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Kaithal News: कैथल सिविल अस्पताल में बनेगा क्रिटिकल केयर सेंटर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रस्तावित क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है। केंद्र सरकार को निर्माण कराना है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने 14 करोड़ रुपये के बजट की मांग भेजी है।
इस क्रिटिकल केयर सेंटर के लिए मिट्टी के सैंपल पास हो चुके हैं और फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी दो महीने पहले ही आ चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं हो सकी है।
तीन बार बदली गई जगह, अब नए अस्पताल में निर्माण तय ः क्रिटिकल केयर सेंटर की लोकेशन को लेकर भी स्थिति अस्पष्ट रही। पहले इसे पुराने नागरिक अस्पताल में बनाने की योजना थी, फिर नए अस्पताल परिसर में शिफ्ट किया गया। अब अंततः नए अस्पताल परिसर में निर्माण की औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।
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इस सेंटर के बनने के बाद जिले के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सड़क हादसों, आपात सर्जरी या गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा यहीं पर उपलब्ध हो सकेगी। इस क्रिटिकल केयर सेंटर में आईसीयू से भी अधिक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सेंटर में विशेष रूप से एनस्थीसिया विशेषज्ञ, सर्जन और क्रिटिकल केयर फिजिशियन की नियुक्ति की जाएगी, जिससे जीवनरक्षक इलाज में तेजी लाई जा सके।
आसपास के जिलों को भी होगा लाभ ः कैथल जिले के अलावा, आसपास के इलाकों जैसे- कुरुक्षेत्र, जींद, करनाल आदि से भी गंभीर मरीजों को यहां पर लाभ मिलेगा। वर्तमान में हादसों के बाद घायलों को चंडीगढ़, पटियाला या रोहतक रेफर करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी और जान का जोखिम रहता है। क्रिटिकल केयर सेंटर के बनते ही यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। मरीजों को आराम हो जाएगा।
क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रस्तावित है। मिट्टी के सैंपल लिए गए थे और उनकी रिपोर्ट सकारात्मक आई है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र से 14 करोड़ रुपये का बजट मांगा है।
बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रस्तावित क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है। केंद्र सरकार को निर्माण कराना है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने 14 करोड़ रुपये के बजट की मांग भेजी है।
इस क्रिटिकल केयर सेंटर के लिए मिट्टी के सैंपल पास हो चुके हैं और फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी दो महीने पहले ही आ चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं हो सकी है।
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तीन बार बदली गई जगह, अब नए अस्पताल में निर्माण तय ः क्रिटिकल केयर सेंटर की लोकेशन को लेकर भी स्थिति अस्पष्ट रही। पहले इसे पुराने नागरिक अस्पताल में बनाने की योजना थी, फिर नए अस्पताल परिसर में शिफ्ट किया गया। अब अंततः नए अस्पताल परिसर में निर्माण की औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।
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इस सेंटर के बनने के बाद जिले के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सड़क हादसों, आपात सर्जरी या गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा यहीं पर उपलब्ध हो सकेगी। इस क्रिटिकल केयर सेंटर में आईसीयू से भी अधिक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सेंटर में विशेष रूप से एनस्थीसिया विशेषज्ञ, सर्जन और क्रिटिकल केयर फिजिशियन की नियुक्ति की जाएगी, जिससे जीवनरक्षक इलाज में तेजी लाई जा सके।
आसपास के जिलों को भी होगा लाभ ः कैथल जिले के अलावा, आसपास के इलाकों जैसे- कुरुक्षेत्र, जींद, करनाल आदि से भी गंभीर मरीजों को यहां पर लाभ मिलेगा। वर्तमान में हादसों के बाद घायलों को चंडीगढ़, पटियाला या रोहतक रेफर करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी और जान का जोखिम रहता है। क्रिटिकल केयर सेंटर के बनते ही यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। मरीजों को आराम हो जाएगा।
क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रस्तावित है। मिट्टी के सैंपल लिए गए थे और उनकी रिपोर्ट सकारात्मक आई है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र से 14 करोड़ रुपये का बजट मांगा है।
बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन