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लिमिट तो बढ़ी, एटीएम हैं प्यासे
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 18 Jan 2017 12:19 AM IST
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2000 के नोट निकलने से परेशानियां
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरकार ने एटीएम से नकदी निकासी की सीमा 4500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार तो कर दी। लेकिन एटीएम में नकदी ना मिलने के कारण लोगों के ठंड में पसीने छूट रहे हैं। कुछेक एटीएम से ही नकदी मिल पा रही है। जिस कारण लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम भटक रहे हैं। कई जगह भटकते हुए लाइनों में लगकर लोगों को मुश्किल से नकदी मिल रही है। बैंक अधिकारी पहले से स्थिति में सुधार की बात जरूर कर रहे हैं। इसके अलावा बैंकों में चेक का खाते में ट्रांसफर न होना भी परेशानी का सबब बना है। लोगों द्वारा खाते में ट्रांसफर के लिए लगाया गए चेक को भी एक सप्ताह से दस दिन का समय लग रहा है।
केवल चार एटीएम रहे चालू
अकेले कैथल शहर में करीब 80 एटीएम में से मंगलवार को दिन में महज चार एटीएम से नकदी मिली। गीता भवन के समीप स्थित एसबीआई, पार्क रोड स्थित एसबीआई, करनाल रोड स्थित एक्सिस बैंक व ढांड रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम चालू मिले। एटीएम दर एटीएम भटक रहे लोगों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतर एटीएम बंद पड़े हैं।
नोटबंदी के फैसले के बाद नहीं चले ये एटीएम
लोगों का तो यहां तक दावा है कि अंबाला रोड, ढांड रोड व करनाल रोड पर कई एटीएम तो ऐसे हैं, जो नोटबंदी के बाद एक दिन भी नहीं चले। कई का तो शटर स्थाई रूप से बंद है।
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शहर भर घुमा, एक घंटे बाद मिले रुपये
करनाल रोड पर स्थित गांव मुंदडी निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उसके गांव में न तो कोई एटीएम है और न ही बैंक। उसने बताया कि वह ठंड के बावजूद एटीएम से रुपये निकलवाने के लिए गांव से शहर आया। दो घंटे तक एटीएम की तलाश में घूमता रहा। लेकिन उसे रुपये नहीं मिले। बाद में करनाल रोड पर पहुंचा तो एक्सिस बैंक के एटीएम के बाहर एक घंटा लाइन में लगा रहा। उसके बाद रुपये मिले। इसके अलावा एटीएम से महज दो हजार का नोट मिल रहा है। पांच सौ व सौ रुपये के नोट भी निकले तो ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
सीमा 10 हजार कर दी, लेकिन एटीएम दे रहा है अभी भी 4500
शहरवासी धमेंद्र ने बताया कि सरकार द्वारा 10 हजार रुपये निकलवाने की घोषणा के बाद भी एटीएम से केवल 4500 रुपये ही मिल रहे हैं। उसने बताया कि पहले तो करीब दो घंटे घूमने के बाद एटीएम चालू मिला। उसपर भी केवल 4500 रुपये ही मिले।
दो हजार का नोट बना सिरदर्द
शहरवासी सूरजभान, राममेहर, राजकुमार ने बताया कि वह रुपये निकलवाने के लिए शहर के कई एटीएम में घूमा लेकिन उन्हें रुपये नहीं मिले। जब पार्क रोड स्थित एसबीआई के एटीएम में पहुुंचा तो वहां दो हजार रुपये का नोट मिल रहा था। उन्होंने बताया कि वे मजदूर हैं। जिस कारण उनके खाते में दो हजार से भी कम रुपये हैं। इसलिए शहरभर घूमने के बाद भी उन्हें रुपये नहीं मिले।
चेक क्लीयरिंग भी बना परेशानी का सबब
कर्मचारी रामशरण ने बताया कि जिस प्रकार एटीएम से रुपये निकलवाने के लिए लोगों को बहुत कठिनाइयों को सामना करना पड़ रहा है। ठीक उसी प्रकार बैंकों में खाते में ट्रांसफर के लिए लगाए जाने वाले चेक भी कैश नहीं हो रहा है। उसने बताया कि उसने करीब एक सप्ताह पहले एसबीआई बैंक में चेक को खाते में ट्रांसफर करवाने के लिए दिया था। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उसके खाते में रुपये नहीं आए है। बताया जा रहा है कि चेक से अचानक लेन-देन बढ़ जाने के कारण यह परेशानी आ रही है।
स्थिति में सुधार, अभी और सुधार की उम्मीद
