तक उनके बैंक के केवल चार से पांच प्रतिशत उपभोक्ता ही नेंट बैंकिंग इस्तेमाल कर रहे है।
राजौंद में परेशान हुए लोग, नहीं मिली नकदी
तीन दिन बाद बैंक खुलने पर भी लोगों को कैश नही मिला जिससे लोग पूरा दिन लाइनों में खड़े होकर शाम को खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। तीन दिन बाद जब मंगलवार को बैंक खुले तो बैंक खुलने से पहले घने कोहरे के बीच बैंकों के आगे लाइनें लगाकर लोग बैठ गए। बैंकों में नकदी आई भी लेकिन ओबीसी बैंक व पंजाब नेशनल बैंक में कनेक्टीविटी सरवर डाउन होने से पूरा दिन बैंकों के कंप्यूटर बंद रहे कोई लेन देन नही हुआ। एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक राजबीर राणा ने बताया कि उनके बैंक से उपभोक्ताओं ने अपने खातों से 18 लाख रुपये नकद निकलवाए है। एटीएम भी चला है।