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सीवरेज में जहरीली गैस से एक की मौत, दो गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Thu, 30 Mar 2017 11:40 PM IST
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कैथल। जींद रोड बाईपास नाके पर करीब 20 फुट गहरे सीवर की सफाई कर के लिए उतरे तीन कर्मचारी जहरीली गैस चढ़ने से सीवरेज के अंदर ही बेहोश हो गए। जिसमें से एक कर्मचारी की मौत तो गई, वहीं दो की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के कारण विभाग में हड़कंप मच गया। बाद में आला अधिकारियों सहित सफाई कर्मचारियों के परिजनों का अस्पताल में तांता लग गया। देर सांय तक चले परिजनों के रोष प्रदर्शन के बाद पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार व जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
घटना सुबह करीब साढ़े दस बजे की है। ठेकेदार के अधीन काम कर रहे चार सफाई कर्मचारी जींद रोड बाईपास नाके पर सीवरेज की सफाई करने के लिए पहुंचे। सीवरेज का ढक्कन खोलने के बाद रस्सी के सहायता से सफाई कर्मचारी दीपक सबसे पहले सीवरेज के अंदर गया। करीब दस मिनट के बाद अंदर से आवाज आनी बंद हो गई। इसके बाद सफाई कर्मचारी विजय रस्सी की मदद से अंदर गया ओर वह भी जहरीली गैस चपेट में आ गया। जिसके कारण वह भी अंदर ही रह गया। इसके बाद सफाई कर्मचारी मोनू इसके अंदर गया ओर वह भी जहरीली गैस के चपेट में आ गया ओर उसकी भी अंदर जाने के बाद कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद सीवरेज के ऊपर खड़े संजय ने सीवरेज के अंदर काफी आवाज लगाई। लेकिन किसी भी कर्मचारी के अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर बाहर खड़े संजय ने आस-पास के लोगों को आवाज लगाई ओर नाके पर खड़ी क्रेन को लेकर आए। क्रे न द्वारा सीवरेज का बड़े ढक्कन को खोला गया। साथ ही फायर बिग्रेड की गाड़ी को बुलाया गया। फायर मैन राजेश व बलजीत ने सफाई कर्मचारियों को अंदर से बाहर निकाला। सफाई कर्मचारियों के सीवरेज के अंदर से करीब एक घंटे के बाद बाहर निकाला गया। मौके पर विभाग के एक्सईएन विनोद कुमार सिरोहा सहित कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
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जिंदा निकाल लिए गए थे तीनों कर्मचारी, अस्पताल में तोड़ा एक ने दम
फायर ऑफिसर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि फायरमैन की मदद से तीनों कर्मचारियों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया था। जिसके बाद अस्पताल में लेकर जाया गया। अस्पताल में पहुंचकर 32 वर्षीय दीपक की मौत को गई। जबकि विजय और मोनू की गंभीर हालत को देखते हुए उनको पीजीआई रेफर किया गया। जहां से परिजनों ने उनको निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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कर्मचारियों के पास नहीं था कोई सुरक्षा कवच
क्रेन पर कार्य करने वाले हरदीप चहल व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सफाई कर्मचारियों सीवरेज के अंदर जाने लिए कोई सुरक्षा कवच नहीं था। कोई बेल्ट नहीं लगाई हुई थी। आक्सीजन के लिए कोई गैस सिलेंडर नहीं था। जिसके कारण कर्मचारियों को यह परेशानी उठानी पड़ी है। उन्होंने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।
अस्पताल परिसर में हुआ हंगामा, शाम को हुआ मामला दर्ज
मृतक कर्मचारी के परिजन अस्पताल में दिन भर इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर भटकते रहे। परिजनों सहित साथी कर्मचारियों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। देर सांय इस मामले में अस्पताल में जमकर नारेबाजी हुई। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद सिरोहा ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु दुखद है। ठेकेदार की लापरवाही है। ठेकेदार को सभी आवश्यक उपाय करने चाहिए। ताकि जान-माल का नुकसान ना हो। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसएचओ रामचंद्र ने बताया कि पुलिस ने मृतक कर्मचारी की बहन उषा की शिकायत पर गांव पाड़ला निवासी सतपाल सिंह और छौत सहित विभाग के कार्यकारी अभियंता के दलशेर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।