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने कहा कि सरकार द्वारा काफी नकदी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस समय करीब 15 से 20 करोड़ की नकदी आ रही है। वहीं आम लोग भी 8 से 10 करोड़ जमा करवा रहे हैं। इससे नकदी का लेन-देन बढ़ गया है। एटीएम में पहले की तुलना में काफी सुधार आया है। आगे और भी सुधार होगा। फिलहाल सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण एरिया में भी नकदी बढ़ाई जा रही है। वहां नकदी की मांग कम है, लेकिन मांग करने वाले ज्यादा हैं। इसके अलावा चालू खाताधारकों को एक लाख व बचत खाताधारकों को 24 हजार रुपये की राशि दी जा रही है।
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केवल चार एटीएम रहे चालू
अकेले कैथल शहर में करीब 80 एटीएम में से मंगलवार को दिन में महज चार एटीएम से नकदी मिली। गीता भवन के समीप स्थित एसबीआई, पार्क रोड स्थित एसबीआई, करनाल रोड स्थित एक्सिस बैंक व ढांड रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम चालू मिले। एटीएम दर एटीएम भटक रहे लोगों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतर एटीएम बंद पड़े हैं।
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नोटबंदी के फैसले के बाद नहीं चले ये एटीएम
लोगों का तो यहां तक दावा है कि अंबाला रोड, ढांड रोड व करनाल रोड पर कई एटीएम तो ऐसे हैं, जो नोटबंदी के बाद एक दिन भी नहीं चले। कई का तो शटर स्थाई रूप से बंद है।
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शहर भर घुमा, एक घंटे बाद मिले रुपये
करनाल रोड पर स्थित गांव मुंदडी निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उसके गांव में न तो कोई एटीएम है और न ही बैंक। उसने बताया कि वह ठंड के बावजूद एटीएम से रुपये निकलवाने के लिए गांव से शहर आया। दो घंटे तक एटीएम की तलाश में घूमता रहा। लेकिन उसे रुपये नहीं मिले। बाद में करनाल रोड पर पहुंचा तो एक्सिस बैंक के एटीएम के बाहर एक घंटा लाइन में लगा रहा। उसके बाद रुपये मिले। इसके अलावा एटीएम से महज दो हजार का नोट मिल रहा है। पांच सौ व सौ रुपये के नोट भी निकले तो ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
सीमा 10 हजार कर दी, लेकिन एटीएम दे रहा है अभी भी 4500
शहरवासी धमेंद्र ने बताया कि सरकार द्वारा 10 हजार रुपये निकलवाने की घोषणा के बाद भी एटीएम से केवल 4500 रुपये ही मिल रहे हैं। उसने बताया कि पहले तो करीब दो घंटे घूमने के बाद एटीएम चालू मिला। उसपर भी केवल 4500 रुपये ही मिले।
दो हजार का नोट बना सिरदर्द
शहरवासी सूरजभान, राममेहर, राजकुमार ने बताया कि वह रुपये निकलवाने के लिए शहर के कई एटीएम में घूमा लेकिन उन्हें रुपये नहीं मिले। जब पार्क रोड स्थित एसबीआई के एटीएम में पहुुंचा तो वहां दो हजार रुपये का नोट मिल रहा था। उन्होंने बताया कि वे मजदूर हैं। जिस कारण उनके खाते में दो हजार से भी कम रुपये हैं। इसलिए शहरभर घूमने के बाद भी उन्हें रुपये नहीं मिले।
चेक क्लीयरिंग भी बना परेशानी का सबब
कर्मचारी रामशरण ने बताया कि जिस प्रकार एटीएम से रुपये निकलवाने के लिए लोगों को बहुत कठिनाइयों को सामना करना पड़ रहा है। ठीक उसी प्रकार बैंकों में खाते में ट्रांसफर के लिए लगाए जाने वाले चेक भी कैश नहीं हो रहा है। उसने बताया कि उसने करीब एक सप्ताह पहले एसबीआई बैंक में चेक को खाते में ट्रांसफर करवाने के लिए दिया था। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उसके खाते में रुपये नहीं आए है। बताया जा रहा है कि चेक से अचानक लेन-देन बढ़ जाने के कारण यह परेशानी आ रही है।
स्थिति में सुधार, अभी और सुधार की उम्मीद
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने कहा कि सरकार द्वारा काफी नकदी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस समय करीब 15 से 20 करोड़ की नकदी आ रही है। वहीं आम लोग भी 8 से 10 करोड़ जमा करवा रहे हैं। इससे नकदी का लेन-देन बढ़ गया है। एटीएम में पहले की तुलना में काफी सुधार आया है। आगे और भी सुधार होगा। फिलहाल सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण एरिया में भी नकदी बढ़ाई जा रही है। वहां नकदी की मांग कम है, लेकिन मांग करने वाले ज्यादा हैं। इसके अलावा चालू खाताधारकों को एक लाख व बचत खाताधारकों को 24 हजार रुपये की राशि दी जा रही है।